Share Bazar : शेयर बाजार में गिरावट के बीच भारतीय रुपिया के डॉलर के मुकाबले गिरल, 92.33 के निचला स्तर पs पहुंचल

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नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़त तनाव आ वैश्विक बाजार में उथल-पुथल के असर अब भारत पs साफ दिखाई दे रहल बा। शेयर बाजार में भारी गिरावट के संगे-संगे भारतीय रुपिया कमजोर हो गइल बा। सोमार 9 मार्च के दिन रुपिया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिर के 92.33 के अब तक के सबसे निचला स्तर पs पहुंच गइल।

सोमार के ट्रेडिंग के सुरुआत में रुपिया 92.20 प्रति डॉलर पs खुलल, जबकि पिछिला सत्र में ई 91.74 पs बंद भइल रहे। सुरुआती कारोबार में रुपिया आउर कमजोर हो गइल आ पिछिला हफ्ता के निचला स्तर 92.30 के पार कs गइल।

तेल के बढ़त दाम से बढ़ल दबाव

रुपिया में गिरावट के सबसे बड़ कारण कच्चा तेल के बढ़त दाम मानल जा रहल बा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के कीमत तेजी से बढ़ल बा, जवना के असर उभरत अर्थबेवस्था वाला देसन के करेंसी पs पड़ल बा।

सुक के 6 मार्च के मुकाबले रुपिया में 50 पईसा से जादे के गिरावट देखल गइल, जवन कइयन महीना में एक दिन के सबसे बड़ गिरावट में से एगो मानल जा रहल बा। युद्ध के माहौल के कारण ब्रेंट क्रूड तेल के कीमत करीब 26% बढ़ के 117 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गइल रहे। एशियाई बाजार में ई लगभग 116 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड होत रहल।

RBI के दखल के संभावना

मार्केट एक्सपर्ट के अनुसार, रुपिया में जादे उतार-चढ़ाव के रोके खातिर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) बिदेसी मुद्रा बाजार में दखल दे सकेला। कुछ ट्रेडर के माने के बा कि केंद्रीय बैंक बाजार खुले से पहिले डॉलर बेच के रुपिया के तनी संभारे के कोसिस कइले रहे।

भारत पs काहे पड़ेला जादे असर

भारत दुनिया के तीसरा सबसे बड़ कच्चा तेल आयात करे वाला देस बा। एही कारण से जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा हो जाला, तब भारत के अर्थबेवस्था पs सीधा असर पड़ेला।

तेल के कीमत डॉलर में तय होला, एह से जब रुपिया कमजोर हो जाला तs भारत के ओही मात्रा के तेल किने खातिर जादे पईसा चुकावे के पड़ेला। एही कारण से तेल के बढ़त दाम आ कमजोर रुपिया, दुनो मिलके देस के आर्थिक दबाव बढ़ा देला।

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