नई दिल्ली। दिवाली से पहिले केंद्र सरकार केंद्रीय कर्मचारियन खातिर बोनस के एलान कइले बिया। मोदी सरकार लेखा वर्ष 2025-26 खातिर पात्र कर्मचारियन के 30 दिन के नॉन-प्रोडक्टिविटी-लिंक्ड यानी एड-हॉक बोनस मंजूर कइले बिया। एह बोनस के तहत पात्र कर्मचारी के अधिकतम ₹6,908 मिली। हालांकि, सभ कर्मचारियन के एके रकम ना मिली। बोनस के राशि कर्मचारी के औसत मासिक वेतन आ तय वेतन सीमा के आधार पर तय होई।
वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग 15 अक्टूबर 2026 के एगो मेमोरेंडम जारी क के एह बोनस खातिर राष्ट्रपति के मंजूरी के जानकारी देले बा। बोनस पर होखे वाला खर्च वित्त वर्ष 2026-27 में संबंधित मंत्रालय आ विभाग के मंजूर बजट प्रावधान से कइल जाई। भुगतान के रकम नियमानुसार राउंड फिगर में कइल जाई।
बोनस के अधिकतम रकम केतना बा?
सरकार के ओर से मंजूर एह बोनस के गणना खातिर अधिकतम मासिक वेतन सीमा ₹7,000 तय कइल गइल बा। 30 दिन के बोनस खातिर अधिकतम भुगतान ₹6,908 होई।
अगर कवनो कर्मचारी के औसत मासिक वेतन ₹7,000 से कम बा, त ओकरा बोनस के रकम भी ओही अनुपात में कम होई। यानी बोनस के गणना करत घरी कर्मचारी के वास्तविक औसत मासिक वेतन आ ₹7,000 के सीमा में से जवन कम होई, ओकरे आधार बनावल जाई।
एह बोनस के मकसद पात्र केंद्रीय कर्मचारियन के दिवाली से पहिले अतिरिक्त आर्थिक सहायता उपलब्ध करावल बा।
केकरा-केकरा मिली बोनस के लाभ?
सरकार के घोषणा के मुताबिक, एह बोनस योजना में कई श्रेणी के केंद्रीय कर्मचारी शामिल बाड़ें। प्रमुख पात्र कर्मचारी एह तरह के बाड़ें:
- ग्रुप सी कर्मचारी: एह श्रेणी के पात्र केंद्रीय कर्मचारी बोनस पा सकेलें।
- नॉन-गजटेड ग्रुप बी कर्मचारी: अइसन कर्मचारी, जे उत्पादकता से जुड़ल बोनस योजना के दायरा में नइखन आवत।
- केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल आ सशस्त्र बल: नियमानुसार पात्र कर्मियन के भी एह बोनस के लाभ मिली।
- केंद्र शासित प्रदेश के कर्मचारी: अइसन कर्मचारी, जे केंद्र सरकार के वेतन संरचना के तहत आवेलें आ कवनो दोसर बोनस भा एक्स-ग्रेशिया योजना के लाभ नइखन लेत।
ध्यान देवे वाला बात बा कि हर केंद्रीय कर्मचारी एह बोनस खातिर पात्र ना होई। पात्रता संबंधित विभाग के नियम आ कर्मचारी के सेवा स्थिति के आधार पर तय होई।
बोनस पावे खातिर का बा जरूरी शर्त?
एड-हॉक बोनस के लाभ उठावे खातिर कर्मचारी के लेखा वर्ष 2025-26 के दौरान कम से कम छह महीना के लगातार नियमित सेवा पूरा कइल जरूरी बा।
सामान्य नियम के अनुसार, कर्मचारी के 31 मार्च 2026 के सेवा में होखल जरूरी बा। हालांकि, कुछ विशेष स्थिति में अलग प्रावधान भी लागू हो सकेला।
जिनका सेवा अवधि छह महीना से अधिक, बाकिर एक साल से कम बा, ओह लोग के पूरा 30 दिन के बोनस ना मिलके सेवा अवधि के अनुपात में भुगतान कइल जाई। एकरा के प्रो-राटा गणना कहल जाला।
पात्रता अवधि के हिसाब महीना के आधार पर लगावल जाई। एहसे कर्मचारी लोग के अपना सेवा रिकॉर्ड आ विभागीय निर्देश के जांच जरूर कर लेवे के चाहीं।
रिटायर भइल भा दिवंगत कर्मचारियन के का होई?
