‘सुशासन बाबू’ के इकबाल की आईएएस चला रहल बा बिहार? ईडी के रडार पs नीतीश कुमार के काबिल अधिकारी कइसे आ गइले?

By Anurag Ranjan

Published on: Jul 17, 2024

फिलहाल बिहार में ईडी के रडार पs बहुत विभाग के प्रधान सचिव आ सचिव स्तर के अधिकारी के संगे-संगे कुछ पूर्व अधिकारी भी आइल बाड़े। कहल जा रहल बा कि राजनीतिक कारण से अब तक

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फिलहाल बिहार में ईडी के रडार पs बहुत विभाग के प्रधान सचिव आ सचिव स्तर के अधिकारी के संगे-संगे कुछ पूर्व अधिकारी भी आइल बाड़े। कहल जा रहल बा कि राजनीतिक कारण से अब तक ए सब पs कार्रवाई ना होखत रहे, जवन कि अब शुरू हो गइल बा।

केंद्र सरकार के जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) बिहार के नौकरशाही आ भ्रष्ट लोग के गठजोड़ पs हथौड़ा चलावे शुरू कs देलस। ईडी के पहिला हमला हाल ही में भइल बा। पिछला मंगल के दिने ईडी बिहार के कार्यकर्ता के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संजीव हंस आ राजद विधायक रहल गुलाब यादव के कई गो लोकेशन पर छापा मार दिहलस। जवना के उनकर बिजनेस पार्टनर बतावल जा रहल बा।हालांकि एकरा में के मिलल आ छापामारी चाहे जांच के कारण का रहे, एकरा बारे में अभी तक कवनो आधिकारिक जानकारी नइखे दिहल गइल। जदी सूत्र पs विश्वास करे के बा तs फिलहाल बिहार में ईडी के रडार पs बहुत विभाग के प्रधान सचिव अउरी सचिव स्तर के अधिकारी के संगे-संगे कुछ पूर्व अधिकारी भी आईल बाड़े। कहल जा रहल बा कि राजनीतिक कारण से अब तक ए सब पs कार्रवाई ना होखत रहे, जवन कि अब शुरू हो गइल बा।

जदी सूत्र पs विश्वास कइल जाए तs अगिला कुछ दिन में ईडी बिहार के बहुत वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के संगे-संगे कुछ रिटायर्ड नौकरशाह से अलग-अलग मामला पs पूछताछ कs सकता। जदी सूत्रन पर विश्वास कइल जाव तs आवे वाला दिन में एह सब पर बड़हन कार्रवाई से इंकार ना कइल जा सके। सूत्र बतावत बाड़े कि मंगल के दिने नीतीश सरकार में मंत्री रहल एगो वरिष्ठ सांसद केंद्र सरकार के एगो वरिष्ठ मंत्री से ईडी कार्रवाई का बारे में बात कइले रहले ।सूत्र के कहनाम बा कि एकरा पs केंद्रीय मंत्री जवाब देले कि ईडी के कार्रवाई ना रोकल जाई। जवना अधिकारी भा अधिकारी के खिलाफ ईडी के पहिलही से भ्रष्टाचार के शिकायत बा, ओकरा खिलाफ ईडी जरूर कार्रवाई करी।

एह विभागन के सचिवन के भूमिका के भी जांच होई? आ शहरी विकास भी बा आ सकेला। ई अधिकारी पिछला कई साल से ओही विभागन में फंसल बाड़े। बता दीं कि बिहार सरकार के कई गो विभाग बा, जहां 5-6 गो आईएएस अधिकारी बरिसन से एके विभाग पर कब्जा कर रहल बाड़े। पिछला कुछ साल से उहे पांच-छह अधिकारी एह विभागन में आवत-जात रहेलें।

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