नई दिल्ली: दिवाली के त्योहार से पहिले डिजिटल पेमेंट करे वाला लोग आ दुकानदारन खातिर एगो जरूरी खबर सामने आइल बा। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के कुछ चुनिंदा मर्चेंट लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करे के फैसला के फिलहाल दिवाली तक टाल दिहल गइल बा। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के 13 अक्टूबर के जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, चुनिंदा कारोबारी लेनदेन पर ई शुल्क दिवाली के तुरंत बाद लागू कइल जा सकेला। हालांकि, शुल्क लागू करे के सही तारीख के घोषणा बाद में कइल जाई।
पहिले खबर आइल रहे कि 15 अक्टूबर से UPI पेमेंट पर MDR लागू हो सकेला। बाकिर अब NPCI के ओर से जारी जानकारी के बाद साफ हो गइल बा कि चुनिंदा लेनदेन पर दिवाली तक एह शुल्क के लागू ना कइल जाई।
13 अक्टूबर के जारी भइल आदेश
NPCI के ओर से मंगलवार, 13 अक्टूबर के जारी प्रेस विज्ञप्ति में बतावल गइल कि दिवाली तक कुछ चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर UPI के माध्यम से होखे वाला भुगतान पर MDR लागू ना होई।
UPI एंड सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी के फैसला के मुताबिक, चुनिंदा पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) लेनदेन पर ई शुल्क दिवाली के तुरंत बाद लागू कइल जा सकेला। हालांकि, एकर सही तारीख अलग से घोषित कइल जाई।
एह फैसला से त्योहार के मौसम में दुकानदारन के कुछ समय खातिर राहत मिल सकेला। दिवाली के समय बाजार में खरीदारी बढ़ जाला आ लोग छोट-बड़ दुकान पर डिजिटल भुगतान के अधिक इस्तेमाल करेला। अइसना में शुल्क लागू करे के तारीख आगे बढ़ावल कारोबारी गतिविधि खातिर महत्वपूर्ण मानल जा रहल बा।
का हऽ MDR आ कइसे लागेला ई चार्ज?
MDR के पूरा नाम मर्चेंट डिस्काउंट रेट (Merchant Discount Rate) हऽ। ई ऊ शुल्क हऽ, जवन दुकानदार भा कारोबारी से डिजिटल भुगतान स्वीकार करे के बदले लिहल जा सकेला।
आमतौर पर ई रकम भुगतान सेवा देवे वाली कंपनी, बैंक भा भुगतान व्यवस्था से जुड़ल संस्था के मिलेला। एह शुल्क के दर आ लागू होखे के शर्त भुगतान के तरीका आ संबंधित नियम पर निर्भर करेला।
हालांकि, हर UPI भुगतान पर MDR लागे के मतलब नइखे। NPCI के जानकारी के मुताबिक, फिलहाल बात कुछ चुनिंदा पर्सन-टू-मर्चेंट लेनदेन के बा। एहसे आम ग्राहक के हर UPI भुगतान पर चार्ज लागी, अइसन निष्कर्ष निकालल ठीक ना होई।
NPCI काहे उठवलस ई कदम?
दिवाली तक MDR लागू करे के फैसला टाले के समय त्योहार के सीजन बा। एह समय दुकानदारन के बिक्री बढ़ेले आ डिजिटल भुगतान के इस्तेमाल में तेजी आवेला। शुल्क लागू करे के तारीख आगे बढ़ला से चुनिंदा कारोबारी लेनदेन पर तुरंत अतिरिक्त भुगतान के दबाव ना पड़ी।
हालांकि, NPCI के ओर से जारी जानकारी में शुल्क लागू करे के तारीख टाले के विस्तृत वजह स्पष्ट रूप से ना बतावल गइल बा। एहसे ई दावा कइल सही ना होई कि फैसला खाली दुकानदारन के राहत देवे खातिर लिहल गइल बा।
ग्राहक आ दुकानदार का ध्यान में राखस?
फिलहाल ग्राहक लोग के ई समझे के जरूरत बा कि UPI पर हर भुगतान खातिर नया चार्ज लागू हो गइल बा, अइसन बात नइखे। फैसला चुनिंदा मर्चेंट लेनदेन से जुड़ल बा। दिवाली के बाद शुल्क कब से लागू होई आ किन लेनदेन पर लागू होई, एह बारे में आधिकारिक जानकारी के इंतजार करे के चाहीं।
दुकानदार आ कारोबारी लोग के भी NPCI आ अपना भुगतान सेवा प्रदाता के ओर से जारी नया दिशा-निर्देश पर नजर रखे के चाहीं। सही तारीख आ लागू होखे वाला नियम सामने अइला के बादे शुल्क के वास्तविक असर स्पष्ट हो पाई।







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