‘चीन जइसे भारत में घुसल बा, ओइसहीं हमनींके कर्नाटक में घुसब जा, सीमा विवाद पर संजय राउत के चुनौती

By Anurag Ranjan

Published on: Dec 21, 2022

कर्नाटक अउर महाराष्ट्र सीमा मुद्दा पर विवाद थमले के नाम नइखे लेत। दूनों राज्य के बीच बढ़त तनाव पs अब शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता संजय राउत एगो अइसन बयान दिहले बानें जेसे सियासी बवाल

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कर्नाटक अउर महाराष्ट्र सीमा मुद्दा पर विवाद थमले के नाम नइखे लेत। दूनों राज्य के बीच बढ़त तनाव पs अब शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता संजय राउत एगो अइसन बयान दिहले बानें जेसे सियासी बवाल होखल तय बा।

दरअसल, राउत कहलें कि हमनीके कर्नाटक में ओही तरे घूसल जाई जइसे चीन देश में घूसल बा। पार्टी के वरिष्ठ नेता कहलें कि उनके एह मुद्दा पर कौनो अनुमति के जरूरत नइखे। संजय राउत आगे कहलें कि हमनी के एके चर्चा के जरिए सुलझावल चाहतनीं जा लेकिन कर्नाटक के मुख्यमंत्री आग लगा रहल बानें। महाराष्ट्र में एगो कमजोर सरकार बा अउर एह पर कौनो स्टैंड नइखे लेत।

अमित शाह के आदेश के उल्लंघन कs रहल बानें कलेक्टर: राउत

राउत कहनें कि विपक्ष के नेता अजीत पवार पहिले विधानसभा में सीमा विवाद के मुद्दा उठवले अउर कहलें कि महाराष्ट्र के एक लोकसभा सदस्य के बेलगावी में घूसे से रोक दिहल गइल बा। गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक में तय भइल कि केहू के उहां गइले से नाइ रोकल जाई, फिर उहां के कलेक्टर अइसन फैसला कइसे ले सकतनें।

सीमा विवाद मुद्दा पर एकनाथ शिंदे दिहले रहनें ई बयान

महाराष्ट्र विधानसभा के शीतकालीन सत्र में बीतल सोमार के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे कर्नाटक-महाराष्ट्र सीमा मुद्दा बड़ बयान दिहले रहनें। ऊ कहले रहनें कि पहिला बेर, केंद्रीय गृह मंत्री अंतर्राज्यीय सीमा विवाद (महाराष्ट्र अउर कर्नाटक के बीच) में मध्यस्थता कइले बानें। एह मुद्दा पर अब राजनीति नाइ होखे के चाहीं। हम सबके सीमावर्ती निवासियन के संगे एक संगे ठाढ़ होखे के चाहीं। बता देईं कि महाराष्ट्र अउर कर्नाटक सीमा विवाद पर गृह मंत्री अमित शाह बैठक कइले रहनें। बैठक में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई अउर कर्नाटक के गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र हिस्सा लिहले रहनें।

जानीं का बा दूनों राज्य के बीच सीमा-विवाद

महाराष्ट्र अउर कर्नाटक के बीच बेलगावी अउर कारवार के कुछ गांव के ले के सीमा विवाद बा। कर्नाटक में आवे वाले एह गांवन के आबादी मराठी भाषी ह। महाराष्ट्र में लमहर समय से एह गांवन के राज्य में शामिल करवले के मांग कइल जा रहल बा। 1960 में महाराष्ट्र के स्थापना के बाद से ई विवाद सुप्रीम कोर्ट में लटकल बा।

बोम्मई कहले रहनें ई बात

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई कहले रहनें कि कर्नाटक अउर महाराष्ट्र के लोग के बीच बहुते सौहार्दपूर्ण संबंध बा। दूनों पक्ष के शांति के भंग करे खातिर कुछुओ नाइ करे के चाही। दूनों राज्यन से मंत्री लोग के एगो कमेटी बनावल गइल बा जौन छोट-छोट मुद्दा के सुलझावे के काम करी।

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