31 अक्टूबर के इतिहास में दर्ज बा इंदिरा गांधी के हत्या के घटना,जानी और का भैएल रहे देश विदेश में

By Gaurav Mani Tripathi

Published on: Oct 31, 2026

Indira Gandhi Death Anniversary: 31 अक्टूबर 1984 के भइल रहे पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के हत्या भारत के इतिहास में 31 अक्टूबर के तारीख बहुत महत्वपूर्ण आ दुखद घटना खातिर याद कइल जाला। साल 1984

Share

Indira Gandhi Death Anniversary: 31 अक्टूबर 1984 के भइल रहे पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के हत्या

भारत के इतिहास में 31 अक्टूबर के तारीख बहुत महत्वपूर्ण आ दुखद घटना खातिर याद कइल जाला। साल 1984 में एही दिन देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के उनका अपना अंगरक्षक लोग गोली मार के हत्या कर देले रहे। इंदिरा गांधी भारत के पहिला महिला प्रधानमंत्री रहली। ऊ अपना मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, कड़ा फैसला आ नेतृत्व क्षमता खातिर जानल जात रहली। देश के राजनीति में उनका योगदान के साथे-साथ उनकर हत्या भारतीय लोकतंत्र के इतिहास के एगो बेहद दुखद अध्याय बन गइल।

इंदिरा गांधी 1966 में पहिला बेर प्रधानमंत्री बनल रहली। ऊ 1966 से 1977 ले लगातार तीन कार्यकाल तक देश के प्रधानमंत्री के जिम्मेदारी संभरलें। 1977 में चुनावी हार के बाद सत्ता से बाहर हो गइली, बाकिर 1980 में फेरु भारी जनसमर्थन के साथ प्रधानमंत्री बनली। दुर्भाग्य से 31 अक्टूबर 1984 के प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए उनकर हत्या हो गइल।

इंदिरा गांधी के शुरुआती जीवन आ राजनीतिक सफर

इंदिरा गांधी के जनम 19 नवंबर 1917 के उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (तत्कालीन इलाहाबाद) में भइल रहे। उनकर पूरा नाम इंदिरा प्रियदर्शिनी गांधी रहे। ऊ देश के पहिला प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के बेटी रहली। उनकर परिवार स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ल रहे। बचपन से ही इंदिरा गांधी देश के राजनीतिक माहौल आ आजादी के लड़ाई के नजदीक से देखले रहली।

पढ़ाई के दौरान ऊ भारत आ विदेश के कई संस्थानन में शिक्षा हासिल कइली। जवाहरलाल नेहरू के राजनीतिक गतिविधियन के चलते इंदिरा गांधी के भी राष्ट्रीय राजनीति में रुचि बढ़ल। आजादी के बाद ऊ धीरे-धीरे कांग्रेस पार्टी में सक्रिय भइली। साल 1959 में ऊ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष चुनल गइली।

27 मई 1964 के जवाहरलाल नेहरू के निधन के बाद देश के राजनीति में बड़ बदलाव आइल। लाल बहादुर शास्त्री प्रधानमंत्री बनलें। 11 जनवरी 1966 के ताशकंद में शास्त्री जी के निधन के बाद कांग्रेस संसदीय दल इंदिरा गांधी के नेता चुनलस। एह तरह 24 जनवरी 1966 के ऊ भारत के पहिला महिला प्रधानमंत्री बनली।

प्रधानमंत्री के रूप में इंदिरा गांधी के बड़ फैसला

इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्री कार्यकाल में भारत कई ऐतिहासिक फैसला आ राजनीतिक बदलाव के गवाह बनल। साल 1969 में ऊ बैंक के राष्ट्रीयकरण के फैसला कइली। एह कदम के मकसद बैंकिंग व्यवस्था के आम जनता, किसान आ छोट कारोबारियन तक पहुंचावल रहे।

साल 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध भइल। एह युद्ध में भारतीय सेना के जीत आ बांग्लादेश के निर्माण के बाद इंदिरा गांधी के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत नेतृत्वकर्ता के रूप में पहचान मिलल। ओह समय उनका नेतृत्व के खूब चर्चा भइल।

साल 1974 में भारत राजस्थान के पोखरण में पहिला परमाणु परीक्षण कइलस। एह घटना से भारत दुनिया के परमाणु तकनीक में सक्षम देशन के कतार में शामिल होखे के दिशा में आगे बढ़ल।

हालांकि, उनकर राजनीतिक जीवन विवाद से भी भरल रहल। 25 जून 1975 के देश में आपातकाल लागू कइल गइल। एह दौरान नागरिक अधिकार, प्रेस के स्वतंत्रता आ राजनीतिक गतिविधियन पर कई तरह के प्रतिबंध लगावल गइल। विपक्षी नेता लोग के गिरफ्तार कइल गइल आ मीडिया पर सेंसरशिप लागू भइल।

1977 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के हार भइल आ इंदिरा गांधी सत्ता से बाहर हो गइली। हालांकि, 1980 के चुनाव में कांग्रेस के फेरु जीत मिलल आ ऊ चौथी बेर प्रधानमंत्री बनली।

31 अक्टूबर 1984: जब गोली से गूंज उठल प्रधानमंत्री आवास

31 अक्टूबर 1984 के सुबह इंदिरा गांधी अपना सरकारी आवास, नई दिल्ली में मौजूद रहली। ओह दिन ऊ अपना आवास परिसर में ब्रिटिश अभिनेता आ टीवी प्रस्तोता पीटर उस्तीनोव के साथ एगो इंटरव्यू खातिर जा रहल रहली।

