इजरायल आ ईरान के बीच बढ़त तनाव के बीच इजरायल अपना सैन्य तैयारी मजबूत करे में जुट गइल बा। संभावित अचानक हमला आ सीमा पार घुसपैठ से निपटे खातिर इजरायली सेना 48 घंटा के बड़ सैन्य अभ्यास शुरू कइले बिया। एह अभ्यास में सेना के कई डिवीजन आ वायुसेना के इकाई शामिल बाड़ी स। एह घटनाक्रम के तुलना 1973 के ‘योम किप्पुर युद्ध’ से कइल जा रहल बा, जब इजरायल पर एक साथ दू गो मोर्चा से हमला भइल रहे।
कई मोर्चा पर हमला से निपटे के तैयारी
फॉक्स न्यूज के रिपोर्ट के मुताबिक, एह सैन्य अभ्यास के मुख्य मकसद कई मोर्चा से हो सके वाला हमला के खिलाफ इजरायल के तैयारी के मजबूत बनावल बा। सेना 7 अक्टूबर 2023 के हमास के नेतृत्व में भइल हमला आ पिछला खुफिया चूक से सीख लेत आपन रणनीति तैयार करत बिया।
एह अभ्यास में इजरायली सेना के उत्तरी कमान के 210वां डिवीजन, वेस्ट बैंक डिवीजन आ सेंट्रल कमान के 98वां आ 96वां डिवीजन शामिल बाड़ें। एकरा अलावे इजरायली वायुसेना भी एह अभियान के हिस्सा बा।
अभ्यास के दौरान जमीन आ हवा के रास्ता से हो सके वाला घुसपैठ, अचानक हमला आ एक साथ कई मोर्चा पर पैदा होखे वाला खतरा के मुकाबला करे के क्षमता के परखल जा रहल बा।
सेना प्रमुख दिहलें संघर्ष बढ़े के चेतावनी
इजरायली सेना के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जमीर कई मोर्चा पर बढ़त सुरक्षा चुनौती के लेके चिंता जतवले बाड़ें। सेंट्रल कमान के दौरा के दौरान ऊ कहले कि अलग-अलग मोर्चा से मिल रहल चेतावनी आ मौजूदा संवेदनशील हालात के चलते संघर्ष अउरी बढ़े के आशंका बढ़ गइल बा।
जमीर के मुताबिक, इजरायली सेना कई इलाका में आपन तैनाती बढ़ा के सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कइले बिया।
ई सैन्य अभ्यास अइसन समय में हो रहल बा, जब ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के ओर से बैलिस्टिक मिसाइल अभ्यास कइला के खबर सामने आइल बा। एह घटनाक्रम से तेहरान आ यरुशलम के बीच तनाव अउरी बढ़े के आशंका जतावल जा रहल बा।
1973 के योम किप्पुर युद्ध से काहे हो रहल तुलना?
6 अक्टूबर 1973 के मिस्र आ सीरिया इजरायल पर एक साथ दू गो मोर्चा से हमला कइले रहे। मिस्र के सेना स्वेज नहर पार क के आगे बढ़ल रहे, जबकि सीरिया के सेना गोलान हाइट्स के दिशा में हमला कइले रहे।
ओह समय इजरायल के खुफिया एजेंसियन के असामान्य सैन्य गतिविधियन के संकेत मिलल रहे, बाकिर ऊ हमला के सही समय आ ओकर गंभीरता के अंदाजा लगावे में नाकाम रहल बाड़ी स। एह चूक के चलते युद्ध के शुरुआती दौर में इजरायल के भारी चुनौती के सामना करे के पड़ल रहे।
राष्ट्रीय सुरक्षा विश्लेषक डॉ. एहुद एइलम के मुताबिक, ओह युद्ध से पहिले मिस्र आ सीरिया सैन्य अभ्यास कइले रहे, जवना से अपना वास्तविक तैयारी के छिपावे में मदद मिलल रहे।
आज इजरायल आ ईरान एक-दूसरा के सैन्य गतिविधियन पर नजर रखले बाड़ें। दुनो पक्ष के ई आशंका बा कि कहीं विरोधी पहिले हमला ना कर दे। एह कारण गलत आकलन आ अचानक टकराव के खतरा बढ़ सकेला।
का फेर हो सकेला बड़ युद्ध?
मौजूदा सैन्य अभ्यास के मतलब ई जरूरी नइखे कि इजरायल आ ईरान के बीच तुरंत बड़ युद्ध शुरू होखे वाला बा। हालांकि, बढ़त तनाव आ कई मोर्चा पर सुरक्षा चुनौती के चलते इजरायल अपना तैयारी में कवनो कमी ना छोड़े के कोशिश करत बा। 1973 के युद्ध आ 2023 के हमला से मिलल सबक के ध्यान में रख के सेना संभावित खतरा के सामना करे खातिर तैयार हो रहल बिया।







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