Jharkhand News : ₹1 करोड़ के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा गिरफ्तार, जानीं चार राज्य में दहशत फइलावे वाला माओवादी कमांडर के कहानी

By Anurag Ranjan

Published on: Jul 29, 2026

रांची। झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ आ कोबरा जवानन के संयुक्त अभियान में सुरक्षा बलन के बहुत बड़ सफलता मिलल बा। ₹1 करोड़ के इनामी माओवादी कमांडर मिसिर बेसरा के धनबाद-गिरिडीह सीमा से गिरफ्तार कs लिहल गइल बा।

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Misir Besra Arrested

रांची। झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ आ कोबरा जवानन के संयुक्त अभियान में सुरक्षा बलन के बहुत बड़ सफलता मिलल बा। ₹1 करोड़ के इनामी माओवादी कमांडर मिसिर बेसरा के धनबाद-गिरिडीह सीमा से गिरफ्तार कs लिहल गइल बा। मिसिर बेसरा के संगे दूगो सक्रिय नक्सली साथी आ दूगो स्थानीय लोगन के हिरासत में लिहल गइल बा। सुरक्षा एजेंसी के माने के बा कि एह गिरफ्तारी से माओवादी संगठन के बड़ झटका लागल बा।

मिसिर बेसरा कइयन साल से झारखंड पुलिस आ केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियन के मोस्ट वांटेड सूची में सामिल रहल बा। केंद्र आ राज्य सरकार ओकरा पs ₹1 करोड़ के इनाम घोषित कइले रहे। ओकर नेटवर्क खाली झारखंड तक सीमित ना रहे, बलुक बिहार, ओडिशा आ छत्तीसगढ़ तक फइलल रहे।

चार राज्यन में चलावत रहे माओवादी नेटवर्क

जानकारी के मोताबिक, मिसिर बेसरा माओवादी संगठन के केंद्रीय समिति आ पोलित ब्यूरो के प्रमुख सदस्य रहे। ऊ पारसनाथ, सारंडा, कोल्हान सहित कइयन गो जंगल के इलाकन से संगठन के गतिविधियन के संचालित करत रहे। पुलिस पs हमला, आईईडी विस्फोट, लेवी वसूली आ नक्सली रणनीति तय करे में ओकर अहम भूमिका बतावल जात रहे।

एह तरे पुलिस के जाल में फंसल मिसिर बेसरा

सुरक्षा एजेंसी के गुप्त सूचना मिलला के बाद सीआरपीएफ, कोबरा आ झारखंड पुलिस धनबाद-गिरिडीह सीमा पs विशेष अभियान चलवलस। पूरा इलाका के घेराबंदी कइल गइल। कार्रवाई के दौरान बिना गोली चलले मिसिर बेसरा के ओकर दूगो साथी मोछू आ सौरभ उर्फ गौरव के संगे गिरफ्तार कs लिहल गइल। दूगो स्थानीय ग्रामीणन से पूछताछ जारी बा।

गिरफ्तारी से पहिले संगठन के लागल रहे लगातार झटका

हाल के महीना में मिसिर बेसरा के कइयन गो करीबी साथी पुलिस कार्रवाई में मारल गइलें सs भा गिरफ्तार भइलें सs, जबकि कुछ नक्सली आत्मसमर्पणो कइल। गिरफ्तारी के ठीक पहिले 16 नक्सली झारखंड पुलिस के सामने सरेंडर कइलें, जवना में कइयन गो इनामी उग्रवादी सामिल रहलें। एकरा से संगठन के नेटवर्क पहिले से कमजोर हो गइल रहे।

का बा मिसिर बेसरा के कहानी?

गिरिडीह जिला के निवासी मिसिर बेसरा 1980 के दशक में पढ़ाई खातिर धनबाद गइल रहे। एह दौरान ऊ नक्सली विचारधारा से प्रभावित भइल आ पढ़ाई छोड़के माओवादी संगठन से जुड़ गइलें। रणनीति बनावे में माहिर होखला के कारण ऊ धीरे-धीरे संगठन के सबसे प्रभावशाली नेता बन गइलें। कइयन दशक तक ऊ चार राज्यन में नक्सली गतिविधियन के संचालन करत रहे।

पूछताछ में हो सकेला बड़ खुलासा

पुलिस के उम्मेद बा कि मिसिर बेसरा से पूछताछ के दौरान माओवादी संगठन के शीर्ष नेतृत्व, हथियार सप्लाई नेटवर्क, लेवी वसूली, सुरक्षित ठिकाना आ कइयन गो लंबित वारदात के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकेला। सुरक्षा एजेंसी गिरफ्तार लोगन से लगातार पूछताछ करत बाड़ी सs।

मिसिर बेसरा के गिरफ्तारी के झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ सबसे बड़ कार्रवाई में से एगो मानल जा रहल बा। सुरक्षा एजेंसियन के माने के बा कि एह कार्रवाई से लाल आतंक के नेटवर्क के बड़ नुकसान पहुंचल बा आ भविष्य में माओवादी गतिविधियन पs आउर प्रभावी अंकुश लाग सकेला।

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