तमिलनाडु के राजनीति में अभिनेता से नेता बनल सी. जोसेफ विजय के हालिया गतिविधि के लेके नया चर्चा शुरू हो गइल बा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट के बाद का विजय के मिजाज बदल गइल बा? का ऊ केंद्र सरकार आ भाजपा के नाराज करे से बचल चाहत बाड़ें? ई सवाल एह घरी राजनीतिक गलियारा में खूब उठ रहल बा। हाल में चेन्नई में विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के दौरान विजय के पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के सीमित भागीदारी आ भाजपा के नाम पर साधल गइल चुप्पी एह चर्चा के अउरी तेज कर देले बा।
विजय हालही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेन्नई आगमन पर उनकर स्वागत कइले रहस। एह दौरान ऊ पीएम मोदी के संगे मेट्रो के एगो नया हिस्सा के उद्घाटन के समय सफर कइलें। दुनो नेता मंदिरो गइलें आ एगो सरकारी कार्यक्रम में एक संगे मंच साझा कइलें। एह मुलाकात के बाद अब विजय के राजनीतिक रुख के लेके तरह-तरह के अटकल लगावल जा रहल बा।
विपक्ष के प्रदर्शन में TVK के सीमित भागीदारी
गुरुवार के चेन्नई में मुख्य चुनाव आयुक्त आ चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी दलन के विरोध प्रदर्शन भइल। एह कार्यक्रम में विजय अपना पार्टी के ओर से खाली स्कूल शिक्षा मंत्री ए. राजमोहन के भेजलें। कार्यक्रम में TVK के कवनो अउरी बड़ नेता भा कार्यकर्ता के मौजूदगी नइखे देखे के मिलल। एतने ना, प्रदर्शन के दौरान पार्टी के झंडो नजर ना आइल।
मंत्री ए. राजमोहन अपना भाषण में मतदान के अधिकार के समर्थन कइलें आ चुनावी प्रक्रिया के निष्पक्षता पर सवाल उठवलें। बाकिर पूरा भाषण में ऊ एक बेरो भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नाम ना लिहलें। एह बात के राजनीतिक गलियारा में खास तौर पर चर्चा हो रहल बा।
विजय के पार्टी हालही में कांग्रेस के नेतृत्व वाला INDIA गठबंधन में शामिल भइल रहे। अइसन में गठबंधन के विरोध प्रदर्शन में TVK के एह तरह के सीमित भागीदारी के कई राजनीतिक मायना निकालल जा रहल बा।
केंद्र सरकार के नाराज करे से बचत बाड़ें विजय?
इंडियन एक्सप्रेस के एगो रिपोर्ट के मुताबिक, तमिलनाडु में INDIA गठबंधन के कुछ नेता मानत बाड़ें कि अल्पमत सरकार चलावत विजय केंद्र सरकार से टकराव मोल लेवे से बचल चाहत बाड़ें। हालांकि, विजय के ओर से एह बारे में कवनो स्पष्ट बयान सामने नइखे आइल, एहसे उनका रणनीति के लेके कवनो पक्का निष्कर्ष निकालल ठीक ना होई।
TVK पर भाजपा के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सहयोगी दल AIADMK के विधायकन के अपना ओर खींचे के कोशिश करे के आरोपो लागल बा। एह आरोप के बीच विजय के राजनीतिक कदम पर सबके नजर टिकल बा।
तमिलनाडु के राजनीति में विजय एगो नया ताकत के रूप में उभरल बाड़ें। बाकिर अल्पमत सरकार चलावे के चुनौती, विपक्षी दलन के समर्थन आ केंद्र सरकार के साथ संबंध बनवले राखल उनका खातिर आसान नइखे।
INDIA गठबंधन में शामिल भइला के बाद पहिला प्रदर्शन
3 अक्टूबर के INDIA गठबंधन में शामिल भइला के बाद TVK खातिर ई पहिला विरोध प्रदर्शन रहे। एह दौरान मंत्री ए. राजमोहन विजय के धन्यवाद देत कहलें कि एगो साधारण पार्टी कार्यकर्ता के वरिष्ठ राजनीतिक नेता लोग के संगे मंच साझा करे के मौका मिलल।
राजमोहन अपना भाषण में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) के मुद्दा उठवलें। ऊ कहलें कि देश में एसआईआर के प्रक्रिया थोपल गइल बा। उनका मुताबिक, TVK तमिलनाडु में सत्ता में आवे से पहिले ही बिहार में एह प्रक्रिया के लागू भइला के समय से एकर विरोध करत आइल बा।
राजमोहन ईहो कहलें कि उनकर पार्टी के ई आदत नइखे कि विपक्ष में रहला के समय कुछ अउरी बात कहे आ सरकार में आ गइला के बाद आपन रुख बदल लेवे। उनका बयान के मकसद चुनावी प्रक्रिया पर पार्टी के रुख स्पष्ट कइल रहे।
DMK के INDIA गठबंधन से अलग होखे के एलान
तमिलनाडु के राजनीति में ई घटनाक्रम अइसन समय पर सामने आइल बा, जब विपक्षी गठबंधन के भीतर भी उथल-पुथल मचल बा। 12 अक्टूबर के द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) INDIA गठबंधन से अलग होखे के घोषणा कइले रहे। DMK कांग्रेस के नेता लोग पर धोखा देवे आ द्रविड़ पार्टी पर बार-बार हमला करे के आरोप लगवले रहे।
एह घटनाक्रम से गठबंधन के राजनीतिक समीकरण पर असर पड़ल बा। एह बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी विजय के नीलांकरई स्थित आवास पर उनकरा संगे दुपहरिया के भोजन कइले रहस। एह मुलाकात से पहिले दुनो पक्ष के बीच राजनीतिक अनिश्चितता के स्थिति रहल।
एह मुलाकात के ठीक अगिला दिन विजय चेन्नई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत कइलें। मेट्रो के नया हिस्सा के उद्घाटन, मंदिर यात्रा आ सरकारी कार्यक्रम में दुनो नेता के एक संगे देखल गइल।
अब कवन राह चुनिहें विजय?
विजय के सामने एह घरी सबसे बड़ सवाल बा कि ऊ आपन राजनीतिक संतुलन कइसे बनवले रखिहें। एक ओर कांग्रेस के नेतृत्व वाला INDIA गठबंधन बा, त दोसरा ओर केंद्र में भाजपा के सरकार बा। तमिलनाडु में अल्पमत सरकार चलावे के जिम्मेदारी भी उनका ऊपर बा।
विपक्षी प्रदर्शन में सीमित भागीदारी आ भाजपा के नाम ना लिहला के आधार पर ई कहल कि विजय अपना राजनीतिक रुख बदल देले बाड़ें, अभी जल्दबाजी होई। हालांकि, प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद उनकर हर कदम पर राजनीतिक विश्लेषक आ विपक्षी दलन के नजर जरूर टिकल बा।
आगे ई देखल दिलचस्प होई कि विजय INDIA गठबंधन के साथ आपन रिश्ता कइसे निभावेलें आ केंद्र सरकार के साथ कइसन संबंध बनवले रखेलें। फिलहाल, उनका अगिला राजनीतिक कदम से तमिलनाडु के राजनीति के दिशा के बारे में अउरी संकेत मिल सकेला।






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