नेपाल में प्रेस के आजादी पर हमला? मीडिया संस्थानन में घुसल पुलिस, कई वरिष्ठ पत्रकार हिरासत में

By Gaurav Mani Tripathi

Published on: Oct 31, 2026

काठमांडू: नेपाल में प्रेस के स्वतंत्रता आ लोकतांत्रिक अधिकारन के लेके एगो नया विवाद खड़ा हो गइल बा। शुक्रवार के नेपाल पुलिस अलग-अलग मीडिया संस्थानन के न्यूजरूम में पहुंचकर कई वरिष्ठ पत्रकारन के हिरासत में

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काठमांडू: नेपाल में प्रेस के स्वतंत्रता आ लोकतांत्रिक अधिकारन के लेके एगो नया विवाद खड़ा हो गइल बा। शुक्रवार के नेपाल पुलिस अलग-अलग मीडिया संस्थानन के न्यूजरूम में पहुंचकर कई वरिष्ठ पत्रकारन के हिरासत में ले लिहलस। हालांकि, पूछताछ के बाद कुछ पत्रकारन के देर शाम छोड़ दिहल गइल। पुलिस के कहनाम रहे कि समाचार सामग्री से जुड़ल मामला में पूछताछ खातिर पत्रकारन के बोलावल गइल रहे। एह कार्रवाई के बाद नेपाल में पत्रकारिता के आजादी आ अभिव्यक्ति के स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल उठे लागल बा।

मीडिया संस्थानन में पुलिस के एह कार्रवाई के खबर सामने अइला के बाद पत्रकार संगठन आ मीडिया जगत में चिंता देखे के मिल रहल बा। खास बात ई बा कि पुलिस के कार्रवाई एगो विवादित खबर प्रकाशित भइला के ठीक एक दिन बाद भइल।

सुप्रीम कोर्ट के जज से जुड़ल खबर के बाद कार्रवाई

बतावल जा रहल बा कि दैनिक नया पत्रिका में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश हरि प्रसाद फुयाल आ कथित बिचौलिया इनाम सपकोटा के बीच व्हाट्सएप बातचीत के विवरण प्रकाशित कइल गइल रहे।

इनाम सपकोटा पर आरोप बा कि ऊ सरकारी संस्थानन के प्रभावित करे खातिर प्रभावशाली लोगन से अपना संबंध के इस्तेमाल करत रहल बा। एह खबर के प्रकाशन के अगिला दिने पुलिस अलग-अलग मीडिया संस्थानन में पहुंच गइल।

हालांकि, पुलिस के कार्रवाई आ प्रकाशित खबर के बीच संबंध के आधिकारिक रूप से स्पष्ट करे के जरूरत बा।

नेपाल प्रेस के न्यूजरूम से पत्रकार हिरासत में

शुक्रवार के सबसे पहिले सादा कपड़ा में पुलिसकर्मी ऑनलाइन समाचार पोर्टल नेपाल प्रेस के न्यूजरूम में पहुंचलें। पुलिस पत्रकार बिश्वमणि सुबेदी के पूछताछ खातिर अपना साथे ले गइल।

एह घटना से मीडिया संस्थान में हड़कंप मच गइल। हालांकि, देर शाम पूछताछ के बाद सुबेदी के रिहा कर दिहल गइल।

एह कार्रवाई के बाद पुलिसकर्मी दैनिक नया पत्रिका के मुख्यालय भी पहुंचलें। बतावल गइल कि पुलिस पत्रकार नवराज मैनाली के तलाश में उहाँ गइल रहे।

दियो पोस्ट के दफ्तर भी पहुंचल पुलिस

नेपाल पुलिस के कार्रवाई खाली दू गो मीडिया संस्थान तक सीमित ना रहल। पुलिस ऑनलाइन समाचार संस्थान दियो पोस्ट के कार्यालय में भी पहुंचल।

पुलिस उहाँ के प्रधान संपादक आ समाचार समन्वयक के तलाश करत रहे। हालांकि, दुनो लोग से मुलाकात ना हो पवला के कारण पुलिस वापस लौट गइल।

एह घटनाक्रम के बाद नेपाल के मीडिया जगत में चिंता बढ़ गइल बा। पत्रकारन के कहना बा कि समाचार प्रकाशित करे के चलते अगर पुलिस मीडिया संस्थानन में पहुंचकर पूछताछ करे लागी, त प्रेस के स्वतंत्रता पर असर पड़ सकेला।

साइबर ब्यूरो के अधिकारी कइलें पुष्टि

नेपाल पुलिस के साइबर ब्यूरो के एसपी दीपक अवस्थी पुष्टि कइलें कि बिश्वमणि सुबेदी समेत कई लोगन के पूछताछ खातिर लावल गइल रहे।

पुलिस के मुताबिक, ई कार्रवाई समाचार सामग्री से जुड़ल पूछताछ के सिलसिला में कइल गइल। बाद में संबंधित पत्रकारन के रिहा कर दिहल गइल।

प्रेस की आजादी पर उठल सवाल

नेपाल में मीडिया संस्थानन के भीतर पुलिस के पहुंच आ पत्रकारन के हिरासत में लिहल लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रेस के भूमिका पर बहस पैदा कर दिहले बा।

लोकतंत्र में मीडिया के काम सरकार, प्रशासन आ संस्थानन के गतिविधियन पर नजर रखल आ जनता तक सही जानकारी पहुंचावल होला। अइसन में पत्रकारन के सुरक्षा आ स्वतंत्रता बनवले रखल जरूरी बा।

अब देखे के होई कि नेपाल सरकार आ पुलिस एह कार्रवाई पर आगे का सफाई देत बा। साथही ई सवाल भी महत्वपूर्ण बा कि पत्रकारन के खिलाफ कइल गइल कार्रवाई के कानूनी आधार का रहे।

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