Ram Mandir: 2000 KM के पैदल यात्रा कs के अयोध्या पहुंचले ‘बापू’, एतना जादा जाड़ा में शरीर पs खाली धोती

By Anurag Ranjan

Published on: Jan 9, 2024

    राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम खातिर देश के हर कोना से लोग अयोध्या पहुंच रहल बाड़े। अइसने एगो राम भक्त बाड़ मुर्तना। जे गांधीजी के गेटअप में कर्नाटक से रामनगरी खातिर रवाना

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राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम खातिर देश के हर कोना से लोग अयोध्या पहुंच रहल बाड़े। अइसने एगो राम भक्त बाड़ मुर्तना। जे गांधीजी के गेटअप में कर्नाटक से रामनगरी खातिर रवाना हो गइल बाड़। हाथ में लाठी, कमर में घड़ी आ आँख पs गांधीजी जइसन चश्मा बा। उहो बापू निहन देह में लपेट के धोती पहिनले बाड़े। मुर्तना के एकमात्र लक्ष्य 22 जनवरी से पहिले अयोध्या पहुंचे के बा।

2000 किलोमीटर के पैदल दूरी पs बा

50 साल के मुर्तना कर्नाटक के निवासी हवे। उमिर के ए अवस्था में भी उनकर जज्बा एगो नवही से कम नइखे। काहे कि ऊ पैदल 2000 किलोमीटर के दूरी तय कs रहल बाड़े। अब उ प्रयागराज पहुच गईल बाड़े, जहां हड्डी के ठंढा करेवाला ठंड बा। एह जाड़ा में भी उs खाली आपन देह पs धोती बा। अब अयोध्या से उनकर दूरी 170 किलोमीटर बाचल बा जवना के ऊ तीन चार दिन में पूरा कs लीहें।

मुर्तना जहां जात बाड़े, ओहि जिला के लोग जोर-जोर से उनुकर स्वागत कs रहल बाड़े। उनुका संगे लोग सेल्फी लेत बाड़े। उनकर गेटअप सबके गांधीजी के याद दिला रहल बा। सड़क पs चलत घरी गांधी जी के तरह राम के नाम जपत बाड़न। उनकरी हाथ में आदर्श राम राज्य के बारे में लिखल तख्ता भी बा। वर्तमान में उनकर लक्ष्य बा कि पैदल अयोध्या पहुंचल जाव, उहो राम मंदिर के अभिषेक से पहिले।

12 दिसंबर के कर्नाटक से आपन मार्च शुरू कइनी

हम बता दीं कि मुर्तना के बियाह हो गइल बा। उनकर एगो बेटी बाड़ी, जे पढ़त बाड़ी।उ 12 दिसंबर के कर्नाटक से आपन पदयात्रा शुरू कईले रहले। उ 12 जनवरी के अयोध्या पहुंचिहे, जहां उनुकर सफर खतम हो जाई।

काल्हु प्रयागराज चहुँपला के बाद मुर्तना एहिजा आयुक्त से भेंट कइलन। आयुक्त साहब उनका के माला से स्वागत कइलन आ कपड़ा भी दे के पहिरे के निहोरा कइलन। हालांकि मुर्तना कहले कि उनुका लगे जीते खातीर एतना कपड़ा बा। एही समय विश्व हिन्दू परिषद के एगो कार्यकर्ता प्रयागराज में उनुका के शरण दे दिहलस।

 

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