लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पs पहिला बेर खुल के आपन बात रखत साफ कइलें कि कवनो पद के गरिमा नियम आ परंपरा से तय होला। ऊ कहलें, “का कवनो आदमी अपना के मुख्यमंत्री, मंत्री भा कवनो दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष बताके प्रदेश में घूम सकेला? एगो बेवस्था बा, एगो प्रणाली बा आ सब केहू के ओकर पालन करे के पड़ी।”
मुख्यमंत्री कहलें कि शंकराचार्य के पद सनातन परंपरा में सर्वोच्च आ बहुत सम्मानित मानल जाला, बाकिर हर काम विधि-विधान आ मान्यता के मुताबिक होला। विद्वत परिषद से अधिकृत आदमी शंकराचार्य बन सकेला। “हर केहू अपना के शंकराचार्य लिखे के हकदार नइखे।”
विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पs धन्यवाद प्रस्ताव के समर्थन में बोलत मुख्यमंत्री कहलें कि आदि शंकराचार्य देस के चारो दिशा में चार पीठ के स्थापना कs के परंपरा के संस्थागत रूप देलें-उत्तर में ज्योतिष पीठ, दक्षिण में श्रृंगेरी, पूरब में जगन्नाथपुरी आ पश्चिम में द्वारिकापुरी।
चारो पीठ चार वेद- ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद आ अथर्ववेद से जुड़ल बा। आजो पीठ के परंपरा विद्वत परिषद आ तय मानक के आधार पs चलेला।
मुख्यमंत्री कहलें कि सदन खुद नियम आ परंपरा से चलेला आ कानून सब केहू खातिर बराबर बा। “मुख्यमंत्री के पद तक कानून से ऊपर नइखे। हमनी के संवैधानिक बेवस्था से जुड़ल बानी सs, ओकर पालन करे के जानत बानी आ करवावहू के।”
मुख्यमंत्री बतवलें कि माघ मेला में मौनी अमावस्या के दिन करीब 4.50 करोड़ श्रद्धालु पहुँचल रहन। अइसन में कवनो आदमी अगर निकास द्वार से प्रवेश करे के कोशिश करेला त श्रद्धालुन के जान पर खतरा बन सकेला आ भगदड़ मच सकेला।
ऊ सवाल उठवलें, “कवनो जिम्मेदार आदमी बेवहार कइसे कs सकेला?” मुख्यमंत्री समाजवादी पार्टी पs लोगन के गुमराह करे के आरोप लगावत कहलें कि जदि ऊ व्यक्ति वाकई शंकराचार्य रहित, तs वाराणसी में उनका ऊपर लाठीचार्ज आ एफआईआर रउआ लोग काहे दर्ज करवनी? रउआ नैतिकता के बात करत बानी? पूजे के बा तs पूजीं, बाकिर हमनी के मर्यादित लोग बानी सs, कानून के शासन में विश्वास रखत बानी सs।”
मुख्यमंत्री कहलें कि एसआईआर आ लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर से जुड़ल ममिला में सपा भरम फइलावे के काम कइले बिया0। विपक्ष से ऊ कहलें, “लोगन के गुमराह करे के बजाय देस के बारे में सोचे के सुरू करीं।”
आस्था आ विकास साथ-साथ
मुख्यमंत्री आरोप लगवले कि सपा राम मंदिर अयोध्या, काशी विश्वनाथ धाम आ मथुरा-वृंदावन के विकास के विरोध कइलस। सपा सरकार में जन्माष्टमी जइसन पर्व के आयोजन पs रोक लागल, कांवड़ यात्रा बाधित भइल आ अयोध्या के 84 कोसी परिक्रमा रोक दिहल गइल।
ऊ कहलें, “सनातन आस्था के केहू कैद नइखे कर सकत।” प्रदेश के पुनर्जागरण मॉडल में आस्था आ विकास दुनो साथे बा। दीपोत्सव आ रंगोत्सव जइसन आयोजनन से करोड़न लोग जुड़ रहल बा आ एकरा से प्रदेश के जीडीपी में बढ़न्ती भइल बा।
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