ज्ञानवापी: व्यासजी के तहखाना में पूजा के अनुमति के अमेरिका में स्वागत, वीएचपीए सराहलस, जानीं के कइल निंदा?

By Anurag Ranjan

Published on: Feb 2, 2024

अमेरिका के एगो प्रमुख हिन्दू अमेरिकी समूह बियफ़ें के वाराणसी जिला अदालत के फैसला के स्वागत कईलस, जवना में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में व्यास जी के तहखाना में हिन्दू भक्त के पूजा करे के अनुमति

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अमेरिका के एगो प्रमुख हिन्दू अमेरिकी समूह बियफ़ें के वाराणसी जिला अदालत के फैसला के स्वागत कईलस, जवना में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में व्यास जी के तहखाना में हिन्दू भक्त के पूजा करे के अनुमति दिहल गईल। विश्व हिन्दू परिषद ऑफ अमेरिका (वीएचपीए) आ करीब छह गो अउरी हिन्दू अमेरिकी समूह एगो बयान जारी कs के एकरा के ‘ऐतिहासिक फैसला’ बतवले बाड़न। मीडिया के जारी विज्ञप्ति में कहल गइल बा कि, ‘वीएचपीए माननीय न्यायालय के एह सुविचारित आ न्यायसंगत फैसला के बहुते सराहत बा।’ एह ऐतिहासिक फैसला से ऊs अधिकार बहाल हो गइल बा जवन नवम्बर 1993 में हिन्दू लोग से गैरकानूनी तरीका से छीनल गइल रहे।

कहलस कि, ‘वीएचपीए एह बात पs जोर देले बा कि इs मामिला कवनो अल्पसंख्यक समूह के खिलाफ लड़ाई के बारे में नईखे, बालुक मौलिक रूप से संपत्ति के अधिकार से जुड़ल बा।’ इs फैसला हिन्दू पक्ष के ओर से पेश अकाट्य सबूत पs आधारित बा अवुरी न्याय के सिद्धांत के पूरा तरीका से मेल खाला।” एकर निर्माण हिन्दू मंदिर के गिरावे के बाद भईल रहे।

अमेरिका के भारतीय मुसलमान एह कोर्ट के आदेश के निंदा कइले

ओने भारतीय अमेरिकी मुस्लिम काउंसिल (आईएएमसी) वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद के तहखाना में हिन्दू भक्तन के पूजा करे के अनुमति देबे वाला कोर्ट के आदेश के कड़ा निंदा कइलस। आईएएमसी के कार्यकारी निदेशक रशीद अहमद कहले कि, हमनी के आपन इतिहास अवुरी विरासत के मेटावे अवुरी राजनीतिक मकसद खातीर धार्मिक प्रवचन में हेरफेर करे के हर कोशिश के खिलाफ मजबूती से खड़ा बानी।

 

 

 

 

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