नई दिल्ली। दिल्ली में चल रहल पांच दिन के इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दूसरका दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहलें कि एह शिखर सम्मेलन के मुख्य उद्देश्य ई पता लगावल बा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के इस्तेमाल आम जनता आ समाज के हर तबका के फायदा खातिर कइसे कइल जा सके। पीएम मोदी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पs पोस्ट करत लिखलें कि बुद्धिमत्ता, तर्क आ सही फैसला लेवे के क्षमता विज्ञान आ तकनीक के जनता खातिर उपयोगी बनावेला। एह समिट के मकसदो इहे बा कि एआई के लाभ सब तक पहुंचे।
India AI Impact Expo 2026 was a powerful convergence of ideas, innovation and intent.
It showcased the extraordinary potential of Indian talent in shaping the future of Artificial Intelligence for global good.
Above all, it reaffirmed our commitment to harnessing AI… pic.twitter.com/jfVWCP4BHh
— Narendra Modi (@narendramodi) February 17, 2026
ग्लोबल साउथ में एआई पs पहिला बड़ सम्मेलन
16 फरवरी से सुरू भइल एह सम्मेलन में दुनिया भर से राष्ट्राध्यक्ष, सरकार प्रमुख, मंत्री, वैश्विक टेक लीडर, नामी शोधकर्ता, बहुपक्षीय संस्थान आ उद्योग जगत के लोग सामिल भइल बाड़ें। एह मंच पs एआई के मदद से समावेशी विकास, सार्वजनिक बेवस्था के मजबूती आ सतत विकास पs गहिराह विमर्श हो रहल बा। खास बात ई बा कि एआई पs अइसन बड़ वैश्विक सम्मेलन पहिला बेर ग्लोबल साउथ में हो रहल बा, जवन भारत के भूमिका के आउर मजबूत करत बा।
20 फरवरी के होई समापन
पांच दिन के ई शिखर सम्मेलन 20 फरवरी के खतम होई। एमे 100 से जादे सरकारी प्रतिनिधि, 20 से जादे राष्ट्राध्यक्ष, 60 मंत्री आ उप-मंत्री सामिल बाड़ें। संगही 500 से जादे वैश्विक एआई लीडर, सीईओ, फाउंडर, शिक्षाविद आ शोधकर्ता भाग ले रहल बा लोग। 19 फरवरी के पीएम मोदी उद्घाटन भाषण दीहे, जवन जिम्मेदार आ समावेशी एआई खातिर भारत के वैश्विक सोच के सामने रखी।
सम्मेलन के प्रमुख आकर्षण
एह समिट के खास आकर्षण तीन वैश्विक चुनौती बा- एआई फॉर ऑल, एआई बाय हर आ युवएआई। 60 से जादे देसन से 4650 से जादे आवेदन आइल, जवना में से कड़ा जांच के बाद टॉप 70 टीम फाइनलिस्ट बनल बाड़ी सs।
18 फरवरी के हैदराबाद इस्थित आईआईटी हैदराबाद के सहजोग से एआई पs शोध संगोष्ठी हो रहल बा। एमे एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार कारिस आ केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव सामिल बाड़ें। एह संगोष्ठी में एआई, सुरक्षा, शासन ढांचा आ ग्लोबल साउथ में शोध सहजोग जइसन मुद्दन पs गहिराह चरचा कइल जा रहल बा।