एही दौरान उनका सुरक्षा में तैनात दू गो अंगरक्षक बेअंत सिंह आ सतवंत सिंह उन पर गोली चला देलें। गोली लागे से इंदिरा गांधी गंभीर रूप से घायल हो गइली। उनका तत्काल अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली ले जाइल गइल, जहां डॉक्टर लोग उनका बचावे के कोशिश कइलस। बाकिर उनकर जान ना बचावल जा सकल।

एह घटना से पूरा देश में शोक के लहर दौड़ गइल। देश के एगो बड़ राजनीतिक नेता के हत्या से भारतीय राजनीति में भारी उथल-पुथल मच गइल।

इंदिरा गांधी के हत्या के बाद देश के कई हिस्सा में सिख समुदाय के खिलाफ हिंसा भड़क उठल। खास तौर पर दिल्ली में नवंबर 1984 के दौरान भयावह सिख विरोधी हिंसा भइल, जवना में हजारन लोग के जान गइल। ई घटना भारतीय इतिहास के एगो बेहद दर्दनाक अध्याय बन गइल।

इंदिरा गांधी के निधन के बाद उनका बेटा राजीव गांधी देश के प्रधानमंत्री बनलें।

31 अक्टूबर के इतिहास में दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटना

31 अक्टूबर खाली इंदिरा गांधी के हत्या खातिर ना, बल्कि भारत आ दुनिया के कई महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटना खातिर भी जानल जाला।

1875: भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी आ देश के पहिला उपप्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल के जनम भइल। देश के एकीकरण में उनका योगदान के चलते उनका लौह पुरुष कहल जाला। एह दिन भारत में राष्ट्रीय एकता दिवस भी मनावल जाला।

1920: ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस के शुरुआती अधिवेशन बंबई (अब मुंबई) में आयोजित भइल। भारत के मजदूर आंदोलन के इतिहास में ई महत्वपूर्ण घटना रहे।

1941: लगभग 15 साल के मेहनत के बाद अमेरिका के दक्षिण डकोटा स्थित माउंट रशमोर के निर्माण पूरा भइल। एह पहाड़ी पर अमेरिका के चार राष्ट्रपति जॉर्ज वाशिंगटन, थॉमस जेफरसन, थियोडोर रूजवेल्ट आ अब्राहम लिंकन के विशाल चेहरा तराशल गइल बा।

1966: भारत के प्रसिद्ध तैराक मिहिर सेन पनामा नहर के तैर के पार कइले। उनकर ई उपलब्धि भारतीय खेल इतिहास में खास जगह रखेला।

1968: अमेरिका के राष्ट्रपति लिंडन बी. जॉनसन उत्तरी वियतनाम पर अमेरिकी बमबारी रोके के आदेश दिहलें।

1984: भारत के प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के उनकर अंगरक्षक गोली मार के हत्या कर देलें।

1992: लाइबेरिया में पांच अमेरिकी नन के हत्या कर दिहल गइल। एह घटना खातिर चार्ल्स टेलर समर्थक विद्रोही गुट पर आरोप लगावल गइल।

2003: मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद करीब 22 साल तक सत्ता में रहे के बाद पद छोड़ दिहलें। एह तरह मलेशिया में महातिर युग के अंत भइल।

2006: दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के दौर के राष्ट्रपति पी. डब्ल्यू. बोथा के 90 साल के उमिर में निधन हो गइल।

2022: चीन अपना निर्माणाधीन अंतरिक्ष स्टेशन खातिर दूसरा लैब मॉड्यूल के सफल प्रक्षेपण कइलस।

2023: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के पहिला हेरिटेज ट्रेन के हरी झंडी देखाके रवाना कइलें। ई ट्रेन एकता नगर से अहमदाबाद के बीच चलावल गइल।

2025: ब्रिटेन के महाराजा चार्ल्स तृतीय के भाई एंड्रयू से राजकुमार के उपाधि छीन लिहल गइल। ई ब्रिटिश राजपरिवार खातिर एगो महत्वपूर्ण घटना रहे।

राष्ट्रीय एकता दिवस आ 31 अक्टूबर के महत्व

सरदार वल्लभभाई पटेल के जनमदिन के याद में हर साल 31 अक्टूबर के राष्ट्रीय एकता दिवस मनावल जाला। पटेल जी आजादी के बाद देश के सैकड़न रियासत के भारत में मिलावे में ऐतिहासिक भूमिका निभवले रहस। उनकर योगदान भारत के राजनीतिक एकता आ अखंडता के मजबूत बनावे में बेहद महत्वपूर्ण रहल।

एह तरह 31 अक्टूबर भारत के इतिहास में कई कारण से याद रखे वाला तारीख बा। एक ओर ई सरदार पटेल के जन्मदिन आ राष्ट्रीय एकता के संदेश देला, त दोसरा ओर इंदिरा गांधी के हत्या जइसन दुखद घटना के भी याद करावेला। इतिहास के ई तारीख हमनी के देश के लोकतांत्रिक यात्रा, राजनीतिक संघर्ष, राष्ट्रीय एकता आ अतीत से सीख लेवे के प्रेरणा देले।

Read More :  राष्ट्रीय एकता दिवस: लौह पुरुष सरदार पटेल के जयंती पर कृतज्ञ भारत करत बा नमन, गुजरात में होई खास समारोहhttps://khabarbhojpuri.com/national-unity-day-sardar-vallabhbhai-patel-151st-birth-anniversary/

💬 Comments
?

No comments yet. Be the first to comment!

खबरें और भी arrow-right Created with Sketch Beta.