बोनस के नियम में रिटायरमेंट आ मृत्यु से जुड़ल स्थिति के भी ध्यान में रखल गइल बा।
अइसन कर्मचारी, जे 31 मार्च 2026 से पहिले सेवानिवृत्त हो गइल बाड़ें, मेडिकल इनवैलिडेशन के चलते रिटायर भइल बाड़ें भा जिनकर मृत्यु हो गइल बा, ऊ लोग भी पात्र हो सकेला। एह खातिर जरूरी बा कि संबंधित कर्मचारी लेखा वर्ष 2025-26 में कम से कम छह महीना के नियमित सेवा पूरा कइले होखस।
दूसर ओर, जवन कर्मचारी राज्य सरकार, केंद्र शासित प्रदेश भा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम यानी पीएसयू में प्रतिनियुक्ति पर गइल बाड़ें, ओह लोग के मूल केंद्रीय विभाग से बोनस ना मिले के प्रावधान बा।
अगर कर्मचारी के एक केंद्रीय कार्यालय से दोसरा केंद्रीय कार्यालय में बिना सेवा में अंतराल के तबादला भइल बा, त पात्रता तय करे खातिर दुनो कार्यालय में कइल गइल सेवा के जोड़ल जा सकेला, बशर्ते संबंधित नियम के पालन होत होखे।
₹6,908 बोनस के गणना कइसे होई?
बोनस के रकम निकाले खातिर एगो तय फॉर्मूला इस्तेमाल कइल जाई। कर्मचारी के औसत मासिक वेतन आ ₹7,000 के वेतन सीमा में से जवन कम होई, ओकरा के 30 से गुणा कइल जाई आ फेर 30.4 से भाग दिहल जाई।
गणना के उदाहरण:
₹7,000 × 30 ÷ 30.4 = ₹6,907.89
राउंडिंग के बाद बोनस के रकम लगभग ₹6,908 हो जाई।
अगर कवनो कर्मचारी के औसत मासिक वेतन ₹6,000 बा, त ओकर बोनस के गणना ₹6,000 के आधार पर होई। एह स्थिति में 30 दिन खातिर रकम लगभग ₹5,921 होई।
एह तरीका से वेतन सीमा से कम वेतन पावे वाला कर्मचारी के बोनस भी कम होई।
कैजुअल लेबर के भी मिली बोनस?
सरकारी कार्यालयन में काम करे वाला कुछ कैजुअल लेबर भी तय शर्त पूरा कइला पर एह बोनस के पात्र हो सकेलें।
- छह दिन वाला कार्यालय: लगातार तीन साल भा ओकरा से अधिक अवधि तक हर साल कम से कम 240 दिन काम कइल जरूरी बा।
- पांच दिन वाला कार्यालय: लगातार तीन साल भा ओकरा से अधिक अवधि तक हर साल कम से कम 206 दिन काम कइल जरूरी बा।
कैजुअल लेबर खातिर मासिक वेतन सीमा ₹1,200 तय बा। एह आधार पर 30 दिन के बोनस के गणना एह तरह से होई:
₹1,200 × 30 ÷ 30.4 = ₹1,184.21
यानी राउंडिंग के बाद लगभग ₹1,184 मिली। अगर वास्तविक मासिक वेतन ₹1,200 से कम बा, त बोनस के गणना ओही कम वेतन के आधार पर होई।
कुछ शर्त के तहत अलग-अलग केंद्रीय कार्यालयन में कइल गइल काम के दिन जोड़ल जा सकेला। हालांकि, एह दिन खातिर पहिले से बोनस, एक्स-ग्रेशिया भा प्रोत्साहन राशि मिलल होखे, त संबंधित नियम लागू होई। साल के दौरान नियमित कर्मचारी बनल कैजुअल लेबर भी जरूरी शर्त पूरा कइला पर पात्र हो सकेलें।
कर्मचारी लोग का करी?
केंद्रीय कर्मचारियन के चाहीं कि ऊ अपना विभाग से बोनस के पात्रता, सेवा अवधि आ भुगतान के प्रक्रिया के जानकारी ले लीं। खास तौर पर छह महीना के सेवा, औसत मासिक वेतन आ कर्मचारी के श्रेणी के जांच कइल जरूरी बा।
सरकार के एह फैसला से पात्र कर्मचारियन के दिवाली से पहिले अतिरिक्त आर्थिक मदद मिले के उम्मीद बा। हालांकि, हर कर्मचारी के बोनस के रकम अलग हो सकेला आ अंतिम भुगतान संबंधित विभाग के नियम के अनुसार कइल जाई।






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