नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष के एकादशी तिथि पs कामदा एकादशी (Kamada Ekadashi 2025) व्रत कइल जाला। एह दिन भगवान विष्णु आ मां लक्ष्मी के विशेष पूजा-अर्चना करे के विधान बा। संगही जिनगी में खुसियन के आगमन खातिर व्रत कइल जाला।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, एह व्रत के कइला से साधक के सब पापन से मुक्ति मिलेला। एह अवसर पs तुलसी से जुड़ल उपाय कइला से साधक के किस्मत चमक सकेला आ मां लक्ष्मी प्रसन्न हो सकेली। अइसन में आईं जानल जावs तुलसी के उपाय के बारे में।
कामदा एकादशी 2026 डेट आ टाइम (Kamada Ekadashi 2026 Date and Time)
वैदिक पंचांग के गणना अनुसार, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष के एकादशी तिथि 28 मार्च के सबेरे 08 बजके 45 मिनट पs सुरू होई। ओहिजा, एह तिथि के समापन 29 मार्च के सबेरे 07 बजके 46 मिनट पs होई। अइसन में 29 मार्च के कामदा एकादशी व्रत कइल जाई।
आर्थिक तंगी होई दूर
आर्थिक तंगी से छुटकारा पावे खातिर कामदा एकादशी के दिन तुलसी के पूजा-अर्चना करीं। देसी घी के दीया जराके पवधा के 5 भा 7 बेर परिक्रमा लगाई। धार्मिक मान्यता के अनुसार, एह उपाय के कइला से आर्थिक तंगी के समस्या दूर होला आ धन से तिजोरी भरल रहेले।
वैवाहिक जिनगी होई खुसहाल
जदि राउर वैवाहिक जिनगी में तनाव बनल रहेला, तs अइसन में कामदा एकादशी के दिन ‘तुलसी नामाष्टक’ के पाठ करीं। एह उपाय के करे से पति-पत्नी के रिश्ता में खुसहाली आवेला आ वैवाहिक जिनगी हमेसा खुसहाल रहेला।
सब मुराद होई पूरा
भगवान विष्णु के किरपा प्राप्त करे खातिर कामदा एकादशी के दिन पूजा के दौरान तुलसी के माला से श्रीहरि के मंत्रन के जप करीं। प्रभु से जिनगी में सुख-शांति के प्राप्ति के प्रार्थना करीं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, एह उपाय के कइला से भगवान विष्णु प्रसन्न होलें आ साधक के सब मुराद पूरी होला।
करजा होई दूर
करजा से मुक्ति पावे खातिर एकादशी के सबेरे नहइला के बाद तुलसी के पूजा-अर्चना करीं। तुलसी के जड़ से माटी लेके अपना माथा पs तिलक लगाईं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, एह उपाय के सच्चा मन से कइला से करजा के समस्या से मुक्ति मिलेला आ मां लक्ष्मी के किरपा बनल रहेला।









