Allahabad : यूपी पंचायत चुनाव: हाईकोर्ट के तीन महीना में चुनाव करावे के निर्देश, सरकार कर सकेले अपील I

By Gaurav Mani Tripathi

Published on: 4 घंटे पहले

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव के लेके इलाहाबाद हाईकोर्ट एगो अहम फैसला सुनवले बा। कोर्ट राज्य सरकार के तीन महीना के भीतर ग्राम पंचायत चुनाव करावे के निर्देश देले बा। हालांकि, पिछड़ा वर्ग आयोग के

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उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव के लेके इलाहाबाद हाईकोर्ट एगो अहम फैसला सुनवले बा। कोर्ट राज्य सरकार के तीन महीना के भीतर ग्राम पंचायत चुनाव करावे के निर्देश देले बा। हालांकि, पिछड़ा वर्ग आयोग के रिपोर्ट अबहीं ले लंबित होखे आ प्रशासनिक तैयारी पूरा ना होखे के चलते चुनाव करावे के राह आसान नइखे लउकत। एह बीच सरकार एह फैसला के खिलाफ अदालत में अपील करे पर विचार कर सकेले।

तीन महीना के भीतर चुनाव करावे के निर्देश
इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अजीत कुमार आ न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद के खंडपीठ बुधवार के ग्राम पंचायत चुनाव से जुड़ल याचिका पर सुनवाई करत ई निर्देश देलस। ई याचिका प्रयागराज के इम्तियाज हुसैन आ अन्य लोग समय पर पंचायत चुनाव करावे के मांग के साथ दायर कइले रहले।

कोर्ट के आदेश के मुताबिक, जबले नया चुनाव पूरा ना हो जाला, तबले निवर्तमान ग्राम प्रधान प्रशासक के रूप में काम करत रहीहें। एह फैसला के बाद राज्य में पंचायत चुनाव के प्रक्रिया आ ओकर समय-सीमा के लेके चर्चा तेज हो गइल बा।

सरकार के सामने कई गो चुनौती
राज्य सरकार के सामने पंचायत चुनाव करावे में कई गो कानूनी आ प्रशासनिक अड़चन बा। सरकार पहिले भी चुनाव के तैयारी आ ओकर समय-सीमा के बारे में आपन पक्ष रख चुकल बिया। कुछ जगह प्रशासक नियुक्त कइल गइल बाड़ें। अइसन स्थिति में तय समय के भीतर पूरा चुनाव प्रक्रिया संपन्न करावल सरकार खातिर चुनौतीपूर्ण हो सकेला।

एह मामला में इलाहाबाद हाईकोर्ट के लखनऊ खंडपीठ में भी अलग से सुनवाई चल रहल बा। अलग-अलग कानूनी प्रक्रिया आ प्रशासनिक तैयारी के चलते चुनाव के तारीख तय करे में परेशानी हो सकेले।

पिछड़ा वर्ग आयोग के रिपोर्ट अबहीं बाकी
पंचायत चुनाव में आरक्षण तय करे खातिर पिछड़ा वर्ग आयोग के रिपोर्ट के महत्वपूर्ण भूमिका होला। खबर के मुताबिक, आयोग के रिपोर्ट अबहीं तक सरकार के ओर से अदालत में प्रस्तुत नइखे कइल गइल।

रिपोर्ट लंबित रहला के चलते आरक्षण संबंधी प्रक्रिया आ चुनाव के तैयारी पर असर पड़ सकेला। रिपोर्ट के बिना आगे बढ़े से कानूनी विवाद पैदा होखे के आशंका भी रहेला। एह कारण सरकार के सामने समय पर चुनाव करावे के चुनौती अउरी बढ़ गइल बा।

फैसला के खिलाफ अपील कर सकेले सरकार
सूत्रन के मुताबिक, प्रशासनिक तैयारी आ कानूनी अड़चन के चलते सरकार एह फैसला के खिलाफ अदालत में अपील कर सकेले। हालांकि, अपील कइल जाई कि ना, एह बारे में अंतिम फैसला सरकार के रुख पर निर्भर करी।

अगर सरकार अपील करेले, त आगे के प्रक्रिया अदालत के सुनवाई आ आदेश पर निर्भर करी। एहसे पंचायत चुनाव के समय-सारणी पर आगे भी नजर बनल रही।

विधानसभा चुनाव के भी बा प्राथमिकता
प्रशासनिक आ राजनीतिक हलका में विधानसभा चुनाव के तैयारी भी एगो अहम मुद्दा बा। प्रदेश में विधानसभा चुनाव के तय समय के हिसाब से करावल सरकार खातिर प्राथमिकता हो सकेला। अइसन में पंचायत चुनाव के तैयारी, आरक्षण प्रक्रिया आ विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम के बीच तालमेल बइठावल जरूरी होई।

फिलहाल पंचायत चुनाव के अगिला कदम सरकार के फैसला, पिछड़ा वर्ग आयोग के रिपोर्ट आ अदालत के आगे के आदेश पर निर्भर करी। गांव के मतदाता अब चुनाव के तारीख आ अगिला आधिकारिक घोषणा के इंतजार करत बाड़ें।

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