Ranchi : JPSC रिजल्ट जारी होखे से पहिले व्हाट्सएप पर लीक हो गइल रहे चयनित अभ्यर्थियन के जानकारी, CID के चार्जशीट में बड़ खुलासा

By Gaurav Mani Tripathi

Published on: Oct 27, 2026

रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के परीक्षा में कथित मेधा घोटाला, प्रश्नपत्र लीक आ ओएमआर शीट में हेराफेरी के मामला में सीआईडी के दाखिल चार्जशीट से कई गो बड़ खुलासा भइल बा। जांच एजेंसी

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रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के परीक्षा में कथित मेधा घोटाला, प्रश्नपत्र लीक आ ओएमआर शीट में हेराफेरी के मामला में सीआईडी के दाखिल चार्जशीट से कई गो बड़ खुलासा भइल बा। जांच एजेंसी रांची के सीआईडी विशेष अदालत में एह मामला से जुड़ल सबूत पेश कइले बिया। चार्जशीट के मुताबिक, 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के रिजल्ट जारी होखे से पहिले ही चयनित अभ्यर्थियन के जानकारी व्हाट्सएप पर साझा कइल गइल रहे।

सीआईडी के मुताबिक, तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता परीक्षा संचालन से जुड़ल एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के कर्मचारी उस्मान के साथ व्हाट्सएप पर परीक्षा से जुड़ल गोपनीय जानकारी साझा कइले रहली। दुनो के व्हाट्सएप चैट के जांच आ विश्लेषण से ई बात सामने आइल बा।

267 चयनित अभ्यर्थियन के जानकारी साझा भइल

जांच में पता चलल कि कुल 267 चयनित अभ्यर्थियन के डेटा व्हाट्सएप पर साझा कइल गइल रहे। एहमें दोसर राज्य के सफल अभ्यर्थी भी शामिल रहलें। चार्जशीट के मुताबिक, एह अभ्यर्थियन में बिहार के 146, उत्तर प्रदेश के 82 आ हरियाणा के 14 अभ्यर्थी शामिल रहलें।

सीआईडी के कहना बा कि श्वेता गुप्ता आ उस्मान के बीच 14वीं जेपीएससी परीक्षा के प्रश्न आ उत्तर भी साझा भइल रहे। एकरा अलावा ओएमआर शीट के दोबारा मूल्यांकन, अभ्यर्थियन के क्रमांक आ पास होखे वाला उम्मीदवारन के श्रेणीवार आ कोटिवार संख्या से जुड़ल जानकारी भी एक-दूसरा तक पहुंचावल गइल रहे। जांच एजेंसी अब एह नेटवर्क से जुड़ल दोसरा लोग के भूमिका के भी जांच करत बिया।

अध्यक्ष के कार्यकाल में नियम के अनदेखी के आरोप

चार्जशीट में जेपीएससी के वर्तमान सचिव के निजी सहायक अरुण कुमार के बयान भी शामिल कइल गइल बा। अरुण कुमार सीआईडी के बतवले कि तत्कालीन अध्यक्ष एल. खियांग्ते के पदभार संभारे के बाद से आयोग में परीक्षा संचालन के दौरान नियम-कानून के अनदेखी कइल जात रहे।

बयान के मुताबिक, तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता भी एह प्रक्रिया में शामिल रहली। आयोग के गोपनीय शाखा के निजी सहायक सोनू कुमार के बारे में भी आरोप बा कि ओकरा एह गतिविधियन के जानकारी रहे आ ऊ तत्कालीन अध्यक्ष आ उप परीक्षा नियंत्रक के सहयोग करत रहे। ई आरोप जांच आ न्यायिक प्रक्रिया के विषय बा।

कॉल डिटेल रिकॉर्ड से सामने आइल संपर्क

सीआईडी मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) के आधार पर कई लोग के बीच भइल बातचीत के जानकारी अदालत में पेश कइले बिया।

रिकॉर्ड के मुताबिक, श्वेता कुमारी गुप्ता आ आयोग के कर्मचारी सोनू के बीच 14 अगस्त 2024 से 18 जुलाई 2026 के बीच 635 बार बातचीत भइल। सोनू आ तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक सह सचिव के बीच 10 मई 2025 से 9 जुलाई 2026 तक 119 बार संपर्क भइल।

एह तरे सोनू आ तत्कालीन आयोग सदस्य डॉ. अजिता भट्टाचार्य के निजी सहायक ब्रज कुमार राम के बीच 83 बार बातचीत के जानकारी मिलल बा। ब्रज कुमार राम पर आरोप बा कि ऊ परीक्षा संचालन एजेंसी बिंसिस के काम दिलवावे खातिर एल. खियांग्ते के मिजोरम स्थित आवास पर 2.50 लाख रुपिया नकद पहुंचवले रहले।

श्वेता गुप्ता आ टीडीपीएल कर्मचारी उस्मान के बीच 17 जून 2025 से 21 जुलाई 2026 तक 674 बार बातचीत भइल। ओहिजे, श्वेता गुप्ता आ तत्कालीन अध्यक्ष एल. खियांग्ते के बीच 301 से 304 बार बातचीत के रिकॉर्ड पेश कइल गइल बा।

सीआईडी एह मामला में दोसरा संबंधित कर्मचारी आ एजेंसी संचालकन के कॉल रिकॉर्ड भी अदालत में पेश कइले बिया। अब एह मामला में जांच के निष्कर्ष आ अदालत के आगे के कार्रवाई पर नजर बनल बा।

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