नई दिल्ली। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो भारत दौरा पर गुजरात के जामनगर में स्थित रिलायंस इंडस्ट्रीज के विशाल तेल रिफाइनरी के दौरा करीहें। ई रिफाइनरी उद्योगपति मुकेश अंबानी के कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के बा आ एकरा के दुनिया के सबसे बड़ सिंगल-साइट तेल रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स के दर्जा हासिल बा। रूबियो के एह दौरा के भारत-अमेरिका के ऊर्जा सहयोग आ व्यापारिक संबंध के लिहाज से काफी अहम मानल जा रहल बा।
ई यात्रा अइसन समय में हो रहल बा, जब अमेरिका में डीजल के दाम में बढ़ोतरी आ वैश्विक ऊर्जा बाजार में सप्लाई के चुनौती चर्चा में बा। हालांकि, अमेरिका के डीजल संकट के चलते अंबानी से मदद मांगे के बात के आधिकारिक पुष्टि नइखे भइल। एह दौरा के मुख्य उद्देश्य ऊर्जा सहयोग आ दुनो देशन के बीच कारोबारी रिश्ता मजबूत कइल बतावल जा रहल बा।
जामनगर काहे जइहें मार्को रूबियो?
अमेरिकी विदेश विभाग के घोषणा के मुताबिक, मार्को रूबियो 17 से 22 अक्टूबर के बीच उज्बेकिस्तान के समरकंद आ भारत के मुंबई आ जामनगर के यात्रा करीहें। भारत में अपना दौरा के दौरान ऊ रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधियन से मुलाकात करीहें।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के मुताबिक, रूबियो के कार्यक्रम में मुंबई आ जामनगर शामिल बा। एह यात्रा के दौरान ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ावे, व्यापारिक अवसर के विस्तार आ भारत-अमेरिका के आर्थिक संबंध मजबूत करे पर जोर रह सकेला।
दुनो देश के बीच ऊर्जा कारोबार आ व्यापार समझौता के बातचीत पहिले से महत्वपूर्ण रहल बा। अइसन में दुनिया के सबसे बड़ रिफाइनरी में से एगो के दौरा दुनो देश के कारोबारी हित के समझे के मौका दे सकेला।
रोजाना 14 लाख बैरल कच्चा तेल के प्रोसेसिंग क्षमता
गुजरात के जामनगर में स्थित रिलायंस के रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स अपना विशाल आकार आ उत्पादन क्षमता खातिर दुनिया भर में जानल जाला। कंपनी के जानकारी के मुताबिक, एह परिसर में रोजाना करीब 14 लाख बैरल कच्चा तेल प्रोसेस करे के क्षमता बा।
एह रिफाइनरी में कच्चा तेल से पेट्रोल, डीजल आ दोसरा पेट्रोलियम उत्पाद तैयार कइल जाला। एकरा अलावा पेट्रोकेमिकल उद्योग से जुड़ल उत्पादन के सुविधा भी मौजूद बा।
एतना बड़ क्षमता के चलते ई कॉम्प्लेक्स वैश्विक ऊर्जा बाजार में महत्वपूर्ण भूमिका निभावेला। एहिजा अलग-अलग देशन से आवे वाला कच्चा तेल के प्रोसेस क के बाजार के जरूरत के मुताबिक पेट्रोलियम उत्पाद तैयार कइल जा सकेला।
7,500 एकड़ में फइलल बा रिफाइनरी परिसर
जामनगर के ई औद्योगिक परिसर करीब 7,500 एकड़ में फइलल बतावल जाला। एह विशाल क्षेत्र में तेल रिफाइनिंग, पेट्रोकेमिकल उत्पादन आ संबंधित औद्योगिक बुनियादी ढांचा मौजूद बा।
रिलायंस के मुताबिक, एह परिसर में 216 से अधिक किसिम के कच्चा तेल के प्रोसेस करे के क्षमता के अनुभव बा। अलग-अलग गुणवत्ता वाला कच्चा तेल के प्रोसेस करे के सुविधा से कंपनी के अंतरराष्ट्रीय बाजार के बदलत जरूरत के हिसाब से उत्पादन करे में मदद मिलेला।
एह कारण जामनगर रिफाइनरी खाली भारत खातिर ना, बल्कि वैश्विक ऊर्जा कारोबार खातिर भी महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र बनल बा।
डीजल के दाम आ ऊर्जा सप्लाई पर अमेरिका के नजर
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के चेतावनी के मुताबिक, डीजल बाजार में सप्लाई से जुड़ल बाधा के असर आगे भी कीमत पर पड़ सकेला। डीजल के दाम बढ़े से अमेरिका में ट्रक चालक, किसान आ माल ढुलाई से जुड़ल कारोबार प्रभावित हो सकेला।
एह बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ऊर्जा सप्लाई बढ़ावे आ कीमत पर दबाव कम करे के उपाय पर विचार करत रहल बा। रूस से तेल सप्लाई आ प्रतिबंध से जुड़ल नीति भी वैश्विक ऊर्जा बाजार के चर्चा के हिस्सा बा।
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन के एह दौरा में कारोबारी समझौता आ आर्थिक सहयोग पर जोर रहे के संभावना बा। अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के नजदीक आवे के साथ अर्थव्यवस्था आ ईंधन के कीमत राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण मुद्दा बनल बा।
भारत-अमेरिका संबंध खातिर काहे अहम बा ई दौरा?
मार्को रूबियो के जामनगर यात्रा से ऊर्जा क्षेत्र में भारत आ अमेरिका के बीच सहयोग के नया अवसर सामने आ सकेला। भारत के रिफाइनिंग क्षमता आ अमेरिका के ऊर्जा जरूरत दुनो देश के बीच व्यापार बढ़ावे में मददगार हो सकेला।
हालांकि, एह दौरा के मतलब ई ना लगावल जाए कि अमेरिका सीधे मुकेश अंबानी से डीजल संकट दूर करे खातिर मदद मांगले बा। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के आधार पर ऊर्जा सहयोग आ व्यापारिक बातचीत एह यात्रा के प्रमुख पहलू बा। अब सबके नजर एह बात पर रही कि एह दौरा से दुनो देश के बीच ऊर्जा कारोबार में कवन नया समझौता भा अवसर सामने आवेला।







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