नई दिल्ली। अमेरिका के लॉस एंजिल्स के अदालत में इंस्टाग्राम आ फेसबुक के पेरेंट कंपनी मेटा के मालिक मार्क जुकरबर्ग के सामने कड़ा सवाल-जवाब भइल। सुनवाई के दौरान कोर्ट इंस्टाग्राम के लत आ उमिर वेरिफिकेशन के मुद्दा पs जुकरबर्ग से तीखा सवाल पूछलस।
कोर्ट पूछलस कि का मेटा के प्लेटफॉर्म जानबूझ के लईकन के लत में फंसा रहल बा आ ओकरा से नुकसान पहुंचा रहल बा? एह दौरान जुकरबर्ग बहुते असहज नजर अइलें। वकीलन के दलील सुनत घरी ऊ माथा हिलावत आ कइयन बेर उत्तेजित होखत लउकलें।
यूजर्स उमिर के लेके झूठ बोले ला
सुनवाई में जुकरबर्ग कहलें कि मेटा कम उमिर के यूजर पहिचाने में सुधार कइले बा। बाकिर ऊ इहो मनलें कि कइयन गो यूजर इंस्टाग्राम पs अकाउंट बनावत घरी आपन सही उमिर ना बतावेलें। जुकरबर्ग के कहनाम रहे कि कंपनी के जवन अकाउंट कम उमिर के लागेला, ओह सब के हटावे ला। ऊ कहलें, “हमेसा ई चाहत बानी कि ई काम जल्दी कs पाईं।”
‘9 साल के लईका शर्त पढ़ी?’
एह बयान पs वादी पक्ष के वकील पलटवार करत कहलें कि का 9 साल के लईका फाइन प्रिंट में लिखल लमहर-चौड़ा शर्त पढ़ पाई? 13 साल से कम उमिर के लईका खातिर प्लेटफॉर्म पs अनुमति बा कि ना, एह जिम्मेदारी से मेटा कइसे बच सकेला?
बार-बार एज वेरिफिकेशन पs सवाल उठला पs जुकरबर्ग कहलें, “हमरा समझ में नइखे आवत कि ई सब एतना जटिल काहे बा।”
पूरा ममिला का बा
ई ममिला कैलिफोर्निया के 20 साल के जुवती कैली जीएम से जुड़ल बा। कैली बचपने से सोशल मीडिया के बहुत जादे इस्तेमाल करत रहे। छव साल के उमिर में यूट्यूब, नव साल में इंस्टाग्राम, ओकरा बाद टिकटॉक आ स्नैपचैट इस्तेमाल सुरू कइलस। अब ओकरा गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्या हो रहल बा।
एह आधार पs मुकदमा दरज भइल बा। ई अमेरिका में सोशल मीडिया कंपनियन के खिलाफ दर्ज हजारन केस में पहिला अइसन ममिला हs, जहां अरबपति मालिक खुद जूरी के सामने शपथ लेके प्लेटफॉर्म पs मवजूद सुरक्षा बेवस्था के बचाव कइलस।
कोर्ट में जुकरबर्ग आखिर में कहलें कि एज वेरिफिकेशन के ममिला में मेटा अभी सही दिशा में आगे बढ़ रहल बा आ आगे चलके आउर नया टूल आ तरीका जोड़ल जाई।







