Jammu and Kashmir: संगलदान-रियासी ट्रैक पऽ सफलतापूर्वक दउड़ल इंजन, 30 जून के पहिला ट्रेन चले के उम्मीद

By Anurag Ranjan

Published on: Jun 17, 2024

Jammu and Kashmir: कश्मीर घाटी तक रेल पहुंचे के ड्रीम प्रोजेक्ट पूरा होखे के करीब बा। ऐतवार के संगलदान-रियासी ट्रैक के परीक्षण खातिर इंजन चलावल गइल। रेलवे अधिकारी कहले कि ट्रायल पूरा तरे सफल रहल।

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Jammu and Kashmir: कश्मीर घाटी तक रेल पहुंचे के ड्रीम प्रोजेक्ट पूरा होखे के करीब बा। ऐतवार के संगलदान-रियासी ट्रैक के परीक्षण खातिर इंजन चलावल गइल। रेलवे अधिकारी कहले कि ट्रायल पूरा तरे सफल रहल।

जम्मू के रियासी जिला के सावलाकोट से चलके दुपहरिया तीन बजे इंजन रियासी रेलवे स्टेशन पs पहुंचल। इंजन आवे के सूचना पs लोग स्टेशन पs पहुंच गइले। जइसही इंजन बक्कल सुरंग पार कऽ के सायरन बजावत रियासी पहुंचल तऽ स्टेशन भारत माता की जय से गूंज उठल। एह ट्रैक पs विश्व के सबसे ऊंचा रेलवे पुलो बनल बा है।

एह पुल से ट्रेन में बइठ के गुजरे के सपना रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) के हरा झंडी मिलला के बाद पूरा होई। सीआरएस डीसी देशवाल के 46 किमी लंबा संगलदान-रियासी ट्रैक के निरीक्षण खातिर 27-28 जून के दू दिवसीय दौरा प्रस्तावित बा। आधिकारिक सूत्रन से मिलल जानकारी से पता चलल कि संगलदान से रियासी के बीच पहिला ट्रेन के हरीहर झंडी 30 जून के देखावे जाए के संभावना बा।

निरीक्षण पऽ बा निर्भर

उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी दीपक कुमार बतवले कि उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) के एह महत्वपूर्ण खंड पs रेल चलल सीआरएस के निरीक्षण पs निर्भर करऽता। सीआरएस के निर्धारित निरीक्षण पहिले संगलदान से रियासी तक के काम पूरा हो जाई। 272 किमी यूएसबीआरएल परियोजना में से 209 किमी के दू चरनन में शुरू कइल गइल रहे। 118 किमी काजीगुंड-बारामुला खंड के पहिला चरण अक्टूबर 2009 में शुरू भइल।

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