Bhojpuri Sangam : भोजपुरी संगम के 193वीं मासिक ‘बइठकी’ में भोजपुरी कहानी ‘हम तरि गइलीं’ के भइल समीक्षा

By Anurag Ranjan

Published on: Mar 10, 2026

गोरखपुर। भोजपुरी संगम के 193वीं मासिक ‘बइठकी’ बशारतपुर, गोरखपुर में संस्था के कार्यालय पर आयोजित भइल। कार्यक्रम के अध्यक्षता सार्जेंट अभिमन्यु पाण्डेय ‘मन्नू’ कइलें आ संचालन अवधेश शर्मा ‘नंद’ कइलें। कार्यक्रम दू सत्र में सम्पन्न

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Bhojpuri Sangam 193rd Monthly Baithki Organized in Gorakhpur

गोरखपुर। भोजपुरी संगम के 193वीं मासिक ‘बइठकी’ बशारतपुर, गोरखपुर में संस्था के कार्यालय पर आयोजित भइल। कार्यक्रम के अध्यक्षता सार्जेंट अभिमन्यु पाण्डेय ‘मन्नू’ कइलें आ संचालन अवधेश शर्मा ‘नंद’ कइलें। कार्यक्रम दू सत्र में सम्पन्न भइल।

पहिला सत्र में अरविंद ‘अकेला’ द्वारा लिखल भोजपुरी कहानी ‘हम तरि गइलीं’ के पाठ आ ओकर समीक्षा भइल। कहानी पs समीक्षा करत नर्वदेश्वर सिंह ‘मास्टर साहब’ कहलें कि ई कहानी सामाजिक सरोकार से जुड़ल बा आ किस्सागोई से भरल बा। समीक्षक कृष्ण कुमार श्रीवास्तव कहलें कि ई कहानी परिवारिक आ सामाजिक रिश्ता निभावे के संदेश देत बा आ दहेज जइसन समस्या के समाधान के ओर इशारा करत बा। एह दौरान सत्य प्रकाश शुक्ल ‘बाबा’, ब्रजेश कुमार त्रिपाठी, रवीन्द्र मोहन त्रिपाठी आ राम समुझ ‘सांवरा’ आपन विचार रखत कहानी के असरदार आ सुखांत बतावल।

बइठकी के दुसरका सत्र के सुरुआत भोजपुरी संगम के संस्थापक स्व. सत्य नारायण मिश्र ‘सत्तन’ द्वारा रचित वाणी वंदना “हे जननी सुरसती सारदा, अब ना देर लगाईं” के प्रस्तुति से भइल, जवना के उनकर बेटा कुमार अभिनीत पेश कइलें।

एह सत्र में कइयन गो कवि आ रचनाकार आपन रचना सुनावल लोग। राम समुझ ‘सांवरा’ आपन गीत “महुआ के बरिया में महुआ बीनै, चलिहा बड़े भिनुसार हो” आ “हमरे सिवनवां में अइहा हो गोरी” पेश कs के खूब वाहवाही लूटलें। कृष्ण कुमार श्रीवास्तव भोजपुरी गजल सुनाके श्रोतन के ताली बटोरलें। संयोजक कुमार अभिनीत बेटी पs कविता सुनाके सब के भावुक कs देलें।

नवहा कवि ब्रजेश कुमार त्रिपाठी छठ परब पs आधारित रचना सुनाके माहौल जीवंत बना देलें, जबकि सत्य प्रकाश शुक्ल ‘बाबा’ बेटी के बिदाई से जुड़ल भावुक कविता सुनाके श्रोतन के भावुक कs देलें। अवधेश ‘नंद’ आपन भोजपुरी दोहा सुनवलें।

कार्यक्रम के अध्यक्ष अभिमन्यु पाण्डेय ‘मन्नू’ सब कवियन के रचना पs टिप्पणी करत आपन मौसमी रचना “ई फागुन कै दिन आइ गइल, मौसम में खुमारी छाइ गइल” सुनवलें। कार्यक्रम में राम सुधार सिंह ‘सैंथवार’, विनोद यादव ‘निर्भय’, दिनेश गोरखपुरी, अरविंद ‘अकेला’ आ नर्वदेश्वर सिंह सहित कइयन गो कवि आपन रचना सुनावल।

बइठकी में मुख्य अतिथि सत्य प्रकाश शुक्ल ‘बाबा’ के उनकर साहित्यिक जोगदान खातिर अभिमन्यु पाण्डेय ‘मन्नू’, इं. राजेश्वर सिंह, ब्रजेश कुमार त्रिपाठी आ कुमार अभिनीत अंगवस्त्र, डायरी आ पेन देके सम्मानित कइल। कार्यक्रम में डॉ. फूलचंद प्रसाद गुप्त, डॉ. विनीत मिश्र, कार्तिक आ कुशाग्र के सहभागिता खास रहल। अंत में भोजपुरी संगम के अध्यक्ष इं. राजेश्वर सिंह सब कवियन आ अतिथियन के धन्यवाद ज्ञापित कइलें।

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