पटना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता के बारे में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के टिप्पणी के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गइल बा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आ भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन एह बयान के कड़ी आलोचना कइले बाड़ें। भाजपा के आरोप बा कि कांग्रेस अब विकास आ जनहित के मुद्दा पर बहस करे के बजाय निजी टिप्पणी आ अभद्र भाषा के सहारा ले रहल बिया।
खरगे के बयान पर अमित शाह के तीखा हमला
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पटना में दिहल बयान पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आपत्ति जतवले। शाह आरोप लगवले कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आ उनकर परिवार के खिलाफ कांग्रेस के नेता पहिले भी कई बेर आपत्तिजनक टिप्पणी कर चुकल बाड़ें।
अमित शाह के कहनाम बा कि कांग्रेस के नेता कबो प्रधानमंत्री के माई के बारे में गलत बात कहेलें, त कबो उनका ‘मौत के सौदागर’ कह के निशाना बनावल गइल। प्रधानमंत्री के चाय बेचे वाला पृष्ठभूमि के लेके भी तंज कसला के बात शाह उठवले।
शाह के मुताबिक, राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस के नेता बार-बार भाषा के मर्यादा पार करत बाड़ें। ऊ आरोप लगवले कि लगातार चुनावी हार के चलते कांग्रेस में निराशा बढ़ गइल बा आ पार्टी के लगे अब जनता के सामने रखे खातिर ठोस नीति आ मुद्दा के कमी हो गइल बा।
गृह मंत्री दावा कइलें कि जब-जब प्रधानमंत्री मोदी आ उनकर परिवार के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी भइल बा, तब-तब जनता चुनाव में कांग्रेस के जवाब देले बिया।
योगी आदित्यनाथो कइलें कड़ा विरोध
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी एह विवाद पर आपन प्रतिक्रिया देले। ऊ एक्स पर लिखलें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता के बारे में कइल गइल अमर्यादित टिप्पणी बेहद निंदनीय आ अक्षम्य बा।
योगी के कहनाम बा कि अइसन बयान देश के करोड़ों लोग के भावना के ठेस पहुँचावेला आ भारतीय लोकतंत्र के गरिमा के नुकसान पहुँचावेला। ऊ कांग्रेस पर निराशा, कुंठा आ वैचारिक कमजोरी के आरोप लगवले।
मुख्यमंत्री कांग्रेस से मांग कइलें कि पार्टी अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष के बयान पर कार्रवाई करे आ देश के जनता से माफी माँगे।
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन का कहले?
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी खरगे के बयान के आलोचना कइलें। ऊ कहले कि राजनीतिक विरोध के भी एगो मर्यादा होला, बाकिर सार्वजनिक मंच से दिवंगत परिजन के राजनीतिक भाषण में घसीटल उचित नइखे।
नितिन नवीन के आरोप बा कि जब विपक्ष के लगे देश के विकास, सरकारी नीति आ जनकल्याण के मुद्दा पर बहस करे खातिर मजबूत तर्क नइखे रहत, तब ऊ निजी आरोप आ विवादित बयान के सहारा लेला।
भाजपा अध्यक्ष के मुताबिक, खरगे के बयान खाली उनकर व्यक्तिगत सोच ना, बल्कि कांग्रेस के राजनीतिक संस्कृति के भी देखावेला। हालांकि, ई भाजपा के ओर से कइल गइल राजनीतिक आरोप हवे।
आखिर का ह पटना में पूरा मामला?
ई विवाद बिहार के राजधानी पटना में रविवार के आयोजित एगो कार्यक्रम के दौरान शुरू भइल। ई कार्यक्रम बिहार के पहिला मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह के 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कइल गइल रहे।
कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भाषण देत रहलें। ओही समय अपना के कांग्रेसी बतावे वाला एगो युवक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में टिप्पणी कइलस। युवक के कथित कहनाम रहे कि अइसन राजनीतिक लड़ाई से प्रधानमंत्री मोदी के सत्ता से हटावल आसान ना होई।
बतावल जा रहल बा कि युवक छपरा के रहे। ऊ खरगे के समझावे के कोशिश करत रहे कि खाली राजनीतिक विरोध से प्रधानमंत्री मोदी के हटावल संभव नइखे। एही दौरान खरगे आ युवक के बीच बातचीत बढ़ गइल आ माहौल गरमा गइल।
आरोप बा कि जवाब देत घरी खरगे प्रधानमंत्री मोदी के पिता के बारे में आपत्तिजनक शब्द के इस्तेमाल कइलें। एकरा बाद कार्यक्रम में हंगामा शुरू हो गइल। कुछ लोग के युवक से हाथापाई करे के खबर भी सामने आइल।
हालाँकि, पूरा घटनाक्रम के निष्पक्ष आ अंतिम निष्कर्ष पर पहुँचे खातिर संबंधित बयान के पूरा संदर्भ आ उपलब्ध वीडियो के जाँच जरूरी बा।
खरगे चुनाव प्रक्रिया आ ईवीएम पर भी उठवले सवाल
पटना के एह कार्यक्रम में खरगे खाली प्रधानमंत्री मोदी पर टिप्पणी ना कइलें, बल्कि चुनावी प्रक्रिया, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम), मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर आ भाजपा तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के विचारधारा पर भी सवाल उठवलें।
कांग्रेस अध्यक्ष मांग कइलें कि देश में चुनाव बैलेट पेपर के माध्यम से करावल जाए। ऊ एसआईआर के प्रक्रिया तत्काल रोके के मांग भी उठवलें। एकरा अलावा पिछिला दू साल में भइल विधानसभा चुनाव के रद्द करे के मांग कइला के बातो सामने आइल।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अगिला 30 साल तक सरकार में बनल रहे के बयान पर भी खरगे सवाल उठवलें। ऊ कहलें कि भविष्य में के रही आ के ना रही, ई केहू नइखे जानत। खरगे आरोप लगवलें कि ईवीएम आ चुनावी व्यवस्था के चलते सत्तारूढ़ दल के फायदा मिल रहल बा। ई आरोप कांग्रेस के राजनीतिक रुख के हिस्सा हवे, एकर पुष्टि खातिर स्वतंत्र सबूत जरूरी बा।
बयानबाजी से बढ़ल राजनीतिक टकराव
खरगे के टिप्पणी के बाद कांग्रेस आ भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव अउरी तेज हो गइल बा। भाजपा एह बयान के प्रधानमंत्री आ उनकर परिवार के अपमान बतावत माफी के मांग कर रहल बिया। दोसरा ओर, कार्यक्रम में खरगे के भाषण के दौरान उठल सवाल चुनावी प्रक्रिया आ ईवीएम के लेके विपक्ष के विरोध के भी सामने ले आइल बा।
अब देखे के होई कि कांग्रेस एह विवाद पर कवन आधिकारिक रुख अपनावेला आ खरगे के बयान के लेके आगे का प्रतिक्रिया आवेला। फिलहाल, एह मामला से बिहार के राजनीतिक माहौल गरमा गइल बा आ राष्ट्रीय राजनीति में भाषा के मर्यादा, चुनावी प्रक्रिया आ विपक्ष के भूमिका पर बहस तेज हो गइल बा।







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