साहित्य अकादमी पुरस्कार 2024 : हिंदी कवयित्री गगन गिल के सम्मान

By Anurag Ranjan

Published on: Dec 19, 2024

साहित्य अकादमी 21 भाषा में आपन वार्षिक साहित्य अकादमी पुरस्कार-2024 के एलान कइले बिया. एह साल हिंदी साहित्य के ई पुरस्कार कवयित्री गगन गिल के दिहल जाई. गगन गिल के ई पुरस्कार उनुका रचना ”मैं

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साहित्य अकादमी पुरस्कार 2024

साहित्य अकादमी 21 भाषा में आपन वार्षिक साहित्य अकादमी पुरस्कार-2024 के एलान कइले बिया. एह साल हिंदी साहित्य के ई पुरस्कार कवयित्री गगन गिल के दिहल जाई. गगन गिल के ई पुरस्कार उनुका रचना ”मैं जब तक आयी बाहर” खातिर दिहल जाई.  

गगन गिल के जनम 18 नवम्बर 1959 के नई दिल्ली में भइल रहे। अंग्रेजी साहित्य में एम.ए. कइले बाड़ी .1983 में काव्य संग्रह ‘एक दिन लौटेगी लड़की’ के प्रकाशन से गगन गिल साहित्यिक गलियारा में एगो स्थापित आ प्रतिष्ठित कवयित्री बन गइली. 
तब से अब ले उs लगातार सक्रिय बाडी। गगन गिल के कविता अपना दृढ़ संकल्प आ संयम के साथे एगो आवे वाला परिष्कार के पूर्वाभास देत बाड़ी सऽ। कविता में नारी मन के एगो अनुशासित बाकिर भव्य संदेह आ दुख के भाव बा, जवन अबहीं ले रूढ़िवादी नइखे बनल। 

गगन गिल के कविता संग्रह- एक दिन लौटेगी लड़की (1989), अँधेरे में बुद्ध ( 1996), यह आकांक्षा समय नहीं (1998), थपक थपक दिल थपक थपक (2003), मैं जब तक आयी बाहर (2018), ‘मैं जब तक आयी बाहर’ एवं 4 गद्य पुस्तकें: दिल्ली में उनींदे (2000), अवाक् (2008), देह की मुँडेर पर (2018) प्ररकाशित हो चुकल बा.

गगन गिल को साहित्यिक अवदानन खातीर 1984 में भारत भूषण अग्रवाल पुरस्कार, 1989 में सर्जनात्मक लेखन खातीर संस्कृति पुरस्कार से नवाजल जा चुकल बा.

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