MLC के का होला पावर? कतना मिलेला तनख्वाह, सरकारी आवास आ पेंशन, जान लीं MLA से अंतर

By Gaurav Mani Tripathi

Published on: Oct 29, 2026

देश के कई राज्य में विधान परिषद के चुनाव के नतीजा आवते MLC के चर्चा तेज हो जाला। राजनीति में MLC के नाम त रउआ कई बेर सुनले होखब, बाकिर का रउआ जानत बानी कि

Share

देश के कई राज्य में विधान परिषद के चुनाव के नतीजा आवते MLC के चर्चा तेज हो जाला। राजनीति में MLC के नाम त रउआ कई बेर सुनले होखब, बाकिर का रउआ जानत बानी कि MLC के का कहल जाला, एकर चुनाव कइसे होला, ओह लोग के कतना तनख्वाह मिलेला आ सरकार से कवन-कवन सुविधा मिल सकेला? का MLC मुख्यमंत्री भा मंत्री बन सकेला? आईं, एह सवालन के जवाब आसान भोजपुरी में जानीं।

MLC का होला?

MLC के पूरा नाम मेंबर ऑफ लेजिस्लेटिव काउंसिल (Member of Legislative Council) ह। भोजपुरी में एकरा के विधान परिषद के सदस्य कहल जाला। भारत के कुछ राज्य में विधानसभा के साथे विधान परिषद भी बा। विधानसभा के सदस्य MLA कहल जालें, जबकि विधान परिषद के सदस्य MLC कहाला।

फिलहाल उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश आ तेलंगाना में विधान परिषद बा। विधानसभा निचला सदन ह आ विधान परिषद ऊपरी सदन ह। विधान परिषद के मकसद कानून बनावे के प्रक्रिया में अतिरिक्त विचार-विमर्श करावल आ शिक्षा, साहित्य, कला, विज्ञान आ समाजसेवा जइसन क्षेत्र के अनुभवी लोग के प्रतिनिधित्व के मौका दिहल ह।

MLC के का-कवन अधिकार होला?

MLC के काम खाली सदन में बइठल ना ह। ऊ राज्य के महत्वपूर्ण मुद्दा पर सरकार से सवाल पूछ सकेला आ जनहित के समस्या उठावे में भूमिका निभा सकेला।

1. कानून बनावे में भूमिका: विधान परिषद में सामान्य विधेयक पर चर्चा हो सकेला। हालांकि, कानून बनावे के प्रक्रिया में विधानसभा के भूमिका अधिक प्रभावशाली होला।

2. सरकार से सवाल: MLC मंत्री लोग से सरकारी योजना, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली आ प्रशासनिक फैसला के बारे में सवाल पूछ सकेला।

3. जनता के समस्या उठावल: ऊ अपना निर्वाचन क्षेत्र आ राज्य के आम लोग से जुड़ल मुद्दा सदन में उठा सकेला। शिक्षक, स्नातक आ स्थानीय निकाय से जुड़ल मतदाता समूह के समस्या पर भी आवाज उठा सकेला।

4. बजट पर चर्चा: MLC राज्य के बजट आ वित्तीय नीति पर चर्चा कर सकेला। बाकिर मनी बिल खाली विधानसभा में पेश होला। विधानसभा से पारित होखे के बाद विधान परिषद एकरा पर 14 दिन के भीतर आपन सिफारिश दे सकेला।

का MLC मुख्यमंत्री बन सकेला?

हँ, MLC मुख्यमंत्री राज्य सरकार में मंत्री बन सकेला। संविधान के मुताबिक मुख्यमंत्री आ मंत्री खातिर खाली विधानसभा के सदस्य होखल जरूरी नइखे। बाकिर मुख्यमंत्री के सरकार विधानसभा के प्रति जवाबदेह होला आ सरकार बनावे खातिर विधानसभा में बहुमत जरूरी होला।

अगर कवनो मंत्री नियुक्ति के समय राज्य के विधानमंडल के कवनो सदन के सदस्य नइखे, त ओकरा छह महीना के भीतर सदस्य बनल जरूरी होला।

MLC के कतना तनख्वाह मिलेला?

MLC के तनख्वाह पूरा देश में एक जइसन नइखे। हर राज्य अपना कानून आ नियम के हिसाब से वेतन, भत्ता आ सुविधा तय करेला।

उत्तर प्रदेश के बारे में उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, MLC के मूल वेतन करीब 35,000 रुपया महीना बतावल गइल बा। वेतन के साथे अलग-अलग भत्ता जोड़ला पर कुल मासिक रकम करीब 2.66 लाख रुपया तक बतावल जाला। ई आंकड़ा अलग-अलग भत्ता के शामिल क सकेला आ समय के साथ बदल भी सकेला। एहसे एकरा के मौजूदा सरकारी दर के अंतिम पुष्टि मानल ठीक ना होई।

वेतन आ भत्ता में अंतर समझल जरूरी बा। मूल वेतन सदस्य के नियमित तनख्वाह ह। भत्ता निर्वाचन क्षेत्र, यात्रा, कार्यालय आ आधिकारिक काम खातिर मिल सकेला। हर भत्ता नकद आमदनी ना होला; कुछ रकम वास्तविक खर्च के भरपाई खातिर दिहल जाला।

MLC के कवन-कवन सुविधा मिलेला?

