सृजन-संवाद के110वां गोष्ठी गीतकारन के जादुई संसार

Anurag Ranjan

सृजन-संवाद के 110वां गोष्ठी गीतकारोन के जादुई संसार

साहित्य-सिने-कला संस्था ‘सृजन-संवाद’ के 110वां गोष्ठी सिने-गीतकारों पs केन्द्रित रहल। वक्ता, श्रोता-दर्शक लोगन के स्वागत करत विजय शर्मा बतवले कि ‘सृजन संवाद’ पिछिला 11 बरिस से साहित्य, सिनेमा आ अलग-अलग कला पs कार्यक्रम करत आपन एगो अलग पहचान बना चुकल बा। आज हमनी के सिने-जगत के प्रतिभा पs चरचा करे ला जुतल बानी सs । ‘गीतकारन के जादुई संसार’ के रूस से इंद्रजीत सिंह, जमशेदपुर से अहमद बद्र आ शाहिद अनवर साकार कइल। गीतकार शैलेंद्र पs किताब लिख चुकल आ  शैलेंद्र सम्मान के संस्थापक इंद्रजीत सिंह शैलेंद्र के गीतन के विशेषता बतावत कहले कि उनका गीतन में संवेदनशीलता, लय आ सरलता तीनों गुण एक संगे मिलेला। उनका इहाँ हमेनी के इश्क, इंकलाब आ आग-राग मिलेला। उ  प्रतिरोध के कवितो प्रेम के आह्वाहन संगे ओरवावे ले।  ऊ कालजयी सिने-गीत लिखले आ  उनके गीतन के चलते फिलिम कालजयी हो गइली सs।

 

साहिर लुधियानवी के संसार के जानकार अहमद बद्र साहिर आ साहिर के जमाना के जगा देले, ऊ सबका के साहिर के फिलमी सफर पs ले गइले। ऊ बतवले  कि उर्दु-हिन्दी में समान दखल रखे आला साहिर के फिलिमन के गीत के किताब ‘गाता जाए बंजारा’ नाव से प्रकाशित बा। ऊ गीतन के रचना चरित्रन के मोतबिक करस। ऊ ओह मुकाम के हासिल कइले कि ऊ अपना ला आउर बकिए  गीतकारन ला नाम आ  नामा के जोगाड़ कs  गइले। ऊ साफ-सुथरा रोमांस के गीत लिखस। गानन के मुखड़न से अहमद बद्र  साहिर के अलग-अलग रंग्न  से परिचे करवले।

रेडियो के जानल-मानल एंकर शाहिद अनवर तीसरका वक्ता का रूप में दर्शक/श्रोता के आनंद बक्शी के जादुई संसार के आनंद बक्शले। ऊ ना खाली आनंद बक्शी से परिचे करवले बलुक गीतन के मुखड़ा सुना के महफ़िल जमा देले। उनका अनुसार आनंद बक्शी खाली गीतकारे ना रहस बलुक ऊ गीतो गावस। आनंद बक्शी आशु गीतकार रहस, धुन आ सिचुएशन के मोताबिक तुरंत गीत लिख सके में सफल रहस। शाहिद अनवर आनंद बक्शी के अलग-अलग मवसम के गीत सुनवले।

इंद्रजीत सिंह के अजय मेहताब, अहमद बद्र के अंजु आ शाहिद अनवर के परिचे गीता दुबे ने देली। धन्यवाद ज्ञापन के जिम्मेदारी बैंग्लोर से परमानंद रमण बखूबी निभवले। विजय शर्मा  वक्ता लो के कथन पs टिप्पणी करते कार्यक्रम के संचालन कइले।

गूगल मीट पs ‘सृजन संवाद’ के  110वां गोष्ठी में देश-विदेश से साहित्य-सिने-प्रेमी शामिल भइल लो।  रूस से इंद्रजीत सिंह, देहरादून से मनमोहन चड्ढ़ा, दिल्ली से रश्मि रावत, अहमदाबाद से प्रणवा भारती, अजय शर्मा, भावनगर से महेंद्रसिंह परमार, वर्धा से डॉ. अमरेंद्र कुमार शर्मा, बैंग्लोर से पत्रकार अनघा, कलाकार परमानंद रमण, उषा चौबे, जमशेदपुर से डॉ. मीनू रावत, डॉ. रुचिका तिवारी, डॉ. नेहा तिवारी, सत्य चैतन्य, ज्योत्सना अस्थाना, शैलेंद्र अस्थाना, दीपिका कुमारी, खुशबू राय, अर्चना अनुपम, आभा विश्वकर्मा, राँची से वैभव मणि त्रिपाठी, डॉ. क्षमा त्रिपाठी, लखनऊ से डॉ. मंजुला मुरारी, गोमिया से प्रमोद कुमार बर्णवाल, बनारस से जयदेव दास आदि ने भाग लेलस लो।

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सिविल इंजीनियर, भोजपुरिया, लेखक, ब्लॉगर आ कमेंटेटर। खेल के दुनिया से खास लगाव। परिचे- एगो निठाह समर्पित भोजपुरिया, जवन भोजपुरी के विकास ला लगातार प्रयासरत बा। खबर भोजपुरी के एह पोर्टल पs हमार कुछ खास लेख आ रचना रउआ सभे के पढ़े के मिली। रउआ सभे हमरा के आपन सुझाव anuragranjan1998@gmail.com पs मेल करीं।