Commonwealth : भारत संयुक्त राष्ट्र के बाद कॉमनवेल्थ में सुधार के मांग कइलस, कहलस- आज के सच्चाई से दूर बा संगठन

By Anurag Ranjan

Published on: Sep 23, 2025

सेंट्रल डेस्क। भारत अब कॉमनवेल्थ (राष्ट्रमंडल समूह) में सुधार करे पs जोर देले बा, ताकि ई संगठन आज के हकीकत आ समय के मुताबिक काम करो। संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) से अलगा भइल मंत्री स्तरीय

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सेंट्रल डेस्क। भारत अब कॉमनवेल्थ (राष्ट्रमंडल समूह) में सुधार करे पs जोर देले बा, ताकि ई संगठन आज के हकीकत आ समय के मुताबिक काम करो। संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) से अलगा भइल मंत्री स्तरीय बैठक में भारत आपन पक्ष रखलस। ई बैठक में भारत के प्रतिनिधित्व बिदेस मंत्रालय (एमईए) के सचिव (पश्चिम) राजदूत सिबी जॉर्ज कइलें।

बिदेस मंत्रालय मंगर के दिने सोशल मीडिया पs जानकारी देलस कि बैठक में जॉर्ज कॉमनवेल्थ चार्टर में लिखल मूल्य आ सिद्धांत पs भारत के प्रतिबद्धता जतवलें। ऊ कहलें कि अब समय आ गइल बा कि कॉमनवेल्थ में सुधार होखे, ताकि ई समूह आज के बदलल वैश्विक सच्चाई आ चुनौतियन के सही ढंग से दरसा सके।

एह बैठक के अध्यक्षता समोआ के उप-प्रधानमंत्री टोएलुपे माओइआउतेले पोमुलिनुकु ओनेसेमो कइलें। कॉमनवेल्थ फॉरेन अफेयर्स मिनिस्टर मीटिंग (CFAMM) एगो उच्च स्तरीय मंच हवे, जवन 56 सदस्य देसन के बिदेस मंत्री लोगन के एक जगह जुटावेला। एह मंच पs आपसी सहजोग बढ़ावे, साझा चुनौती के हल खोजे आ संगठन के मजबूत करे पs चरचा भइल।

बैठक में मंत्री लोग कहल कि कॉमनवेल्थ बहुपक्षवाद आ सामूहिक कार्रवाई के मजबूत समर्थक हs, खास कs के आज के वैश्विक संकट वाला समय में। आपन संबोधन में टोएलुपे कहलें कि एह बैठक में उठावल गइल मुद्दा समोआ में भइल कॉमनवेल्थ प्रमुखन के बैठक के फैसला लागू करे में मददगार होई।

ऊ कहलें कि आज बहुपक्षीय प्रणाली पs गंभीर दबाव बा, बाकिर ई अबहियो दुनिया के सबसे मजबूत औजार हs। अगर ई ना रही तs दुनिया में दरार आउर गहिराह हो जाई। बाकिर जदि एकर सही इस्तेमाल भइल तs समाधान जरूर निकल सकेला। एही से कॉमनवेल्थ के उद्देश्य अब साफ-साफ परिभाषित करे के जरूरत बा।

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