मुस्कान-साहिल के मृत्युदंड: पति के हत्या कांड में कम सजा खातिर गिड़गिड़इली मुस्कान, प्रेमी साहिल भी मांगलस रहम

By Gaurav Mani Tripathi

Published on: 5 घंटे पहले

मेरठ नीला ड्रम हत्याकांड: उत्तर प्रदेश के मेरठ में सौरभ राजपूत हत्याकांड के मामला में अदालत मुस्कान रस्तोगी आ साहिल शुक्ला के मृत्युदंड सुनवले बिया। दिहल गइल जानकारी के मोताबिक, सजा सुनावे से पहिले दुनो

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मेरठ नीला ड्रम हत्याकांड: उत्तर प्रदेश के मेरठ में सौरभ राजपूत हत्याकांड के मामला में अदालत मुस्कान रस्तोगी आ साहिल शुक्ला के मृत्युदंड सुनवले बिया। दिहल गइल जानकारी के मोताबिक, सजा सुनावे से पहिले दुनो दोषी अदालत से कम सजा देवे के अपील कइलें। मुस्कान अपना छोट बेटियन के हवाला देत नरमी के गुहार लगवली, जबकि साहिल भी अदालत से कम से कम सजा देवे के अनुरोध कइलस।

बेटियन के हवाला देके मुस्कान मांगलस रहम

सजा के एलान से पहिले जज अरविंद कुमार मिश्रा के अदालत में जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुस्कान आ साहिल के पेश कइल गइल। सुनवाई के दौरान अदालत मुस्कान से पूछलस कि जब ऊ अपना पति सौरभ राजपूत के हत्या के दोषी साबित हो चुकल बिया, त अपना खातिर कवन सजा चाहत बिया।

एह सवाल पर मुस्कान अपना दुनो छोट बेटियन के हवाला देत कम सजा देवे के अपील कइलस। ओकर कहना रहे कि ओकर दुनो बेटी अभी बहुत छोट बाड़ी स आ ओह लोग के देखभाल के ध्यान राखल जाए। मुस्कान अदालत से अपना सजा में नरमी बरते के गुहार लगवली।

एकरा बाद अदालत साहिल शुक्ला से ओकर पक्ष पूछलस। साहिल भी कम सजा देवे के अपील कइलस। खबर के मोताबिक, फैसला सुनावे के दौरान दुनो के भावुक होखे के बात सामने आइल।

का रहे मेरठ के नीला ड्रम हत्याकांड?

ई मामला 3 मार्च 2025 के सामने आइल रहे आ एकरा से पूरा मेरठ में सनसनी फइल गइल रहे। सौरभ राजपूत के हत्या के बाद उनकर शव के कई टुकड़ा में काट के एगो नीला ड्रम में रखे के आरोप रहे। बतावल गइल कि सबूत छिपावे खातिर शव के ड्रम में भर के सील कर दिहल गइल रहे।

मामला के केंद्र में सौरभ के पत्नी मुस्कान रस्तोगी आ साहिल शुक्ला रहलें। पुलिसिया जांच में दुनो के भूमिका सामने आवे के बाद मामला के खूब चर्चा भइल। कथित प्रेम संबंध के चलते हत्या के साजिश रचला के आरोप एह मामला के अउरी गंभीर बना दिहलस।

अदालत सुनवलस मृत्युदंड

सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत दुनो के दोषी मानत मृत्युदंड के सजा सुनवले बिया। सजा से पहिले कम सजा के अपील कइला के बावजूद अदालत के फैसला दुनो खातिर बेहद गंभीर साबित भइल।

ई मामला एक बेर फेर सवाल उठावत बा कि निजी संबंध में उपजल विवाद के अंजाम केतना भयावह हो सकेला। हालांकि, सजा के खिलाफ अपील आ आगे के कानूनी प्रक्रिया के स्थिति के पुष्टि आधिकारिक अदालती जानकारी से कइल जाए के चाहीं।

नोट: एह खबर के विवरण उपलब्ध करावल गइल जानकारी पर आधारित बा। प्रकाशित करे से पहिले अदालत के फैसला आ सजा से जुड़ल ताजा आधिकारिक जानकारी के पुष्टि जरूर करीं।

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