गोरखपुर: साइको टेस्ट में फेल होखले पर भी लोको पायलट मिल सकsता एगो अउर मौका

कुमार आशू

रेड सिग्नल के पार कइले पs दंडित लोको पायलट (ट्रेन के चालक) के फिर से ड्यूटी करे खातिर एक से ज्यादा साइको टेस्ट के मौका मिल सकsता। अभिन ले एक बेर ही टेस्ट के अवसर मिलत रहल, लेकिन रेलवे बोर्ड रेल यूनियन के मांग पर पहल कइले बा सब जोनल रेलवे से एह संबंध में एक पखवाड़ा में सुझाव मंगले बा।

दरअसल, सिग्नल पास्ड एंड डेंजर (स्पॉड) के मामिला में शामिल लोको पायलट के रनिंग ड्यूटी पर वापस लवले से पहिले साइको टेस्ट देवे के पड़sला। कुछ रेलवे के यूनियन एह संबंध में साइको टेस्ट फेल होखले पs अउर अवसर देवे के मांग के रहल। हालांकि, एके ले के कुछ जोनल रेलवे के मत एकरे खिलाफ बा।

उनकर मानल बा कि रनिंग स्टॉफ के मनोवैज्ञानिक परीक्षण खातिर खाली प्रयास के अनुमति देवे के चाहीं। अगरकर्मचारी मनोवैज्ञानिक परीक्षण में विफल रहsता, त ओके रनिंग ड्यूटी से निकाल के नॉन रनिंग ड्यूटी में तैनात करे के जाए के चाहीं। रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक सुरक्षा-द्वितीय कैलाश प्रसाद यादव 14 नवंबर 2022 के सब क्षेत्रीय रेलवे के महाप्रबंधकन के पत्र लिख के उनकर विचार मंगले बानें।

मानल जा रहल बा कि रेलवे बोर्ड एह मामिला में लोको पायलटन के साथ सहानुभूतिपूर्ण निर्णय ले सकsता। जेकरे बाद उनके साइको टेस्ट फेल होखले के बाद दूसर मौका भी दिहल जाई। एह संबंध में पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के महामंत्री विनोद राय के कहनाम बा कि रेलवे बोर्ड के साथ नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवे के बइठक में एह मुद्दा के उठावल गइल रहे। लोको पायलट के फेल होखले के बाद साइको टेस्ट खातिर एगो अउर अवसर मिले के चाहीं।

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