Bhojpuri Award : ‘दुलहिनिया नाच नचावे’ खातिर मनोज भावुक के मिलल बेस्ट लिरिसिस्ट अवॉर्ड

By Anurag Ranjan

Published on: Mar 17, 2026

सीवान। बिहार के सिवान जिला के मशहूर गीतकार मनोज भावुक के पटना के बापू सभागार में आयोजित 7वां सरस सलिल भोजपुरी सिने अवार्ड्स 2026 में बेस्ट लिरिसिस्ट अवॉर्ड से सम्मानित कइल गइल। ई सम्मान उनकर

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सीवान। बिहार के सिवान जिला के मशहूर गीतकार मनोज भावुक के पटना के बापू सभागार में आयोजित 7वां सरस सलिल भोजपुरी सिने अवार्ड्स 2026 में बेस्ट लिरिसिस्ट अवॉर्ड से सम्मानित कइल गइल। ई सम्मान उनकर फिलिम ‘दुलहिनिया नाच नचावे’ खातिर लिखल गीतन के बदौलत मिलल। ई अवॉर्ड इम्पा प्रेजिडेंट अभय सिन्हा के हाथ से उनका के दिहल गइल।

अवार्ड मिलला के बाद भावुक होके मनोज भावुक कहलें कि “भोजपुरी अवार्ड समारोह तबे सार्थक होला, जब हम ओह लोगन के इयाद करीं, जे एकर नेव रखले बा। खाली आपन पीठ मत थपथपाईं, काहे कि काल्ह हमहूं पुरनका हो जाएम। असली खुसी तब मिली जब हमनी के ना रहलो पs लोग हमनी खातिर ताली बजावे।”

मनोज भावुक कहलें कि “हमरा के फिलिम में लिरिसिस्ट के रूप में जोड़े वाला संगीतकार रजनीश मिश्रा बाड़ें। ई अवॉर्ड हम उनकरा के समर्पित करत बानी। संगही निर्माता निशांत उज्ज्वल के धन्यवाद देत बानी।”

असल में, मनोज भावुक आ म्यूजिक डायरेक्टर रजनीश मिश्रा के जोड़ी जब-जब संगे आइल बा, तब-तब यादगार गीत निकलल बा। फिलिम ‘मेहंदी लगा के रखना’ के “तोर बउरहवा रे माई”, फिलिम ‘मेहमान’ के “मेरे राम” आ ‘आपन कहाये वाला के बा’ जइसन गीत भोजपुरी संगीत के नया पहचान देलस।

भोजपुरी जगत में मनोज भावुक के पहचान एगो सधल कवि, गजलकार, संपादक, फिलिम लिरिसिस्ट आ फिलिम इतिहासकार के रूप में बा। ऊ आधुनिक भोजपुरी के ओह गिनल-चुनल रचनाकारन में से बाड़ें, जे बौद्धिक गहराई आ लोकप्रियता के बीच बढ़िया संतुलन बनवले बाड़ें। भोजपुरी सिनेमा के गहिराह समझ के चलते लोग उनका के “भोजपुरी सिनेमा के इनसाइक्लोपीडिया” कहेला। उनकर किताब ‘भोजपुरी सिनेमा के संसार’ में 2025 तक के इतिहास समाइल बा। एकरा से अलग ‘चलनी में पानी’ आ ‘तस्वीर जिंदगी के’ उनकर चर्चित किताब बाड़ी सs।

मनोज भावुक के भोजपुरी के सांस्कृतिक राजदूत मानल जाला। ऊ कबो बेवसायिक फायदा खातिर अश्लील भा दोअर्थी गीत ना लिखलें, बलुक हमेशा साफ-सुथरा आ सम्मानजनक भोजपुरी के समर्थन कइलें। आज जब भोजपुरी गीतन के भाषा पs सवाल उठत बा, तs उनकर गीत एगो सकारात्मक उम्मीद जगावेला।

पेशा से इंजीनियर रहल मनोज भावुक बिदेसो में काम कइले बाड़ें, बाकिर आखिरकार आपन भाषा आ संस्कृति से जुड़ गइलें। लंदन आ अफ्रीका में रहला के अनुभव से उनकर सोच वैश्विक बनल बा आ ऊ भोजपुरी के अंतरराष्ट्रीय स्तर पs पहचान दिलावे में लागल बाड़ें।

एह समय मनोज भावुक महुआ नेटवर्क में प्रोग्रामिंग हेड के रूप में काम करत बाड़ें। एकरा से पहिले ऊ कइयन गो भोजपुरी चैनल, जी टीवी, न्यूज 18, टाइम्स नाउ, एनडीटीवी आ सारेगामापा जइसन बड़ मंचन से लेखक आ प्रोजेक्ट हेड के रूप में जुड़ल रहलें।

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