चैत्र नवरात्रि : अबकी बेर पंचक में चैत्र नवरात्रि शुरू हो रहल बा, शुभ समय में पूजा, पंडित जी सही तरीका बतवले

By Anurag Ranjan

Published on: Mar 10, 2023

चैत्र नवरात्रि : अबकी बेर पंचक में चैत्र नवरात्रि शुरू हो रहल बा, शुभ समय में पूजा, पंडित जी सही तरीका बतवले पचैत्र नवरात्रि : एह साल में चैत्र नवरात्र के शुरुआत हो रहल बा।

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चैत्र नवरात्रि : अबकी बेर पंचक में चैत्र नवरात्रि शुरू हो रहल बा, शुभ समय में पूजा, पंडित जी सही तरीका बतवले

पचैत्र नवरात्रि : एह साल में चैत्र नवरात्र के शुरुआत हो रहल बा। पंचक के 5 दिन के दौरान शारीरिक पीड़ा के आशंका बनल रहेला। पंचक के समय शुभ काम कईल वर्जित बा, लेकिन आप पूजा-अर्चना क सकतानी। त आईं चैत्र नवरात्रि के दौरान देवी दुर्गा के पूजा कईसे कईल जाला।

चैत्र नवरात्रि 2023 : हिन्दू धर्म में माई दुर्गा के शक्ति के अध्यक्ष देवता आ भगवान शिव के पत्नी के रूप में पूजल जाला। हर आदमी माई दुर्गा के खुश करे खातिर कवनो ना कवनो कोशिश करेला, लेकिन नवरात्र के समय अगर माई दुर्गा के पूरा श्रद्धा से पूजा कईल जाए त उ प्रसन्न रहेली अवुरी अपना भक्त के आशीर्वाद देवेली। कुछ ही समय में चैत्र नवरात्र शुरू हो रहल बा, चैत्र नवरात्र 22 मार्च बुधवार से शुरू होई, एह साल पंचक में चैत्र नवरात्रि शुरू हो रहल बा, ई पंचक 19 मार्च अतवार से 23 मार्च गुरुवार तक शुरू होई। हालांकि इ पंचक चैत्र नवरात्रि के शुरुआत के बाद मात्र 2 दिन तक रही। ई पंचक रोग पंचक ह। भोपाल निवासी ज्योतिषी आ वास्तु सलाहकार पंडित हितेन्द्र कुमार शर्मा एह विषय पर अउरी जानकारी दे रहल बानी।

 

चैत्र नवरात्र में पूजा विधि

देवी दुर्गा के पूजा करत घरी सच्चा दिल आ साफ-सफाई के विशेष ध्यान राखे के चाहीं। चैत्र नवरात्रि के शुरुआत में सबेरे सबेरे नहा के उठला के बाद अपना घर के पूजा स्थल पर गंगाजल डाल के शुद्ध करीं। घर के मंदिर में दीप जरा के। माई दुर्गा के गंगाजल से अभिषेक कराओ। एकरा बाद अक्षत, सिंदूर, लाल रंग के फूल माई के समर्पित करीं। प्रसाद के रूप में फल मिठाई चढ़ाईं। धूप आ दीप जरा के माता दुर्गा चालीसा के पाठ करीं आ माँ के आरती करीं। माई के प्रसाद के रूप में चढ़ावल भोग के दोसरा के बीच बांटल जाला।

पूजा सामग्री के बारे में बतावल गइल बा

माता दुर्गा के पूजा खातिर कुछ खास सामग्री के जरूरत होला जवन निम्नलिखित बा।

1. लाल चुनरी,2. लाल वस्त्र, 3. मौली, 4. श्रृंगार के सामान, 5. दीपक, 6. घी, 7. धूप,8. नारियल, 9. अक्षत,

10. कुमकुम, 11. लाल फूल, 12. माता की प्रतिमा,13. पान अउरी सुपारी,14. लौंग,

15. इलायची,16. बताशा आ मिश्री,17. कपूर,

18. फल, 19. मिठाई, 20. कलावा

शुभ समय 

एह साल शुक्ल योग में नवरात्रि के शुरुआत होखी| जवन सबेरे 9:18 बजे तक चलेला। एकरा बाद ब्रह्मयोग होई। इ योग सबेरे 9:19 बजे से अगिला दिन सबेरे 6 बजे तक रही। आज के दिन ब्रह्मयोग के बाद इंद्र योग भी होखे वाला बा आ एह समूह में माँ दुर्गा के पूजा कइल बहुत फायदेमंद मानल जाला।

 

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