‘पीड़ित आ अपराधी के बीच अंतर ना कर पा रहल बा OIC’, संयुक्त राष्ट्र में भारत के करारा जवाब

By Shweta Supriya

Published on: Oct 7, 2026

डिजिटल डेस्क, न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के छठवां समिति के बैठक में भारत इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के खरी-खरी सुना दिहलस। साथै ही पाकिस्तान आ गुलाम कश्मीर में आतंकवादी ढांचा के खिलाफ भारत के

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डिजिटल डेस्क, न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के छठवां समिति के बैठक में भारत इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के खरी-खरी सुना दिहलस। साथै ही पाकिस्तान आ गुलाम कश्मीर में आतंकवादी ढांचा के खिलाफ भारत के सटीक कार्रवाई पर OIC के ओर से कइल गइल टिप्पणी के पूरा तरह से खारिज कर दिहलस।

पश्चिम त्रिपुरा से लोकसभा सांसद बिप्लब कुमार देब मंगलवार के संयुक्त राष्ट्र में भारत के पक्ष रखत OIC प जमके निशाना साधलें। ऊ साफ-साफ कहलें कि ई बेहद दुखद बा कि OIC के बयान देवे वाला लोग इहो तय ना कर पावत बा कि आतंकवाद खातिर असल में जिम्मेदार के बा आ ओकर शिकार के भइल बा।

बैठक में भारत के दो टूक जवाब

देब दो टूक शब्द में कहलें कि OIC के अध्यक्ष ओह जगहन पर भारत के लक्षित आ नाप-तोल के कार्रवाई पर बयान दे रहल बाड़ें, जवन पाकिस्तान आ पाकिस्तान के कब्जा वाला जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी ढांचा के खिलाफ कइल गइल रहे। एह ठिकानन से भारत के खिलाफ आतंकवादी हमला के योजना बनावल आ ओकरा के निर्देशित कइल जात रहल बा।

PoK के हालात प OIC के घेरल गइल

बैठक में भारत OIC के ओर से जम्मू-कश्मीर के संदर्भ में कइल गइल ‘अनावश्यक टिप्पणी’ पर कड़ा आपत्ति जतवलस। भारत पलटवार करत OIC के सलाह दिहलस कि ओकरा पाकिस्तान के अवैध कब्जा आ खास तौर प रावलाकोट जइसन इलाका में हो रहल मानवाधिकार के उल्लंघन प ध्यान देवे के चाहीं।

‘सच्चाई आ फिक्शन में अंतर भुला गइल OIC’

सांसद बिप्लब कुमार देब बैठक में OIC के लताड़त कहलें कि ई बेहद अफसोस के बात बा कि OIC के बयान देवे वाला लोग इहो तय ना कर पावत बा कि आतंकवाद खातिर असल में जिम्मेदार के बा आ ओकर शिकार के भइल बा।

देब एह बात पर जोर दिहलें कि रावलाकोट में खुलेआम निर्मम हत्या, हिंसा आ उहाँ के लोगन के बुनियादी अधिकार से वंचित कइल जा रहल बा। OIC के जानबूझ के अइसन आंख मूंद लिहल ओकर कट्टरता के साफ-साफ देखावत बा।

आतंकवाद पर कवनो ‘अच्छा या बुरा’ के भेद ना

भाषण में भारतीय सांसद सीमा पार आतंकवाद के अंतरराष्ट्रीय शांति आ सुरक्षा खातिर सबसे बड़ा खतरा बतवलें। एकरा अलावा अप्रैल 2025 में भइल पहलगाम आतंकी हमला के जिक्र करत कहलें कि पहलगाम हमला भारत के संप्रभुता पर एगो सुनियोजित हमला रहल, जेकरा ओह नेटवर्क सभे अंजाम दिहलस, जे पश्चिमी सीमा पार से सरकारी संरक्षण, सुरक्षित ठिकाना आ रसद सहायता पावत रहल बा।

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