Lalit Modi: सुप्रीम कोर्ट से ललित मोदी के झटका, बीसीसीआई से ईडी का जुर्माना भरे के मांग वाली याचिका खारिज

By Anurag Ranjan

Published on: Jun 30, 2025

स्पोर्ट्स डेस्क। उच्चतम न्यायालय ललित मोदी के ओह याचिका के खारिज कs दिहल, जेमे उ फेमा के उल्लंघन खातिर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उनका ऊपर लगावल गइल 10.65 करोड़ रुपिया के जुर्माना बीसीसीआई के अदा

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स्पोर्ट्स डेस्क। उच्चतम न्यायालय ललित मोदी के ओह याचिका के खारिज कs दिहल, जेमे उ फेमा के उल्लंघन खातिर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उनका ऊपर लगावल गइल 10.65 करोड़ रुपिया के जुर्माना बीसीसीआई के अदा करे के निरदेस देवे के अनुरोध कइले रहस। हालांकि, न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा आ न्यायमूर्ति आर महादेवन के पीठ कहलस कि ललित मोदी के कानून के अनुसार उपलब्ध उपायन के लाभ प्राप्त करे के अधिकार होई।

पिछला साल 19 दिसंबर के मुंबई उच्च न्यायालय ललित मोदी पs एक लाख रुपिया के जुर्माना लगवले रहे आ उनकर ऊ याचिका खारिज कs देले रहे, जेमे उ बिदेसी मुद्रा विनिमय प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के उल्लंघन खातिर प्रवर्तन निदेशालय के ओर से उनका ऊपर लगावल गइल 10.65 करोड़ रुपिया के जुर्माना के भुगतान बीसीसीआई के करे के आदेस देवे के अनुरोध कइले रहस।

उच्च न्यायालय कहले रहे कि याचिका पूरा तरे से भ्रामक बा काहेकि फेमा के तहत न्यायिक प्राधिकरण ललित मोदी पs जुर्माना लगवले रहे। ललित मोदी अपना याचिका में कहलें कि उनका के भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के उपाध्यक्ष नियुक्त कइल गइल रहे, एह दौरान उ बीसीसीआई के एगो उपसमिति, इंडियन प्रीमियर लीग शासी निकाय के अध्यक्ष रहस।

याचिका में दावा कइल गइल कि बीसीसीआई के उपनियमन के अनुसार ओकरा क्षतिपूर्ति देवे के चाही। हालांकि, उच्च न्यायालय के पीठ 2005 के उच्चतम न्यायालय के एगो फैसला के हवाला देलस, जेमे कहल गइल रहे कि बीसीसीआई संविधान के अनुच्छेद 12 के तहत परिभाषित ‘राज्य’ के परिभाषा के अंतर्गत ना आवेला।

उच्च न्यायालय के पीठ कहलस कि उच्चतम न्यायालय के स्पष्ट आदेस के बावजूद ललित मोदी 2018 में ई याचिका दायर कइलें। उच्च न्यायालय कहले रहे, ‘ईडी के ओर से याचिकाकर्ता (ललित मोदी) पs लगावल गइल जुर्माना के संदर्भ में याचिकाकर्ता के कथित क्षतिपूर्ति के ममिला में कवनो सार्वजनिक कार्य के निर्वहन के कवनो सवाले नइखे, आ एहिसे, एह उद्देश्य खातिर बीसीसीआई के कवनो रिट जारी नइखे कइल जा सकत।’ अदालत कहले रहे ‘कवनो इस्थिति में, राहत देहल पूरा तरे से गलत बा। ई याचिका तुच्छ बा, आ तदनुसार, हमनी के एह याचिका के खारिज करत बानी सs।उ ललित मोदी के चार सप्ताह के भीतर टाटा मेमोरियल अस्पताल के एक लाख रुपिया के राशि के भुगतान करे के निरदेस दिहल।

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