नीरज चोपड़ा के गिफ्ट कइल भाला से रोहित यादव जीतलें कांस्य पदक, खराब भाला देख बढ़वले रहसें मदद के हाथ

By Gaurav Mani Tripathi

Published on: Oct 12, 2026

जापान के नागोया में आयोजित एशियन गेम्स में भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी रोहित यादव कांस्य पदक जीत के देश के मान बढ़वले बाड़ें। रोहित के एह सफलता के कहानी एहसे खास बा, काहे कि ऊ

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जापान के नागोया में आयोजित एशियन गेम्स में भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी रोहित यादव कांस्य पदक जीत के देश के मान बढ़वले बाड़ें। रोहित के एह सफलता के कहानी एहसे खास बा, काहे कि ऊ जवना भाला से पदक जीतलें, ऊ ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा के हस्ताक्षर कइल भाला रहे। जब रोहित के पसंदीदा भाला खराब हो गइल रहे, तब नीरज उनकर मदद खातिर आगे आइल रहसें।

रोहित यादव 84.35 मीटर के शानदार थ्रो करके कांस्य पदक अपना नाम कइलें। नीरज चोपड़ा से भाला मिले के बाद रोहित ओही से अभ्यास कइले आ प्रतियोगिता में बढ़िया प्रदर्शन करे में सफल रहलें।

फ्लाइट में टेढ़ हो गइल रहे रोहित के पसंदीदा भाला

मछलीशहर तहसील के अदारी गांव के निवासी रोहित यादव बतवलें कि एगो प्रतियोगिता में भाग लेके लवटत घरी फ्लाइट में उनकर भाला टेढ़ हो गइल रहे। ई भाला उनका बहुत पसंद रहे। एकरा खराब हो जाए से ऊ काफी परेशान हो गइल रहसें, काहे कि भाला फेंक प्रतियोगिता में खिलाड़ी खातिर ओकर उपकरण बहुत महत्व रखेला।

भाला खराब हो जाए के बाद रोहित के सामने अभ्यास आ अगिला प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करे के चुनौती खड़ा हो गइल रहे। अइसन समय में नीरज चोपड़ा के सहयोग उनका खातिर काफी मददगार साबित भइल।

नीरज चोपड़ा देहलें आपन हस्ताक्षर कइल भाला

रोहित यादव बतवलें कि 10 सितंबर के इंडियन एथलेटिक्स फाइनल सीरीज में शामिल होखे खातिर पटियाला से दिल्ली आवत घरी ऊ नीरज चोपड़ा से अपना खराब भाला के बारे में बतवलें।

रोहित के परेशानी सुनला के बाद नीरज चोपड़ा उनका भरोसा दिहलें कि परेशान होखे के जरूरत नइखे। एकरा बाद नीरज अपना हस्ताक्षर कइल भाला रोहित के दे दिहलें।

नीरज के एह मदद से रोहित के नया हौसला मिलल। ऊ एह भाला से अभ्यास शुरू कइलें आ एशियन गेम्स में आपन प्रतिभा देखावे में सफल रहलें।

84.35 मीटर के थ्रो से जीतलें कांस्य पदक

रोहित यादव बतवलें कि नीरज चोपड़ा से मिलल भाला से ऊ अभ्यास कइलें। एही भाला से प्रतियोगिता में सफल थ्रो करके 84.35 मीटर के प्रदर्शन कइलें आ कांस्य पदक जीतलें।

रोहित खातिर ई उपलब्धि खाली एगो पदक जीते भर के कहानी नइखे, बल्कि मुश्किल समय में मिलल सहयोग आ अपना मेहनत पर भरोसा बनवले रखे के उदाहरण भी बा।

रोहित एह भाला के आजो संभाल के रखले बाड़ें। उनकर कहनाम बा कि आगे के प्रतियोगिता में भी ऊ एह भाला के इस्तेमाल करिहें।

‘नीरज के सहयोग जीवनभर याद रही’

रोहित यादव कहले कि ऊ साल 2019 से नीरज चोपड़ा के संपर्क में बाड़ें। दुनो खिलाड़ी कई गो प्रतियोगिता में एक साथ हिस्सा भी ले चुकल बाड़ें। नीरज के एह सहयोग के ऊ जीवनभर याद रखिहें।

नीरज चोपड़ा के एह पहल से भारतीय खेल जगत में आपसी सहयोग आ खेल भावना के सुंदर उदाहरण सामने आइल बा। एगो खिलाड़ी के मुश्किल समय में दूसरका खिलाड़ी के मदद मिलल आ ओकरा बाद सफलता हासिल कइल, खेल से जुड़ल युवा लोग खातिर प्रेरणादायक बा।

रोहित यादव के कांस्य पदक भारतीय एथलेटिक्स खातिर गर्व के बात बा। उनकर कहानी बतावता कि मेहनत, लगन आ सही समय पर मिलल सहयोग से कठिन परिस्थिति के सामना कइल जा सकेला।

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