No Confidence Motion : लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव: गौरव गोगोई कहलें- ई व्यक्तिगत हमला ना, सदन के मर्यादा बचावे के संकल्प

By Anurag Ranjan

Published on: Mar 10, 2026

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई मंगर के दिने कहलें कि विपक्ष के मजबूर होके लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ले आवे के पड़ल। उनका मुताबिक एह डेग के मकसद संविधान आ

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Opposition MPs submit no confidence motion notice against Lok Sabha Speaker Om Birla in Parliament

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई मंगर के दिने कहलें कि विपक्ष के मजबूर होके लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ले आवे के पड़ल। उनका मुताबिक एह डेग के मकसद संविधान आ संसद के गरिमा के बचावल बा, ना कि कवनो व्यक्तिगत हमला कइल।

गोगोई स्पीकर पs पक्षपातपूर्ण बेवहार के आरोप लगावत कहलें कि संसद में विपक्ष के नेता के विचार रखे के पूरा मवका नइखे मिलत।

नेता प्रतिपक्ष के कइयन बेर बोले से रोके गइल

असम के जोरहाट से सांसद गौरव गोगोई बतवलें कि फरवरी महीना में राष्ट्रपति के अभिभाषण पs धन्यवाद प्रस्ताव के चरचा के दौरान विपक्ष के नेता के करीब 20 बेर बीच में रोक दिहल गइल।

उनका अनुसार, जब नेता प्रतिपक्ष महत्वपूर्ण मुद्दा उठावे के कोसिस करत रहलें, तब स्पीकर के तरफ से बेर-बेर बाधा डालल गइल आ उनकर बात पूरा करे के मवका ना मिलल।

कइयन गो अहम मुद्दा पs बोले के अनुमति ना मिलल

गोगोई उदाहरण देत कहलें कि राहुल गांधी पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवाने के अप्रकाशित किताब में उठावल राजनीतिक हस्तक्षेप आ देस के नीति से जुड़ल मुद्दन पs बात करे के चाहत रहलें, बाकिर उनका बोले के अनुमति ना मिलल।

एकरा अलावे बेयपारिक समझौता आ अमेरिका में चलत जांच से जुड़ल मुद्दा पs विपक्ष के नेता के बोले से रोक दिहल गइल।

स्पीकर के बेवहार पs सवाल

गोगोई कहलें कि स्पीकर के ई रवैया विपक्ष के प्रति पक्षपातपूर्ण लागता। उनका मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के नबाम रेबिया बनाम डिप्टी स्पीकर ममिला में साफ कहल गइल बा कि स्पीकर के हमेसा निष्पक्ष, स्वतंत्र आ न्यायसंगत तरीका से काम करे के चाहीं।

ऊ सवाल उठवलें कि जब स्पीकर सदन में मौजूद ना रहेलें आ पैनल के सदस्य कार्यवाही चलावेलन, तs ई फैसला केकरा द्वारा होखेला कि कवन सदस्य अध्यक्षता करी।

इतिहास में पहिलहू आइल बा अइसन प्रस्ताव

गोगोई कहलें कि विपक्ष के मकसद संसद के गरिमा आ संविधान के रक्षा कइल बा। इतिहास में एकरा से पहिले तीन लोकसभा स्पीकर- जी.वी. मावलांकर (1954), हुकम सिंह (1966) आ बलराम जाखड़ (1987)– के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आ चुकल बा, हालांकि सब प्रस्ताव खारिज हो गइल रहे।

बतावल जा रहल बा कि कांग्रेस सांसद के. सुरेश, मल्लू रवि आ मोहम्मद जावेद एह प्रस्ताव के पेश कइले बा लोग, जवना के समर्थन 50 से जादे सांसद कइले बा लोग।

संविधान के अनुच्छेद 94C आ 96 के अनुसार लोकसभा स्पीकर के पद से हटावे खातिर साधारण बहुमत के जरूरत होला।

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