Book Launch : वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा में भइल मनोज भावुक के किताब ‘ भोजपुरी सिनेमा के संसार’ के विमोचन

By Anurag Ranjan

Published on: Oct 16, 2025

आरा। वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा के भोजपुरी विभाग में सुप्रसिद्ध साहित्यकार मनोज भावुक के शोध ग्रंथ ‘भोजपुरी सिनेमा के संसार’ के लोकार्पण के अवसर पs एगो विशेष कार्यक्रम आयोजित कइल गइल। दुर्गाशंकर प्रसाद सिंह

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आरा। वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा के भोजपुरी विभाग में सुप्रसिद्ध साहित्यकार मनोज भावुक के शोध ग्रंथ ‘भोजपुरी सिनेमा के संसार’ के लोकार्पण के अवसर पs एगो विशेष कार्यक्रम आयोजित कइल गइल। दुर्गाशंकर प्रसाद सिंह ‘नाथ’ सभागार में भइल एह कार्यक्रम में विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. रविंद्र नाथ राय, प्रो. अयोध्या प्रसाद उपाध्याय, प्रो. डॉ. नीरज सिंह, वर्तमान विभागाध्यक्ष प्रो. दिवाकर पांडेय आ वरिष्ठ आलोचक जितेंद्र कुमार सामिल रहे लोग।

दीप प्रज्वलन से भइल कार्यक्रम के सुरुआत

कार्यक्रम के सुरुआत संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कs के भइल। प्रो. दिवाकर पांडेय स्वागत भाषण में कहलें कि ई किताब भोजपुरी सिनेमा के इतिहास पs एगो अभूतपूर्व दस्तावेज बा, जवन शोधार्थी आ सिनेमा प्रेमियन खातिर आधार ग्रंथ के रूप में काम करी।

प्रो. रविंद्र नाथ राय कहलें कि ई किताब मनोज भावुक के बरिसन के शोध आ मेहनत के परिणाम हs। प्रो. नीरज सिंह के मोताबिक, मनोज भावुक के व्यक्तित्व में प्रेम, प्रेरणा, प्रतिभा आ परिश्रम के सुंदर मेल बा। जितेंद्र कुमार बतवलें कि ई गर्व के बात बा कि ‘भोजपुरी सिनेमा के संसार’ पs “चौधरी कन्हैया प्रसाद सिंह सम्मान” देवे के घोषणा भइल बा।

लेखक मनोज भावुक आपन वक्तव्य में कहलें कि भोजपुरी अब ग्लोबल भाषा बन गइल बिया। छठ पर्व के यूनेस्को में सामिल करे के प्रयास चल रहल बा। ऊ विद्यार्थियन के भोजपुरी में लेखन करे के प्रेरित करत कहलें- “भोजपुरी के समृद्ध परंपरा में सृजनशील बने के जरुरत बा।” भावुक आपन स्वरचित गजल आ गीत सुनवलें, जवन सभागार में मवजूद लोगन के भावविभोर कs देलस।

कार्यक्रम में ई लोग रहल सामिल

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शोधार्थी, छात्र-छात्रा, मीडिया कर्मी आ भोजपुरी प्रेमी बड़ संख्या में मवजूद रहे। अध्यक्षता प्रो. अयोध्या प्रसाद उपाध्याय आ संचालन प्रो. दिवाकर पांडेय कइलें।

किताब के बारे में

‘भोजपुरी सिनेमा के संसार’ (पहिला संस्करण : 2024) भोजपुरी सिनेमा के इतिहास पs 1931 से आज तक के सफर के विस्तार से बतावेला। एह किताब में 1962 के ‘गंगा मइया तोहे पियरी चढ़इबो’ से पहिले के दौर के जिकिर बा, जब भोजपुरी गीतन के असर हिंदी सिनेमा में देखे के मिलल। एमे अमिताभ बच्चन, राकेश पांडेय, सुजीत कुमार, रवि किशन, मनोज तिवारी जइसन हस्तियन के साक्षात्कार सामिल बा। किताब में भोजपुरी सिनेमा के चुनौतियन, भविष्य, बिजनेस, ओटीटी प्लेटफॉर्म आ भोजपुरी वेब सीरीज पs चरचा बा।

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