[the_ad_group id="30365"]

कोर्ट दिहलस आदेश, दुष्कर्म के केस दर्ज करावे वाले गिरोह पर एक महीना में करीं कार्रवाई

[the_ad_placement id="above-content"]

Share

दुष्कर्म के फर्जी मुकदमा दर्ज करा के वसूली करे वाले गिरोह के विरुद्ध कार्रवाई के ले के हाईकोर्ट सख्त रुख अख्तियार कइले बा। कोर्ट एसएसपी के हलफनामा के स्वीकार करत एह प्रकरण में 19 दिसंबर ले कार्रवाई के निर्देश दिहलस।

एकरे पहिले हाईकोर्ट एसएसपी के तलब भी कइले रहनें, जेकरे बाद हलफनामा दाखिल कइल गइल। कोर्ट साफ कइलस कि दू सीओ के जांच रिपोर्ट चाहे फिर दर्ज केस के स्वतंत्र जांच कs के कार्रवाई कइल जाय।

जानकारी के मुताबिक, सात अगस्त 2022 के कैंट थाना में दुष्कर्म के फर्जी केस दर्ज करावे वाले गिरोह के विरुद्ध केस दर्ज कइल गइल रहे। लेकिन अभिन ले एह मामिला में कौनो कार्रवाई नाइ हो पवले बा। ई केस दू सीओ (कैंट अउर बांसगांव) के जांच रिपोर्ट के बाद दर्ज कइल गइल रहे। पुलिस केस त दर्ज कs लिहलस, लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछऊ नाइ कs पवले बा।

एही बीच आरोपी बनावल गइल लोग अक्तूबर में हाईकोर्ट गइल बानें। एही के बाद पूरे मामिला में दूनों सीओ के रिपोर्ट के अध्ययन के बादे हाईकोर्ट एसएसपी के तलब कइले रहनें अउर अब हलफनामा स्वीकार कs के 19 दिसंबर ले कार्रवाई के आदेश जारी कs दिहले बानें।

पीड़ित दर्ज करवले रहनें केस

कैंपियरगंज के खालिद के तहरीर पs पुलिस केस दर्ज कइले रहे। आरोप बा कि गिरोह में शामिल महिला लोग फर्जी मुकदमा दर्ज करा के लोग से वसूली करेली। उनकर शिकायत पs पहिले दू सीओ जांच कइले रहल, जांच रिपोर्ट में आरोप सही पावल गइले पर गैंग के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कइले रहे।

23 मई के सीओ सौंपले रहनें जांच रिपोर्ट

तत्कालीन एसएसपी डॉ. विपिन ताडा से पीड़ित खालिद शिकायत के रहल। एसएसपी के आदेश पर सीओ कैंट जांच कइलें अउर 23 मई 2022 के जांच रिपोर्ट एसएसपी के सौंप दिहले रहनें। एकरे बाद सीओ बांसगांव भी जांच कइलें अउर पवलें कि गिरोह के सदस्य एह तरह के काम कs रहल बानें। एकरे बाद उनकर रिपोर्ट भी आ गइल। बाद में एसएसपी के आदेश पर पुलिस एह मामिला में केस त दर्ज कs लिहलस लेकिन कार्रवाई नाइ हो पावल।

वरिष्ठ अधिवक्ता मृत्युंजय राज सिंह कहनें कि हाईकोर्ट दूनों सीओ के जांच रिपोर्ट के आधार मानत 19 दिसंबर ले कार्रवाई के आदेश जारी कs दिहले बानें। हाईकोर्ट के एह फैसला से पीड़ितन में न्याय के उम्मीद बढ़ल बा। एह पूरा मामिला में न्याय के लड़ाई जारी रही।

[the_ad_placement id="below-content"]

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
[the_ad_placement id="sidebar-1st"]
[the_ad_placement id="sidebar-2nd"]
[the_ad_placement id="sidebar-3rd"]