हरियाणा के सरकारी विभागन में 700 करोड़ के धोखाधड़ी, CBI 4 अउरी लोग के कइलस गिरफ्तार; अदालत तीन दिन के रिमांड प भेजलस

By Shweta Supriya

Published on: Oct 13, 2026

चंडीगढ़। हरियाणा के अलग-अलग विभागन, चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी आ क्रेस्ट सोसायटी में 700 करोड़ रुपिया से अधिक के धोखाधड़ी के मामला में सीबीआई सोमवार के चार अउरी आरोपियन के गिरफ्तार कइलस। एहमें सेक्टर-35 के बर्तन

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चंडीगढ़। हरियाणा के अलग-अलग विभागन, चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी आ क्रेस्ट सोसायटी में 700 करोड़ रुपिया से अधिक के धोखाधड़ी के मामला में सीबीआई सोमवार के चार अउरी आरोपियन के गिरफ्तार कइलस।

एहमें सेक्टर-35 के बर्तन कारोबारी गौरव कांसल के अलावा सिद्धार्थ नरूला, मोहित आ मनोज शामिल बाड़ें। चारो के पंचकूला के सीबीआई अदालत में पेश कइल गइल, जहवा से ओह लोग के तीन दिन के रिमांड प भेज दिहल गइल।

सीबीआई के मुताबिक, गौरव सरकारी खाता से निकालल गइल रकम के नकदी में बदले आ फेर से बैंक खाता में जमा करावे में अहम भूमिका निभवले रहे। दू साल के दौरान ऊ आइडीएफसी बैंक के पूर्व ब्रांच मैनेजर आ एह मामला के कथित मास्टरमाइंड रिभव ऋषि के साथ मिलके 94 करोड़ रुपिया के रकम ठिकाना लगवले रहे।

एजेंसी के आरोप बा कि आरोपि लोगन गिरोह के रूप में काम करत रहले। अब जांच कइल जात बा कि ई रकम केकरा-केकरा लगे पहुंचल आ एहसे कहवा संपत्ति खरीदल गइल। सीबीआई के मुताबिक, 6 दिसंबर 2023 से 5 दिसंबर 2025 के बीच फर्जी कंपनी आरएस ट्रेडर्स, कैपको फिनटेक सर्विसेज आ स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट्स से भारत डिस्ट्रिब्यूटर्स के खाता में 82 लेन-देन के जरिए 26.78 करोड़ रुपिया भेजल गइल।


एकरे बदला में 66 लेन-देन के जरिए 25.18 करोड़ रुपिया वापस भेजल गइल। एजेंसी के आरोप बा कि एह लेन-देन के बदला में नकदी दिहल गइल। सरकारी खाता से निकालल गइल रकम के सीधे खरच कइले के बजाय कई बैंक खाता से घुमाके नकदी में बदलल जात रहे, ताकि रकम के स्रोत आ आखिरी लाभार्थियन के पता लगावल मुश्किल हो जाए।

सीबीआई के मुताबिक, एह पूरा काम रिभव ऋषि के इंडस्ट्रियल एरिया में मौजूद ऑफिस से चलावल जात रहे। गौरव कैश कन्वर्टर के रूप में काम करत रहे। ओकर एगो चचेरा भाई के भूमिका के जांच हो रहल बा। सीबीआई के मुताबिक, गौरव 140 से अधिक लेन-देन के जरिए रिभव ऋषि खातिर सरकारी धन के ठिकाना लगवले आ कैश कन्वर्टरन तक करीब 94 करोड़ रुपिया पहुंचवले।

नगर परिषद कालका के 18 करोड़ रुपिया आ आइएएस के बेटा तक हवाला के रकम

सबसे सनसनीखेज खुलासा 20 जनवरी 2026 के भइल। एमसी कालका के खाता से 18.46 करोड़ रुपिया निकाल लिहल गइल। एहमें से 4 करोड़ रुपिया एसआरआर प्लानिंग गुरुज के आरबीएल खाता में गइल, जहां से ओही दिन 2.50 करोड़ रुपिया मेगा स्टोर के भेज दिहल गइल।

21 आ 22 जनवरी के स्वास्तिक के ओर से 80 लाख आ 1.10 करोड़ रुपिया अउरी भेजल गइल। 22 जनवरी 2026 के रिभव ऋषि के कहला पर मोहित गोयल अपना स्टोर आ जान-पहचान के लोग के जरिए 2 करोड़ रुपिया नकदी के इंतजाम कइलस। ई 2 करोड़ रुपिया ओही साँझ हवाला के जरिए दिल्ली में आरोपित आइएएस आरके सिंह के बेटा तक पहुंच गइल। एह तरह कालका नगर परिषद के सरकारी रुपिया महज 48 घंटा के भीतर नकदी में बदल के एगो लोकसेवक तक पहुंच गइल।

सरकारी खजाना के 59.50 करोड़ रुपिया हड़प लिहल गइल

ओहीं, गिरफ्तार भइल तीसरा आरोपि मोहित गोयल , जे सेक्टर-32डी के एससीओ 357 में चलत चंडीगढ़ मेगा स्टोर के मालिक ह। आरोपित सेक्टर-37बी के रहे वाला बा। सीबीआई के मुताबिक, मोहित गोयल के पता रहे कि आरएस ट्रेडर्स आ कैपको फिनटेक सर्विसेज, रिभव ऋषि के फर्म हईं स।

आइडीएफसी फर्स्ट बैंक के ब्रांच मैनेजर रिभव ऋषि ही ओकर स्टोर के खाता खुलवले रहे। 11 अक्टूबर 2023 से 28 जनवरी 2026 के बीच आरोपित फर्म आरएस ट्रेडर्स, कैपको फिनटेक, स्वास्तिक देश आ एसआरआर प्लानिंग गुरुज के ओर से मोहित गोयल आ ओकर दू गो फर्म—चंडीगढ़ मेगा स्टोर आ भगवती एजेंसीज के खाता में 112 बेर में कुल 59 करोड़ 50 लाख 47 हजार 515 रुपिया भेजल गइल। एकरा बदला में ऊ बैंक के जरिए महज 14 करोड़ 5 लाख 24 हजार रुपिया ही वापस भेजलस।

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