Hanuman Stuti: सुख,धन, प्रेम चाहीं तs रोज करीं हनुमान स्तुति पाठ, जानी महत्व

By Anurag Ranjan

Published on: Nov 7, 2023

भोजपुरी में हनुमान वंदना : हनुमान जी के संकट मोचक कहल जाला।अगर रउरा कवनो संकट में भा कवनो दुविधा में फंसल बानी तs हनुमान स्तुति के नियमित पाठ करीं, रउरा तुरते अंतर महसूस हो जाई।

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भोजपुरी में हनुमान वंदना : हनुमान जी के संकट मोचक कहल जाला।अगर रउरा कवनो संकट में भा कवनो दुविधा में फंसल बानी तs हनुमान स्तुति के नियमित पाठ करीं, रउरा तुरते अंतर महसूस हो जाई। भगवान हनुमान जी के पूजा कइला से व्यक्ति पs विश्वास जाग जाला। आदमी खुश रहेला आ ओकरा कवनो फैसला लेबे में कवनो दिक्कत ना होला।

हनुमान मंत्र 

•ऊँ मनोजवं मारुत तुल्यवेगं, जितेन्द्रियं, बुद्धिमतां वरिष्ठम्।।

•वातात्मजं वानरयुथ मुख्यं, श्रीरामदुतं शरणम प्रपद्धे।।

•ऊँ अतुलितबलधामं हेम शैलाभदेहं दनुजवनकृशानुं

ज्ञानिनामग्रगण्यम्‌।

•सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं

नमामि॥

हनुमान जी के स्तुति 

जय बजरंगी जय हनुमाना,

रुद्र रूप जय जय बलवाना,

पवनसुत जय राम दुलारे,

संकट मोचन सिय मातु के प्यारे ॥

जय वज्रकाय जय राम केरू दासा,

हृदय करतु सियाराम निवासा,

न जानहु नाथ तोहे कस गोहराई,

राम भक्त तोहे राम दुहाई ॥

विनती सुनहु लाज रखहु हमारी,

काज कौन जो तुम पर भारी,

अष्टसिद्धि नवनिधि केरू भूपा,

बखानहु कस विशाल अति रूपा ॥

धर्म रक्षक जय भक्त हितकारी,

सुन लीजे अब अरज हमारी,

भूत प्रेत हरहु नाथ बाधा,

सन्तापहि अब लाघहु साधा ॥

मान मोर अब हाथ तुम्हारे,

करहु कृपा अंजनी के प्यारे,

बन्दतु सौरभ दास सुनहु पुकारी,

मंगल करहु हे मंगलकारी ॥

हनुमान स्तुति के का फायदा बा

हनुमान जी के संकट मोचक कहल जाला।अगर रउरा कवनो संकट में भा कवनो दुविधा में फंसल बानी तs हनुमान स्तुति के नियमित पाठ करीं, रउरा तुरते अंतर महसूस हो जाई। भगवान हनुमान जी के पूजा कइला से व्यक्ति पs विश्वास जाग जाला। आदमी खुश रहेला आ ओकरा कवनो फैसला लेबे में कवनो दिक्कत ना होला। सच्चा मन से बजरंग बाली के पूजा कइला से धन, सम्पत्ति, सुख, वैभव, सम्मान आ सुख मिलेला आ घर-आंगन में शांति बनल रहेला।

कवने तरीका से कइल जाव स्तुति?

•हनुमान के स्तुति हमेशा सबेरे होखे के चाहीं, हो सके तs ब्रह्ममुहूर्त में तब ओही समय ही करीं।

•हनुमान के स्तुति रोज सबेरे होखे के चाहीं।

•हनुमान स्तुति के पाठ करत घरी ओकर किताब एगो मल पर पसरल राखे के चाहीं आ ओकरा सामने साफ कपड़ा राखे के चाहीं.

•एकर किताब कबो जमीन पs ना गोड़ के लगे ना राखल जाव।

हनुमान वंदना

•चरण शरण में आयी के,

•धरुं तिहारा ध्यान॥

•संकट से रक्षा करो,

•संकट से रक्षा करो,

•पवन पुत्र हनुमान॥

•दुर्मम काज बनाय के,

•कीन्हे भक्त निहाल॥

•अब मोरी विनती सुनो,

•अब मोरी विनती सुनो,

•हे अंजनी के लाल॥

•हाथ जोड़ विनती करूँ,

•सुनो वीर हनुमान॥

•कष्टों से रक्षा करो,

•कष्टों से रक्षा करो,

•राम भक्ति देहूं दान

•पवनपुत्र हनुमान॥

 

 

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