इंदौर में नोटा तुड़लस कुल रिकॉर्ड, पहिला बेर पड़ल एतना वोट; जानीं कहां बा बीजेपी? 

By Anurag Ranjan

Published on: Jun 4, 2024

  देश भर में सात चरण के लोकसभा चुनाव खतम भइला के बाद आजु मतगणना हो रहल बा. एही बीच सभे के नजर मध्य प्रदेश के इंदौर सीट पs बा। दरअसल, इहाँ नोटा के अब

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देश भर में सात चरण के लोकसभा चुनाव खतम भइला के बाद आजु मतगणना हो रहल बा. एही बीच सभे के नजर मध्य प्रदेश के इंदौर सीट पs बा। दरअसल, इहाँ नोटा के अब ले के सबसे जादा वोट मिलल बा। एकरा संगे इंदौर के ‘नोटा’ (उपरोक्त में से कवनो ना) बिहार के गोपालगंज के पहिले के रिकॉर्ड तूड़ देले बा। अबहीं ले नोटा के 90,257 वोट मिलल बा.

सबसे जादा वोट गोपालगंज में मिलल

बता दीं कि 2019 के लोकसभा चुनाव में बिहार के गोपालगंज सीट में ‘नोटा’ के अधिकतम वोट मिलल। तब एह इलाका के 51,660 मतदाता ‘नोटा’ के विकल्प चुनले रहले आ कुल वोट के करीब पाँच फीसदी वोट ‘नोटा’ के खाता में चल गइल. बता दीं कि सुप्रीम कोर्ट के फैसला के बाद सितंबर 2013 में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में ‘नोटा’ बटन शामिल हो गईल रहे।

भाजपा उम्मीदवार लालवानी आगे

इंदौर सीट के बात कईल जाए तs निवर्तमान सांसद अवुरी भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार शंकर लालवानी अपना नजदीकी प्रतिद्वंद्वी बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार संजय सोलंकी से 3,60,546 वोट से आगे बाड़े। इहाँ भाजपा उम्मीदवार लालवानी के अब ले कुल 5,24,320 वोट मिलल बा। एकरा संगे लालवानी एs सीट पs रिकॉर्ड जीत के ओर बढ़तारे, जहां कुल 14 उम्मीदवार के बीच चुनावी मुकाबला होखता।

कांग्रेस उम्मीदवार आपन नामांकन वापस ले लेले रहले

दरअसल इंदौर में कांग्रेस के घोषित उम्मीदवार अक्षय कांति बम 29 अप्रैल के आपन नामांकन वापस ले लिहले रहले, जवन कि नामांकन वापस लेवे के आखिरी तारीख हs, जवना से पार्टी के बहुत बड़ झटका लागल रहे। एकरा तुरंत बाद उs भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गईले। एकरा चलते कांग्रेस एs सीट के 72 साल के इतिहास में पहिला बेर चुनावी दौड़ से बाहर हो गईल। एकरा बाद कांग्रेस स्थानीय मतदाता से अपील कईलस कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पs ‘नोटा’ बटन दबा के भाजपा के सबक सिखावे।

 

 

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