बस्तर। छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाका में आज बड़ घटनाक्रम सामने आइल बा। बस्तर आईजी सुंदरराज पी बतवलें कि बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में “पूना मारगेम” (पुनर्वास से पुनर्जीवन) पहल के तहत कुल 108 माओवादी कैडर आज आत्मसमर्पण कs रहल बा लोग।
बतावल जा रहल बा कि ई सब माओवादी समाज के वरिष्ठ लोग, पुलिस अधिकारी, केंद्रीय सुरक्षा बल आ जिला प्रशासन के अफसरन के मवजूदगी में हथियार छोड़ के समाज के मुख्यधारा में वापस जुड़ रहल बा।
भारी मात्रा में नक्सली डंप बरामद
बस्तर आईजी के अनुसार, एह दौरान सुरक्षाबलन के हाथे बड़ सफलता लागल बा। नक्सली ठिकाना से भारी मात्रा में डंप सामग्री बरामद कइल गइल बा।
सुंदरराज पी बतवलें कि हिंसा छोड़ के समाज में वापस आवे वाला माओवादी कैडर से मिलल जानकारी के आधार पs अब तक के सबसे बड़ नक्सली डंप बरामदगी कइल गइल बा। ई बरामदगी नक्सल विरोधी अभियान के इतिहास में बहुते महत्वपूर्ण मानल जा रहल बा।
बीजापुर जिला सहित बस्तर रेंज के कइयन जिला से बरामद कइल गइल नक्सली डंप सामग्री के जगदलपुर रेंज मुख्यालय में आयोजित सरेंडर आ पुनर्वास कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शित कइल जाई। जानकारी के मोताबिक, ई पूरा कार्यक्रम दुपहरिया करीब 2 बजे पुलिस अधिकारियन के मवजूदगी में पूरा होई।
नक्सलवाद खत्म करे के बा लक्ष्य
छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाका में करीब चार दशक से माओवादी संगठन सक्रिय रहल बा। अब केंद्र सरकार आ सुरक्षाबल एह समस्या के पूरा तरे खत्म करे के दिशा में तेजी से काम कs रहल बा।
देश के गृहमंत्री अमित शाह बस्तर में नक्सलवाद खत्म करे खातिर 31 मार्च 2026 तक के लक्ष्य तय कइले बाड़ें। एह डेडलाइन के धेयान में रखत सुरक्षाबल लगातार अभियान चला रहल बा।
एक ओर जवान नक्सलियन के कोर इलाका में पहुंच के ऑपरेशन चला रहल बा लोग, तs दोसरा ओर कइयन गो माओवादी संगठन के सदस्य हथियार छोड़ के मुख्यधारा में लवट रहल बा लोग। विशेषज्ञ मानत बा लोग कि लगातार हो रहल सरेंडर से बस्तर इलाका में नक्सलवाद कमजोर पड़त जा रहल बा।्र
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