सैन्य सम्मान के साथे बलिदानी रूपेंद्र तोमर के अंतिम संस्कार, लोग लोर भरल आँखिन से देले विदाई

By Anurag Ranjan

Published on: Jul 21, 2024

श्रीनगर के गोल्डन कोट में शुक के दिने अपना जान के बलि देबे वाला रुपेंद्र तोमर के नश्वर पार्थिव शरीर एतवार के सबेरे शामली जिला के झिंझाना के राष्ट्रीय शिक्षा सदन इंटर कॉलेज के मैदान

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श्रीनगर के गोल्डन कोट में शुक के दिने अपना जान के बलि देबे वाला रुपेंद्र तोमर के नश्वर पार्थिव शरीर एतवार के सबेरे शामली जिला के झिंझाना के राष्ट्रीय शिक्षा सदन इंटर कॉलेज के मैदान में चहुँप गइल।

श्रीनगर के गोल्डन कोट में शुक के दिने आपना जान के बलि देबे वाला रुपेंद्र तोमर के नश्वर पार्थिव शरीर अतवार का सबेरे शामली जिला के झिंझाना के राष्ट्रीय शिक्षा सदन इंटर कॉलेज का मैदान में चहुँप गइल। जहां शहीद के श्रद्धांजलि देवे खातिर आखिरी जुलूस निकलल रहे। जवना में इलाका के हजारों लोग मौजूद रहलें।

एकरा संगे-संगे जिला के सरकारी कर्मचारी आ नेतो लोग शहीद के लोर भरल आंख से विदाई देले। आखिरी विदाई जुलूस कस्बा से होके बैधानी के पैतृक गाँव बीबीपुर जलालाबाद पहुंचल। एह यात्रा के दौरान डीजे पर देशभक्ति गीत आ ‘जब तक सूरज चंद रहेगा रूपेंद्र तोमर तेरा नाम रहेगा’ जइसन नारा गूंजत रहल। सैन्य सम्मान आ गार्ड ऑफ ऑनर से शहीद के सलामी देके अंतिम विदाई देहलस। बलिदानी के मुखाग्नि उनकर 13 साल के नाबालिग बेटा हिमांशु दिहलें। एह दौरान सभकर आँख नम हो गइल।

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