रोहतासः कोरोना मेटावे खातिर संकल्पित सरकार बहुत बड़ पैमाना पर देश भर में COVID-19 वैक्सीनेशन अभियान चलावत बिया। सरकार लोगन से लगातार एह बात के अपील भी करत बिया कि अधिका से अधिका लोग वैक्सीन लगवावस आ देश से कोरोना के खदेरस, बाकिर एह सब के बीच कुछ अइसन मामला सामने आवत बा, जेकरा से लागत बा कि सरकार के ई संकल्प कबो पूरा ना हो पाई। ताजा मामला जिला के नोखा प्रखंड से सामने आइल बा, जहां बिना वैक्सी लीहले सर्टिफिकेट जारी हो गइल बा। मामला के केहू दोसर ना, बल्कि JDU के ही एगो स्थानीय नेता विजय सेठ उजागर कइले बाड़न। हालांकि, मामला के उजागर भइला के बाद स्थानीय प्रशासन हरकत में आइल और अब ओकरा में सुधार भी कइल जा चुकल बा।
वैक्सीनेशन में गड़बड़ी के उजागर करे खातिर ऊ आपन बनावल एगो व्हाट्सप ग्रुप में एगो सर्टिफिकेट भी डलले बाड़न। उनका मुताबिक ऊ वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट स्थानीय निवासी प्रोफेसर श्यामलाल सिंह के ह। विजय सेठ के कहनाम बा कि प्रोफेसर श्यामलाल सिंह अभी तक कोरोना के वैक्सीन लेलहीं नइखन, बाकिर उनकर वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट जारी हो गईल बा। फर्जी सर्टिफिकेट के फोटो के साथ ही ऊ आपन ग्रुप से जुड़ल पत्रकार लोग से अपील कइले बाड़न कि सब लोग मिल के बिहार में होखे वाला वैक्सीन घोटाला के उजागर करो।
पत्रकार बंधु करस बिहार में वैक्सीन घोटाला के पर्दाफास- JDU नेता
विजय सेठ लिखले बाड़न,’ बिना वैक्सीन लिहले प्रोफेसर श्यामलाल सिंह जी के कइसे सर्टिफ़िकेट मिल गइल बा। पत्रकार भाई लोग एकर जांच पड़ताल करो।। आगे ऊ लिखले बाड़न, ‘बहुत लोगों के साथ ऐसा हुआ है। इसका पर्दाफास होना चाहिए। यह बहुत बडा वैक्सीन घोटाला है। नोखा के लिए कलंक है। आप सब पत्रकार बन्धु ही इसको मिटा सकते हैं।‘
बिहार में पहिले भी वैक्सीन घोटाला के मामला हो चुकल बा उजागर
बता दीं कि बिहार में COVID-19 Vaccine घोटाला से जुड़ल ई कवनो पहिलका मामला ना ह, एकरा पहिले भी प्रदेश के कई हिस्सा से अइसन मामला उजागर हो चुकल बा। कुछ दिन पहिले सुपौल के त्रिवेणीगंज के रहेवाली 18 वर्षीय स्वीटी प्रिया के साथ अइसन हो चुकल बा। उनका के बगैर वैक्सीन लगवले ही सर्टिफिकेट मिल गइल रहे। त्रिवेणीगंज बाज़ार के लालपट्टी वार्ड नम्बर-15 निवासी सुमित कुमार के साथ भी अइसने भइल रहे। सारण जिला में अइसन मामला सामने आइल रहे। हालांकि एह सब मामला के उजागर भइला के बाद स्वास्थ्य महकमा आ स्थानीय प्रशासन हरकत में आइल और गड़बड़ी में सुधार कइल गइल। सब केहु के Vaccine मिल चुकल बा।