भारतीय आ चाइनीज कंपनियन पs प्रतिबंध लगावे के कs रहल बा तइयारी EU

By Anurag Ranjan

Published on: Feb 15, 2024

  यूरोपीय संघ भारतीय आ चीनी समेत कई गो अउरी देशन के कंपनियन पs रोक लगावे के कोशिश करत बा। यूरोपीय संघ के आरोप बा कि ई कंपनी यूक्रेन के खिलाफ लड़ाई में रूस के

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यूरोपीय संघ भारतीय आ चीनी समेत कई गो अउरी देशन के कंपनियन पs रोक लगावे के कोशिश करत बा। यूरोपीय संघ के आरोप बा कि ई कंपनी यूक्रेन के खिलाफ लड़ाई में रूस के मदद करत बाड़ी सँ। यूरोपीय संघ एह कंपनियन पs रोक लगावे के प्रस्ताव रखले बा। अगर ई प्रस्ताव पारित हो गइल तs पहिला बेर यूरोपीय संघ चीनी कंपनियन पs सीधा प्रतिबंध लगा दी।

प्रतिबंधित कंपनी यूरोपीय कंपनियन से कारोबार ना कs पइहें

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यूरोपीय संघ जवना कंपनी पs रोक लगावे के तैयारी करता, ओकरा में हॉन्ग-कॉन्ग, सर्बिया, भारत, तुर्किए अवुरी चीन के कंपनी शामिल बा। मीडिया रिपोर्ट के हवाला देत ई खबर सामने आइल बा। हालांकि कानूनी कारण से कंपनी के नाम के खुलासा नईखे भईल। कंपनी पs रोक लगावे के मतलब ई होई कि जवना कंपनी पs रोक लगावल गइल बा ऊ भविष्य में यूरोपीय कंपनियन से कारोबार ना कs पइहें। यूरोपीय संघ के आरोप बा कि रूस एह थर्ड पार्टी कंपनियन के मदद से प्रतिबंधित सामान खरीदत बा जवना के प्रतिबंध के चलते ओकरा सीधे ना मिल पावत बा।

यूरोपीय संघ चीनी कंपनियन पs रोक लगावे में संकोच करत बा

यूरोपीय संघ एहसे पहिले यूक्रेन के खिलाफ लड़ाई में रूस के मदद करे के आरोप के चलते कई गो चीनी कंपनियन पs प्रतिबंध लगावे के प्रस्ताव रखले रहुवे बाकिर कई गो सदस्य देशन के विरोध के बाद ऊ प्रस्ताव खारिज कs दिहल गइल। चीन भी वादा कईले रहे कि उ रूस के मदद ना करी। बता दीं कि चीन यूरोप के कई गो देशन के एगो महत्वपूर्ण व्यापारिक भागीदार हs। चीन यूरोपीय संघ के एगो प्रमुख देश जर्मनी के कार के सबसे बड़ बाजार बा।

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