Bihar Caste Census : जातीय जनगणना पs भाजपा के नाया पेंच, संजय जायसवाल जतवले ई आशंका

By Anurag Ranjan

Published on: Jun 2, 2022

पटना. बिहार में जातीय जनगणना करवला पs सर्वसम्मति बन गइल बा। ना नुकुर करते भारतीय जनता पार्टी एह प्रस्ताव पs सहमति दे देले बिया। नीतीश कुमार एह मसला पs सभे के एकमत कs लेले बाड़े, बाकिर

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पटना. बिहार में जातीय जनगणना करवला पs सर्वसम्मति बन गइल बा। ना नुकुर करते भारतीय जनता पार्टी एह प्रस्ताव पs सहमति दे देले बिया। नीतीश कुमार एह मसला पs सभे के एकमत कs लेले बाड़े, बाकिर सर्वदलीय बैठक में सहमति के बावजूद बिहार भाजपा नेतृत्व एह मुद्दा पs कइयन गो आशंका जतवले बाड़े। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आशंका जतवले बाड़े कि जातीय जनगणना के फायदा उठाके कहीं बिहार में बांग्लादेशी आ रोहिंगियां घुसपैठिया नागरिकता हासिल ना कs लेवे लोग।

सहमति के साथे आशंका

अपना फेसबुक पोस्ट के माध्यम से संजय जायसवाल कहले कि हमनी केंद्र के बाबा साहब अंबेडकर के संविधान प्रदत सातवां शेड्यूल के अधिकारन में कवनो तरे के छेड़खानी ना करेम सs। नेता प्रतिपक्इक्षो इहे कहले कि ई सर्वे भा गणना ओबीसी कमीशन भा आउर तरे से होखे के चाहीं। ऊ कहले कि भारत सरकार अपना जनगणना के मोताबिक गरीबन ला योजना तइयार करेले।

नरेंद्र मोदी के अधिकतर योजना गरीबन खातिर 

नरेंद्र मोदी के योजना के बात कइल जाव तs 60 से जादे योजना गरीबन के हित में बनावल गइल बा। हमनी के कबो ओमे जाति आधारित विभेद ना करेनी सs। ऊ कहले कि हम आपन बात के राखत मुख्यमंत्री के सोझा तीन गो आशंक प्रकट कइनी, जवना के निदान गणना करे वाला कर्मचारी लो के स्पष्ट रूप से बतावे के होई।

जायसवाल जतवले तीन गो आशंका

बिहार में होखे वाला जातीय जनगणना के लेके भाजपा के जवन तीन गो आशंका बा, ओमे पहिला आशंका बा कि जातीय आ उप-जातीय गणना के वजह से कवनो रोहिंग्या आ बांग्लादेशी के नाम जुड़ जाव. बाद में ऊ एकरे आधार पs नागरिकता के आधार ना बनावे।

मुस्लिम समुदाय में पिछड़न के संरक्षण होखे

संजय जायसवाल के दूसरका आशंका ई बा कि सीमांचल में मुस्लिम समाज में ई बहुतायत देखल जाला कि अगड़ा शेख समाज के लोग शेखोरा भा कुलहरिया बन के पिछड़न के हकमारी करे के काम का करेला लो। इहो गणना करे वाला लोग के देखे के होई कि मुस्लिम में जे अगड़ा बा ऊ एह गणना के आड़ में पिछड़ा भा  अति पिछड़ा ना बन जाव। अइसन हजारन गो उदाहरण सीमांचल में मवजूद बा, कारण बिहार के सब पिछड़न के हकमारी होला।

जातियन के संख्या के लेके जतवले आशंका

तीसरका आशंका ई बा कि भारत में सरकारी तौर पs 3747 जाति बा आ केंद्र सरकार खुद सुप्रीम कोर्ट के हलफनामा में बतवले कि 2011 के सर्वे में 4:30 लाख जातियन के विवरण जनता देले बिया। ई बिहारो में ना होखे एकरा खातिर सब सावधानी बरते के आवश्यकता बा।

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