India Foreign Policy : रूस से तेल किनला पs जयशंकर के दू टूक जवाब, कहलें- अमेरिका के कहला पs उठावल गइल रहे डेग

By Anurag Ranjan

Published on: Jun 12, 2026

सेंट्रल डेस्क। भारत के बिदेस मंत्री एस जयशंकर रूस से तेल किने के फैसला के बचाव करत पश्चिमी देसन के दोहरा रवैया पs सवाल उठवले बाड़ें। फिनलैंड यात्रा के दौरान एगो कार्यक्रम में जयशंकर कहलें

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डॉ. एस. जयशंकर, विदेश मंत्री - फोटो : ANI

सेंट्रल डेस्क। भारत के बिदेस मंत्री एस जयशंकर रूस से तेल किने के फैसला के बचाव करत पश्चिमी देसन के दोहरा रवैया पs सवाल उठवले बाड़ें। फिनलैंड यात्रा के दौरान एगो कार्यक्रम में जयशंकर कहलें कि साल 2022 में यूक्रेन संघर्ष सुरू भइला के बाद रूस से तेल किने के फैसला वैश्विक तेल बाजार के इस्थिर रखे खातिर कइल गइल रहे।

जयशंकर साफ कहलें कि ओह समय अमेरिका खुद भारत से रूसी तेल किने के आग्रह कइले रहे, ताकि दुनिया भर में तेल के दाम जादे ना बढ़े।

जयशंकर के जवाब

फिनलैंड के कल्टारेंटा में आयोजित कार्यक्रम में जब एगो पत्रकार भारत पs रूस के पक्ष में झुकाव के आरोप लगवलस, तs जयशंकर कहलें कि भारत तेल के खरीद लागत आ उपलब्धता के आधार पs करेला।

उनका मोताबिक, ओह समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में रूस के तेल के उपलब्धता जादे रहे। यूरोपीय देस मध्य पूर्व से तेल किनत रहे, जबकि मध्य पूर्व भारत के पारंपरिक आपूर्तिकर्ता रहल बा। एह परिस्थिति में भारत के रूस से तेल किने के फैसला लेवे के पड़ल।

अमेरिका के नीति पs उठवलें सवाल

बिदेस मंत्री रूसी तेल पs अमेरिका के बदलत नीति के आलोचना कइलें। ऊ कहलें कि पहिले रूस से तेल किने पs आपत्ति जतावल गइल, फेर बाद में प्रतिबंध में छूट दे दिहल गइल।

जयशंकर कहलें कि एह मुद्दा के खाली नैतिकता के नजर से देखल ठीक नइखे। देस अपना ऊर्जा सुरक्षा आ आर्थिक जरूरत के धेयान में रख के फैसला लेला।

भारत के रुख अभियो साफ

भारत लगातार कहत आइल बा कि रूस से तेल किने के कवनो राजनीतिक फैसला ना, बलुक देस के ऊर्जा जरूरत आ बेयवसायिक फायदा के आधार पs बा।

भारत के पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारी पहिले साफ कs चुकल बा लोग कि रूस से तेल किने पs प्रतिबंध में छूट मिले से पहिलहू जारी रहे, छूट के दौरानो आ अभियाे जारी बा।

यूरोप के दोहरा रवैया पs निशाना

जयशंकर यूरोपीय देसन के नीति पs सवाल उठवलें। ऊ कहलें कि यूरोप भारत के सुरक्षा चिंता के हमेसा सही नजर से ना देखेला। उनकर कहनाम रहे कि भारत कबो यूरोपीय देसन के खतरा में ना डललस, बाकिर यूरोप से मिलल हथियार कइयन बेर भारत के खिलाफ इस्तेमाल भइल बा।

बिदेस मंत्री कहलें कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हर देस अपना हित आ सुरक्षा के धेयान में रख के फैसला लेला। भारत ऊर्जा सुरक्षा खातिर रूस से तेल किनल जारी रखी।

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