लाइफस्टाइल डेस्क। अक्सर लोग ई मान लेला कि जे फिट बा, रोज एक्सरसाइज करेला, सही खायेला आ जेकरा ना तs हाई बीपी बा ना डायबिटीज, ओह लोगन के हार्ट अटैक के खतरा ना होला। बाकिर हकीकत एतना आसान नइखे। बाहर से एकदम हेल्दी दिखे वाला आदमियो के हार्ट अटैक आ सकेला, आ अइसन कइयन गो ममिला सामने आ चुकल बा। सवाल बा- काहे?
हेल्दी रहला के बादो हार्ट अटैक काहे?
दिल के सेहत खाली लाइफस्टाइल पs निर्भर नइखे। कइयन गो अइसन रिस्क फैक्टर बा, जवन नजर से छुपल रह जाला। सबसे बड़ कारण बा जेनेटिक्स माने पारिवारिक इतिहास। जदि माता-पिता भा करीबी रिश्तेदारन के कम उमिर में दिल के बेमारी भइल बा, तs फिट रहला के बादो जोखिम बढ़ जाला।
उमिराे एगो अहम कारण बा। 40 साल के बाद हार्ट अटैक के खतरा धीरे-धीरे बढ़े लागेला। पुरुषन में ई जोखिम जल्दी लउकेला, जबकि मेनोपॉज के बाद महिला में खतरा जादे हो जाला।
कुछ इन्फ्लेमेटरी बेमारी जइसे सोरायसिस भा रूमेटॉइड आर्थराइटिसो दिल के नस (आर्टरी) के नुकसान पहुंचा सकेला। एकरा से प्लाक जमेला आ हार्ट अटैक के खतरा बढ़ जाला, भले आदमी फिटे काहे ना होखे।
का-का बा रिस्क फैक्टर?
एक्सरसाइज करे वाला लोगन में हाई कोलेस्ट्रॉल भा हाइपरटेंशन हो सकेला, जवन कइयन बेर बिना लक्षण के रह जाला। एकरा से 20 साल के बाद हर 4-6 साल में कोलेस्ट्रॉल जांच करावल जरूरी मानल जाला।
स्ट्रेसो एगो बड़, बाकिर नजरअंदाज होखे वाला कारण बा। लमहर समय तक तनाव रहल तs ब्लड प्रेशर आ कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाला, जवन हार्ट अटैक के जोखिम बढ़ावेला।
कवन-कवन चेतावनी संकेत मिलेला?
सीना में दबाव भा हल्का दरद, जबड़ा-गरदन-कंधा भा पीठ में दरद, अचानक सांस फूलल, एक्सरसाइज करत चक्कर आइल आ महिलन में बहुते थकान भा हल्का चेस्ट डिस्कम्फर्ट- ई सब हार्ट अटैक के संकेत हो सकेला।
बचाव कइसे करीं?
नियमित हेल्थ चेकअप कराईं, परिवारिक मेडिकल हिस्ट्री जानीं, स्ट्रेस कम करीं, धूम्रपान से दूरी रखीं आ हेल्दी डाइट अपनाईं- इहे दिल के सबसे बड़ सुरक्षा बा।







