Lok Sabha Election : का रोहिणी आचार्य के नामांकन रद्द हो जाई? गलत जानकारी के चलते पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर

By Anurag Ranjan

Published on: May 17, 2024

याचिकाकर्ता नृपेंद्र कुमार चतुर्वेदी रोहिणी के नामांकन के रिटर्निंग ऑफिसर के ओर से स्वीकार करे के चुनौती देले। उ कहले कि रोहिणी के नामांकन गैरकानूनी बा। उ अपना नामांकन में संपत्ति समेत बहुत बात के

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याचिकाकर्ता नृपेंद्र कुमार चतुर्वेदी रोहिणी के नामांकन के रिटर्निंग ऑफिसर के ओर से स्वीकार करे के चुनौती देले। उ कहले कि रोहिणी के नामांकन गैरकानूनी बा। उ अपना नामांकन में संपत्ति समेत बहुत बात के जिक्र नइखी कइले।

सारण लोकसभा सीट के उम्मीदवार आ राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बेटी रोहिणी आचार्य के खिलाफ पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर कइल गइल बा । याचिकाकर्ता रोहिणी के नामांकन रद्द करे के मांग कइले बाड़े। याचिकाकर्ता नृपेंद्र कुमार चतुर्वेदी रोहिणी के नामांकन के रिटर्निंग ऑफिसर के ओर से स्वीकार करे के चुनौती देले। उ कहले कि रोहिणी के नामांकन गैरकानूनी बा। उ अपना नामांकन में संपत्ति, घर के पता, नागरिकता समेत बहुत कुछ के जिक्र नइखी कइले।

दावा- लोकसभा चुनाव लड़ने के अयोग्य रोहिणी

याचिकाकर्ता नृपेन्द्र कुमार चतुर्वेदी कहले कि रोहिणी आचार्य के पासपोर्ट प अभी तक कवनो जांच नइखे भइल। सात साल से अधिका समय तक उ सिंगापुर में रहली। उहाँ के नागरिकता मिलल बा कि ना? उ भारतीय नागरिकता प भी सवाल उठवले। याचिकाकर्ता कहले कि रोहिणी आचार्य हमनी के देश के संविधान के अनुच्छेद 84 आ 102 के तहत लोकसभा चुनाव लड़े के अयोग्य बाड़ी। एहसे एह मामिला के गंभीरता से लेबे के चाहीं ।

हलफनामा में बहुत गलत तथ्य लिखल बा

याचिकाकर्ता नृपेंद्र कुमार चतुर्वेदी इहो आरोप लगवले कि सारण लोकसभा सीट से राजद उम्मीदवार अपना नामांकन पत्र के संगे दाखिल हलफनामा में बहुत गलत तथ्य लिखले बाड़ी। उ आपन घर के पता सारण चाहे पटना नइखी देले। एकरा अलावे उनका संपत्ति के विवरण, आयकर के विवरण आ बैंक खाता में जमा राशि के भी गलत तरीका से दिहल गइल बा। संगही दावा कइलस कि रोहिणी आचार्य नामांकन आ हलफनामा में सिंगापुर के मकान, आय आ निवास के जगह के ब्यौरा से जुड़ल तथ्य के दबा देले बाड़ी। याचिकाकर्ता साफ-साफ लिखले कि ए सभ बात के जान के सारण लोकसभा सीट के रिटर्निंग ऑफिसर ए सभ तथ्य के जांच कइले बिना रोहिणी के नामांकन पत्र स्वीकार क लेले। उ कहले कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के धारा 36 के तहत रोहिणी आचार्य के नामांकन स्वीकार करे से पहिले हलफनामा के जाँच कइल जरूरी बा।

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