तनख्वाह के अलावा MLC के कई तरह के सुविधा मिल सकेला। बाकिर एकर पात्रता आ सीमा राज्य के नियम पर निर्भर करेला।

  • सरकारी आवास: राजधानी में सरकारी आवास, विधायक निवास भा निर्धारित आवास भत्ता के सुविधा मिल सकेला।
  • यात्रा भत्ता: सदन, समिति आ सरकारी काम से यात्रा करे पर निर्धारित भत्ता भा खर्च के भरपाई हो सकेला।
  • चिकित्सा सुविधा: नियम के अनुसार इलाज आ चिकित्सा खर्च के प्रतिपूर्ति के सुविधा मिल सकेला।
  • फोन आ संचार: आधिकारिक काम खातिर फोन, इंटरनेट आ संचार संबंधी खर्च पर निर्धारित सहायता मिल सकेला।
  • कार्यालयी सहायता: कुछ राज्य में स्टेशनरी, कार्यालय खर्च आ सचिवीय सहायता के व्यवस्था होला।
  • बैठक भत्ता: पात्र बैठक में शामिल होखे पर नियमानुसार दैनिक भत्ता मिल सकेला।
  • पेंशन: सदस्यता समाप्त होखला के बाद पेंशन के पात्रता राज्य के कानून आ लागू नियम पर निर्भर करेला।

याद रखीं कि हर राज्य में ई सुविधा एक समान नइखे आ सरकारी आवास भा गाड़ी जइसन सुविधा हर सदस्य के बिना शर्त मिले, ई जरूरी नइखे।

MLC के कार्यकाल कतना साल के होला?

विधान परिषद एगो स्थायी सदन ह। एकरा के विधानसभा नियर भंग ना कइल जाला। MLC के सामान्य कार्यकाल छह साल के होला। हर दू साल पर करीब एक-तिहाई सदस्य रिटायर हो जालें। खाली भइल सीट पर नियमानुसार चुनाव करावल जाला।

MLC आ MLA में का अंतर बा?

MLA विधानसभा के सदस्य होला आ ओकरा के अपना विधानसभा क्षेत्र के मतदाता सीधे चुनलें। दोसरा ओर, MLC के चुनाव अलग-अलग निर्वाचक मंडल से होला। कुछ सदस्य स्थानीय निकाय के प्रतिनिधि, शिक्षक, स्नातक आ विधायक लोग चुनेला, जबकि कुछ सदस्य के राज्यपाल मनोनीत करेलें।

MLA के सामान्य कार्यकाल पाँच साल होला, जबकि MLC के छह साल। विधानसभा के सरकार के गठन आ ओकरा के जवाबदेह बनावे में मुख्य भूमिका होला। विधान परिषद कानून पर चर्चा आ समीक्षा करे के अतिरिक्त मंच देला, बाकिर वित्तीय मामिला में एकर अधिकार सीमित बा।

MLC के चुनाव कइसे होला?

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 171 में विधान परिषद के गठन के व्यवस्था दिहल गइल बा। एकर सदस्य पाँच तरीका से आवेलें।

1. स्थानीय निकाय से चुनाव: लगभग एक-तिहाई सदस्य के चुनाव नगर निगम, नगर पालिका आ संबंधित स्थानीय निकाय के निर्वाचित प्रतिनिधि करेलें।

2. स्नातक निर्वाचन क्षेत्र: लगभग एक-बारहवाँ सदस्य के चुनाव पंजीकृत स्नातक मतदाता करेलें। पात्रता खातिर निर्धारित शर्त पूरा कइल जरूरी होला।

3. शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र: लगभग एक-बारहवाँ सीट पर निर्धारित शैक्षणिक संस्थान में जरूरी अवधि तक पढ़ावे वाला आ पंजीकृत शिक्षक मतदान करेलें।

4. विधायक लोग के वोट: लगभग एक-तिहाई सदस्य के चुनाव राज्य के विधायक करेलें। एह चुनाव में प्राथमिकता आधारित एकल संक्रमणीय मत प्रणाली के इस्तेमाल होला।

5. राज्यपाल के मनोनयन: बाकी सदस्य राज्यपाल मनोनीत करेलें। एह लोग में साहित्य, विज्ञान, कला, सहकारिता आंदोलन आ समाजसेवा जइसन क्षेत्र में विशेष ज्ञान भा अनुभव रखे वाला लोग शामिल हो सकेला।

कुल मिलाके, MLC राज्य के कानून बनावे आ जनता के मुद्दा उठावे में महत्वपूर्ण भूमिका निभावेला। बाकिर ओकर अधिकार, वेतन, भत्ता, आवास आ पेंशन के सही जानकारी खातिर संबंधित राज्य के मौजूदा नियम देखल जरूरी बा।

Read More : 29 अक्टूबर के महत्वपूर्ण घटनाक्रम: जानल जाव आज के इतिहास, जन्म आ पुण्यतिथिhttps://khabarbhojpuri.com/29-october-history-important-events-births-and-deaths/

💬 Comments
?

No comments yet. Be the first to comment!

खबरें और भी arrow-right Created with Sketch Beta.