पक्का मकान खातिर करे के होई इंतजार: बिहार सरकार के अनुरोध के केन्द्र सरकार ठुकरवलस, 13. 51 लाख गरीबन के बने के बा आशियाना

By Anurag Ranjan

Published on: Jun 13, 2023

बिहार के गरीबन खातिर बुरा खबर बा। सरकारी पक्का आवास के इंतजार में बइठल गरीबन के इंतेजार प्रतीक्षा आउर बढ़ गइल बा। एह वित्तीय बरिस में ओह लोगन के सपनन के मकान ना मिली। बिहार

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बिहार के गरीबन खातिर बुरा खबर बा। सरकारी पक्का आवास के इंतजार में बइठल गरीबन के इंतेजार प्रतीक्षा आउर बढ़ गइल बा। एह वित्तीय बरिस में ओह लोगन के सपनन के मकान ना मिली। बिहार के 13 लाख 51 हजार 976 आवास लाभुक आवास मिलला से वंचित रह जाई लो।

का बा पूरा ममिला 

दरअसल, बिहार आ केन्द्र के सरकार के बीच छत्तीस के आंकड़ा बा। बिहार सरकार के मांग पs केन्द्र के नजर टेढ़ लउक रहल बा। ग्रामीण विकास से मिलल जानकारी के मोताबिक बिहार सरकार के मांग के केन्द्र के मोदी सरकार नाकार देले बिया।

नतीजा बा कि ई हालात उत्पन्न हो गइल बा। प्राप्त सूचना के मोताबिक वित्तीय बरिस 2023-24 में केन्द्र सरकार आवास के लक्ष्य के स्वीकार नइखे कइले। अइसन मे प्रधानमंत्री आवास सूची के प्रतीक्षा सूची में सूचीबद्ध 13 लाख 51 हजार 976 लाभुक आवास के फायदा लेवे से वंचित रह जाई लो।

अनुरोध के रिजेक्ट कइल गइल 

बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री वित्तीय बरिस 2023-24 में 13 लाख 50 हजार भौतिक लक्ष्य उपलब्ध करावे के अनुरोध केन्द्र से कइले रहे। 2 मई 2023 के ई अनुरोध कइल गइल रहे। बाकिर, केन्द्र के भाजपा सरकार बिहार सरकार के अनुरोध के रिजेक्ट कs देलस।

मिलल जानकारी के मोताबिक केन्द्र सरकार के ओर से वित्तीय 2022-23 में आवास के कवनो लक्ष्य ना दिहल गइल। ममिला इहे ना खतम होइत। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के प्रतीक्षा सूची वर्तमान आवास प्लस सूची में योग्य अनुसूचित जाति, जनजाति के आवास विहीन परिवार के नाम सामिल करे खातिर बिहार सरकार केंद्र सरकार से 13 दिसंबर 2022 के अनुरोध कइले रहे। बाकिर, केन्द्र सरकार एकरो पs आपन सहमति ना देलस। बिहार में अभी ले 42 लाख 38 हजार आवास गरीबन के मिलल बा। ई आंकड़ा साल 2014-15 से अभी ले के हs।

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