नई दिल्ली। केंद्र सरकार एलपीजी सिलिंडर के जमाखोरी रोके आ घरेलू गैस के संकट टाले खातिर आवश्यक वस्तु अधिनियम (ECA) लागू कs देले बिया। सरकार के एह डेग के मकसद घर-घर में रसोई गैस के पर्याप्त उपलब्धता बनवले रखल आ कालाबाजारी पs लगाम लगावल बा।
सूत्रन के मोताबिक, ईसीए लागू होखला के बाद कुछ जरूरी सेक्टरन के एलपीजी आ दोसरा ईंधन के सप्लाई में खास प्राथमिकता दिहल जाई। एह में अस्पताल, स्कूल, सरकारी संस्थान आ आउर जरूरी सेवा से जुड़ल जगह सामिल बा। एकरा से एह सेक्टरन में गैस के कमी ना होखे दिहल जाई।
सरकार के कहनाम बा कि पिछिला कुछ महीना में एलपीजी सिलिंडर के जमाखोरी आ कालाबाजारी के घटना बढ़ गइल रहे। एही वजह से ई कानून लागू कइल गइल ताकि हालात के काबू में रखल जा सके आ आम जनता के राहत मिल सके।
ECA का ह?
आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (ECA) एगो अइसन कानून बा, जवना के मकसद जरूरी सेवा सभ के लगातार जारी रखल हs। एह कानून के तहत सार्वजनिक परिवहन, स्वास्थ्य सेवा आ आउर जरूरी सेवा के बाधित होखे से बचावल जाला, ताकि आम जनता के परेसानी ना होखे।
रिफाइनरियन के LPG उत्पादन बढ़ावे के निरदेस
सरकार घरेलू रसोई गैस के पर्याप्त उपलब्धता बनवले रखे खातिर तेल रिफाइनरियन के एलपीजी उत्पादन बढ़ावे के निरदेस देले बिया। ई फैसला पश्चिम एशिया में बढ़त तनाव के कारण संभावित सप्लाई बाधा के देखते लिहल गइल बा।
वित्त बरिस 2024-25 में भारत में एलपीजी के कुल खपत लगभग 3.13 करोड़ टन रहल, जबकि देस में खाली 1.28 करोड़ टन के उत्पादन भइल। बाकी जरूरत के एलपीजी बिदेस से आयात कइल गइल।
विशेषज्ञन के मोताबिक भारत करीब 85 से 90 प्रतिशत एलपीजी सऊदी अरब आ दोसरा देसन से आयात करेला। एह सप्लाई के बड़ हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आवेला।
पिछला करीब 11 दिन से ईरान, अमेरिका आ इस्राइल के बीच बढ़त तनाव के चलते ई जलमार्ग प्रभावित हो गइल बा। जदि हालात लमहर समय तक अइसही रहल तs गैस आ तेल के सप्लाई पs असर पड़ सकेला। एही संभावना के देखत सरकार अभी से डेग उठा रहल बिया, ताकि देस में रसोई गैस के कवनो संकट ना पैदा होखे।







