वडोदरा: पूर्व भारतीय क्रिकेटर आ लोकसभा सांसद यूसुफ पठान के गुजरात में करोड़ों रुपिया के जमीन मिले के मामला फेर चर्चा में आ गइल बा। गुजरात सरकार वडोदरा में स्थित एगो 978 वर्ग मीटर के प्लॉट में से 500 वर्ग मीटर जमीन यूसुफ पठान के गिफ्ट करे आ बाकी 478 वर्ग मीटर जमीन रियायती दर पर देवे के मंजूरी देले बिया। एह प्लॉट के अनुमानित कीमत करीब 20.5 करोड़ रुपिया बतावल जा रहल बा।
खास बात ई बा कि एह जमीन के लेके पहिले विवाद हो चुकल बा। वडोदरा नगर निगम (VMC) साल 2024 में यूसुफ पठान के कथित अतिक्रमण हटावे खातिर नोटिस भी जारी कइले रहे। अब गुजरात सरकार के फैसला के बाद जमीन के आवंटन के प्रक्रिया फेर चर्चा में आ गइल बा।
20.5 करोड़ रुपिया के प्लॉट पर का बा फैसला?
गुजरात सरकार के आदेश के आधार पर वडोदरा नगर निगम जमीन आवंटन के प्रस्ताव तैयार कइले बा। एह प्रस्ताव के निगम के स्थायी समिति के सोझा रखे के तैयारी बा। अंतिम फैसला संबंधित प्रक्रिया पूरा होखला के बाद होई।
प्रस्ताव के मुताबिक, कुल 978 वर्ग मीटर जमीन में से 500 वर्ग मीटर यूसुफ पठान के गिफ्ट कइल जाई। बाकी 478 वर्ग मीटर जमीन 55 फीसदी रियायती दर पर दिहल जाई।
सरकार के आदेश में ई भी कहल गइल बा कि एह फैसला के भविष्य में दूसर मामला खातिर नजीर ना मानल जाए। साथही, गुजरात सरकार के राजस्व विभाग वडोदरा नगर निगम के एह जमीन के बराबर कीमत वाला जमीन उपलब्ध कराई।
रिपोर्ट के अनुसार, ई प्लॉट टाउन प्लानिंग स्कीम-22 के फाइनल प्लॉट नंबर 90 के तहत तंदलजा इलाका में स्थित बा। एहिजा यूसुफ पठान के परिवार के घर भी नजदीक में बा।
पहिले नीलामी से 20 करोड़ से अधिक मिलत
जुलाई में वडोदरा नगर निगम के स्थायी समिति एह प्लॉट के नीलामी करे के तैयारी कइले रहे। ओह समय जमीन के दर करीब 2.10 लाख रुपिया प्रति वर्ग मीटर तय भइल रहे। एह हिसाब से पूरा प्लॉट के अनुमानित कीमत करीब 20.5 करोड़ रुपिया होखत रहे।
हालांकि, जमीन पर कथित अतिक्रमण के मामला सामने अइला के बाद नीलामी के प्रक्रिया रोक दिहल गइल रहे। निगम के कहना रहे कि जबले जमीन से जुड़ल विवाद के समाधान ना हो जाई, तबले एह मामला में आगे बढ़ल मुश्किल बा।
2012 से चल रहल बा जमीन के विवाद
यूसुफ पठान साल 2012 में वडोदरा नगर निगम से एह प्लॉट के 99 साल के लीज पर देवे के मांग कइले रहस। ऊ बिना नीलामी जमीन आवंटित करे के अनुरोध कइले रहस। अपना आवेदन में पठान क्रिकेटर होखे आ सुरक्षा से जुड़ल चिंता के जिक्र कइले रहस।
ओह समय जमीन के कीमत करीब 5.6 करोड़ रुपिया बतावल गइल रहे आ पठान एह रकम के भुगतान करे खातिर तैयार रहस। हालांकि, बिना नीलामी जमीन आवंटित करे खातिर गुजरात सरकार के मंजूरी जरूरी रहे। साल 2014 में शहरी विकास विभाग एह प्रस्ताव के खारिज कर देले रहे।
एकरा बाद नगर निगम आरोप लगवले रहे कि प्रस्ताव खारिज होखला के बावजूद जमीन पर फेंसिंग कर दिहल गइल। एह मामला में साल 2024 में अतिक्रमण हटावे खातिर नोटिस जारी भइल, जेकरा खिलाफ पठान गुजरात हाई कोर्ट में याचिका दायर कइले रहस।
हाई कोर्ट तक पहुंचल मामला
अगस्त 2025 में गुजरात हाई कोर्ट सरकार के ओर से जमीन आवंटन के प्रस्ताव खारिज करे के फैसला बरकरार रखले रहे। एह साल जून में सुनवाई के दौरान अदालत जमीन के भुगतान आ आवंटन के औपचारिकता पूरा भइले बिना अधिकार हासिल करे पर सवाल उठवले रहे।
31 अगस्त के यूसुफ पठान अपना वकील से अदालत में दायर अपील वापस लेवे के कहले रहस। वकील अदालत के बतवले रहस कि मामला के समाधान अदालत के बाहर हो सकेला।
रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य सरकार 13 अगस्त के जमीन आवंटन से जुड़ल आदेश जारी कइले रहे, जे 29 अगस्त के नगर निगम के मिलल। एकरा बाद पठान अपील वापस लेवे के फैसला कइले रहस।
निगम के मंजूरी के प्रक्रिया अभी बाकी
वडोदरा नगर निगम के आयुक्त अरुण महेश बाबू अखबार से बातचीत में बतवले कि गुजरात सरकार के मंजूरी मिल गइल बा, बाकिर आवंटन के पूरा विवरण तय होखल अभी बाकी बा। उनका मुताबिक, प्रस्ताव नगर निगम के सामान्य प्रक्रिया से गुजरिहे।
एह मामला में अब सबकर नजर निगम के स्थायी समिति आ आगे के औपचारिक फैसला पर टिकल बा। जमीन के वास्तविक आवंटन, शर्त आ बाकी प्रक्रिया पूरा भइला के बादे स्थिति साफ हो पाई।
ध्यान देवे वाली बात: यूसुफ पठान के जमीन आवंटन के मामला पुरान विवाद से जुड़ल बा। एह चलते सरकार के आदेश, नगर निगम के प्रस्ताव आ अंतिम आवंटन के स्थिति के अलग-अलग समझल जरूरी बा।






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